
कोरबा। छत्तीसगढ़ विद्युत कंपनी में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली को लेकर अपनी लड़ाई को नए चरण में पहुंचाने का फैसला किया है। लंबे समय से अलग-अलग स्तर पर चल रहे प्रयास अब एक संयुक्त आंदोलन का रूप लेते दिखाई दे रहे हैं। इसी दिशा में कोरबा पश्चिम स्थित ईरेक्टर हॉस्टल में विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी संगठनों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
करीब तीन घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में पुरानी पेंशन योजना लागू कराने के लिए साझा मंच (Joint Platform) के गठन पर व्यापक सहमति बनी। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों के भविष्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर अब सभी संगठनों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
9000 कर्मचारियों के भविष्य का सवाल
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि विद्युत कंपनी में कार्यरत लगभग 9000 अधिकारी एवं कर्मचारियों के हित सीधे तौर पर पुरानी पेंशन योजना से जुड़े हैं। उनका कहना था कि OPS केवल पेंशन की व्यवस्था नहीं है, बल्कि कर्मचारियों और उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार भी है।
उन्होंने कहा कि वर्षों से इस मांग को लेकर विभिन्न संगठन प्रयास कर रहे थे। अब सभी संगठनों के एक मंच पर आने से आंदोलन को नई ताकत मिलने की उम्मीद है।
युवा कर्मचारियों की पहल को मिली सराहना
बैठक में कोरबा पूर्व और कोरबा पश्चिम क्षेत्र के युवा कर्मचारियों की विशेष रूप से सराहना की गई। युवा कर्मचारियों ने विभिन्न संगठनों के बीच संवाद स्थापित कर उन्हें एक मंच पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बैठक में मौजूद नेताओं ने कहा कि यही एकजुटता आगे चलकर कर्मचारियों के हितों की लड़ाई को मजबूत बनाएगी।
27 जून को रायपुर में होगी बड़ी बैठक
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 27 जून 2026 को दोपहर 12 बजे रायपुर स्थित विद्युत कंपनी मुख्यालय डंगनिया में अभियंता संघ कार्यालय में सभी अधिकारी एवं कर्मचारी संगठनों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी।
इस बैठक में प्रदेशभर के विद्युत क्षेत्र में सक्रिय संगठनों के केंद्रीय पदाधिकारियों को आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही साझा मंच के औपचारिक गठन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय
मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन की चेतावनी
बैठक में यह भी तय किया गया कि साझा मंच बनने के बाद कंपनी प्रबंधन और राज्य शासन के समक्ष पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग रखी जाएगी।
प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो प्रदेशव्यापी आंदोलन और हड़ताल की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसके लिए सभी संगठनों को एकजुट कर चरणबद्ध कार्यक्रम घोषित किए जाएंगे।
इन संगठनों के पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अभियंता संघ की ओर से शशांक कर्महे, आरक्षित वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बसुदेव भगत, प्रयाग सिंह कंवर और हर्षवर्धन पाटले शामिल हुए।
कर्मचारी जनता यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष अनिल द्विवेदी, फेडरेशन-01 के प्रांतीय महासचिव आर.सी. चेट्टी, इंटक-56 के प्रदेश अध्यक्ष राम इकबाल, पत्रोपाधि अभियंता संघ के मनोज पटेल तथा युवा अभियंताओं की ओर से प्रतीक शुक्ला और जमीर अहमद भी बैठक में उपस्थित रहे।
इसके अलावा कर्मचारी जनता यूनियन, इंटक-56 और फेडरेशन-01 के अनेक पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता दर्ज कराई।
आयोजन में रही इनकी महत्वपूर्ण भूमिका
बैठक के आयोजन में मनोज वर्मा, सम्मेलाल श्रीवास, शरद सोनी और क्रांति कुमार की विशेष भूमिका रही। वहीं कार्यक्रम का सफल संचालन और समन्वय शब्बीर मेमन ने किया।
बैठक के अंत में सभी संगठनों ने एक स्वर में कहा कि पुरानी पेंशन योजना कर्मचारियों का अधिकार है और इसे लागू कराने के लिए साझा मंच के माध्यम से प्रभावी, व्यापक और निर्णायक संघर्ष चलाया जाएगा।
बैठक में ये हुए शामिल
कर्मचारी जनता यूनियन
- सम्मेलाल श्रीवास
- टी.पी. गुप्ता
- लक्ष्मी प्रसाद यादव
- सुखीदास महंत
- प्रमोद कुमार राठौर
- प्रकाश सिंह राठौर
- सागर देवांगन
- अरुण सागर
- जॉर्ज के. थनकाचंद
इंटक-56
- दिलीप ढोमने
- सहदेव दास
- क्रांति पटेल
- जितेंद्र पांडे
- मोहन सिंह कंवर
- ओ.पी. वर्मा
- रामकलेश वर्मा
- आर.सी. सूर्यवंशी
फेडरेशन-01
- मनोज वर्मा
- घनश्याम साहू
- सरोज राठौर
- पवन दास
- दूजराम साहू
आरक्षित वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ
- प्रयाग सिंह कंवर
- हर्षवर्धन पाटले







