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Power Sector India में आया भूचाल, Adani से लेकर NTPC तक इन 9 दिग्गजों ने किया ऐतिहासिक ऐलान

Chaturpost News Desk | भारतीय  Power Sector India (बिजली क्षेत्र) में इस समय जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। भीषण गर्मी के बीच जहां एक तरफ बिजली की मांग (Power Demand) रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, वहीं दूसरी तरफ देश की बड़ी सरकारी और निजी कंपनियों ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता को लेकर बड़े कदम उठाए हैं। Adani Group के मेगा प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने से लेकर NTPC के रिकॉर्ड उत्पादन और Coal India के बड़े दावों तक, आज देश के एनर्जी सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक दिन साबित हुआ है।

आइए विस्तार से समझते हैं कि देश के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर (Power Infrastructure) को बदलने वाली ये 9 बड़ी खबरें क्या हैं और इनका आपके जीवन और बिजनेस पर क्या असर पड़ने वाला है।

1. उत्तर प्रदेश में Adani Group का जलवा, 7,463 करोड़ के प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी

Power Sector India के लिए आज की सबसे बड़ी खबर उत्तर प्रदेश के सोनभद्र (Sonbhadra) से आ रही है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी (EAC) ने Adani Hydro Energy Five Limited के 1,500 मेगावाट क्षमता वाले पनौरा पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट (Panaura Pumped Storage Project) को पर्यावरण मंजूरी (Environmental Clearance) देने की सिफारिश कर दी है।

❖ क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?

  • बजट: इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹7,463.64 करोड़ है।
  • तकनीक: यह एक Closed-Loop Configuration (बंद-लूप प्रणाली) पर आधारित प्रोजेक्ट है, जिसमें पानी की बर्बादी बेहद कम होती है।
  • उत्पादन: इस प्लांट से हर साल 3,121 मिलियन यूनिट (MU) बिजली पैदा होने की उम्मीद है।

Transition words (इसके अलावा), कमेटी ने अडानी ग्रुप को अंतिम मंजूरी से पहले वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation) और मलबे के निपटान (Muck Disposal Management) के कड़े नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है। यह कदम देश में Clean Energy (स्वच्छ ऊर्जा) के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा।

2. भीषण गर्मी में नहीं कटेगी बिजली! Coal India के पास 168 MT का ‘महास्टॉक’

देश में जारी भीषण गर्मी (Summer Heatwave) के बीच बिजली संकट (Power Crisis) की आशंकाओं पर Coal India Limited (CIL) ने विराम लगा दिया है। कोयला मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, देश के बिजलीघरों को निर्बाध बिजली आपूर्ति (Uninterrupted Power Supply) सुनिश्चित करने के लिए सिस्टम में 168 मिलियन टन (MT) कोयला उपलब्ध है।

Secondary Keywords (Energy Security): इसके अतिरिक्त, भारी मात्रा में कोयला अभी ट्रांजिट (रास्ते में) है। कोल इंडिया का दावा है कि यह स्टॉक पीक डिमांड अवधि (Peak Demand Period) के दौरान देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह पर्याप्त है, जिससे Blackout (बिजली गुल होने) का खतरा टल गया है।

3. NTPC का गुजरात में कमाल, खावड़ा सोलर प्रोजेक्ट पूरी तरह चालू

देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी NTPC Limited ने आज 28 मई 2026 को गुजरात में एक नया इतिहास रच दिया है। कंपनी ने अपने 1,200 मेगावाट के Khavda-II Solar Photovoltaic (PV) Project के अंतिम 105 मेगावाट के हिस्से का कमर्शियल ऑपरेशन (व्यावसायिक संचालन) शुरू कर दिया है।

इसके साथ ही यह पूरा विशालकाय सोलर प्लांट पूरी तरह से ऑपरेशनल (Operational) हो गया है। इस बड़ी उपलब्धि के बाद, NTPC Group की कुल स्थापित क्षमता (Total Installed Capacity) बढ़कर 90,773 मेगावाट तक पहुंच गई है, जो भारत के Renewable Energy Expansion (नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार) को नई ऊंचाई पर ले जाता है।

4. मेक इन इंडिया की बड़ी जीत: कोलकाता में देश के पहले ‘अमूर्त सिलिकॉन सोलर सेल’ का अनावरण

भारतीय वैज्ञानिकों ने Solar Cell Manufacturing के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी सफलता हासिल की है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कोलकाता में Indian Association for the Cultivation of Science (IACS) के 150वें स्थापना दिवस के अवसर पर पूरी तरह स्वदेशी रूप से विकसित PECVD (Plasma Enhanced Chemical Vapour Deposition) सिस्टम का उद्घाटन किया।

विशेषज्ञों की राय (Expertise): यह तकनीक बेहद कम तापमान पर पतली फिल्म जमा करने (Low-Temperature Thin-Film Deposition) में सक्षम बनाती है, जिससे भारत में सोलर सेल का निर्माण बेहद सस्ता और टिकाऊ हो जाएगा। साथ ही, वहां ‘RETINA’ इनक्यूबेशन सेंटर की शुरुआत भी की गई है, जो साइंस स्टार्टअप्स (Scientific Startups) को बढ़ावा देगा।

5. IMFA ने खरीदी EG Urja Strot में 26% हिस्सेदारी, 29 साल का हुआ समझौता

Indian Metals & Ferro Alloys Ltd (IMFA) ने क्लीन एनर्जी की दिशा में बड़ा निवेश किया है। कंपनी ने EG Urja Strot Private Limited में लगभग ₹110.18 करोड़ का निवेश करके 26% हिस्सेदारी हासिल कर ली है।

दोनों कंपनियों के बीच अगले 29 वर्षों के लिए एक पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) साइन हुआ है, जिसके तहत 65 मेगावाट हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी की सप्लाई की जाएगी। इस प्रोजेक्ट में 81.4 मेगावाट सोलर, 102.6 मेगावाट विंड और 25 मेगावाट-घंटा की Battery Energy Storage System (BESS) तकनीक शामिल होगी। इस डील के बाद IMFA की कुल अनुबंधित रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 135 मेगावाट हो गई है।

6. Bajel Projects को बंपर मुनाफा, FY26 में दर्ज की रिकॉर्ड कमाई

पावर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनी Bajel Projects Limited के शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने शेयर बाजार लिस्टिंग के बाद वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में अपना अब तक का सबसे उच्चतम वार्षिक लाभ (Highest Annual Profit) दर्ज किया है।

📊 कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन (Financial Metrics):

  • ऑपरेटिंग रेवेन्यू: FY25 के ₹2,598 करोड़ से बढ़कर ₹2,792 करोड़ हुआ।
  • शुद्ध लाभ (PAT): इसमें 74% का भारी उछाल आया और यह ₹27 करोड़ पर पहुंच गया।
  • EBITDA: 38% बढ़कर ₹125 करोड़ दर्ज किया गया।
  • ऑर्डर बुक: कंपनी को चौथी तिमाही (Q4 FY26) में कई बड़े घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ट्रांसमिशन सेक्टर के ऑर्डर मिले हैं।

7. Enviro Infra की सब्सिडियरी को मिला ₹207 करोड़ का मेगा कॉन्ट्रैक्ट

Enviro Infra Engineers Limited (EIEL) की सहायक कंपनी सुयोग ऊर्जा लिमिटेड (Suyog Urja Limited) ने बाजार में अपनी धाक जमाते हुए ₹207.47 करोड़ का हाइब्रिड एनर्जी EPC कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। इस रकम में जीएसटी (GST) शामिल नहीं है।

इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी को जमीन का अधिग्रहण (Land Aggregation), बैलेंस ऑफ प्लांट (BoP) कार्य, सिविल और इलेक्ट्रिकल वर्क्स, तथा विंड-सोलर इंफ्रास्ट्रक्चर को ग्रिड से जोड़ने का काम करना होगा। कंपनी ने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की अंतिम समय-सीमा 30 जून 2027 तय की है।

8. REC और ERDA के बीच ऐतिहासिक समझौता, बिजली ग्रिड होंगे अब और मजबूत

देश के ग्रामीण और शहरी इलाकों में बिजली वितरण प्रणाली (Power Distribution Network) को सुधारने के लिए सरकारी नवरत्न कंपनी REC Limited ने इलेक्ट्रिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन (ERDA) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह साझेदारी केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना RDSS (Revamped Distribution Sector Scheme) के तहत की गई है। इसके तहत दोनों संस्थाएं थर्ड-पार्टी टेस्टिंग (Third-Party Testing) और टेक्निकल सपोर्ट पर ध्यान केंद्रित करेंगी। Resultantly (परिणामस्वरूप), इससे देश के बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर की विश्वसनीयता और क्वालिटी स्टैंडर्ड्स (Quality Standards) में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

9. ड्रैगन की नजरें अब विदेशी बाजारों पर: चीन की नई ‘क्लीन एनर्जी’ कूटनीति

वैश्विक स्तर पर (Globally), चीन ने दुनिया के रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट पर कब्जा जमाने के लिए एक बेहद आक्रामक और विशालकाय योजना का ऐलान किया है। चीन अब विदेशों में बड़े पैमाने पर Utility-Scale Wind and Solar Projects लगाने की तैयारी कर रहा है।

इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत चीन अंतरराष्ट्रीय लोकेशंस पर लगभग 1,000 विशाल विंड टरबाइन और लाखों सोलर पैनल स्थापित करेगा। चीनी प्रशासन इस प्रोजेक्ट को कई चरणों (Phases) में पूरा करेगा, जिसकी शुरुआत मजबूत हवा वाले क्षेत्रों में विंड इंफ्रास्ट्रक्चर लगाने से होगी। चीन का यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार में नए समीकरण पैदा कर सकता है।

चतुरपोस्ट एनालिसिस (Trust & Authority)

Power Sector India में हो रहे ये बदलाव यह साफ संकेत देते हैं कि भारत केवल थर्मल पावर (कोयला) पर निर्भर नहीं रह रहा है, बल्कि बहुत तेजी से Green Hydrogen, Solar, Wind और Pumped Hydro Storage जैसे विकल्पों की तरफ बढ़ रहा है। अडानी और एनटीपीसी जैसी कंपनियों का यह आक्रामक रुख आने वाले समय में भारत को वैश्विक ऊर्जा हब (Global Energy Hub) बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है।

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S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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