
बिजनेस डेस्क। भारत का पावर सेक्टर (Power Sector) इस समय एक अभूतपूर्व बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ग्रीन एनर्जी (Green Energy) से लेकर थर्मल पावर इंफ्रास्ट्रक्चर तक, देश की दिग्गज बिजली कंपनियां लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। वैश्विक बाजार में बढ़ती मांग और घरेलू स्तर पर बढ़ती बिजली खपत के बीच रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) सेगमेंट में निवेश की बाढ़ आ गई है।
अगर आप भी शेयर बाजार (Stock Market) के निवेशक हैं या देश के बुनियादी ढांचे में हो रहे बदलावों पर नजर रखते हैं, तो चतुरपोस्ट.कॉम (chaturpost.com) की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए भारतीय ऊर्जा जगत की 8 सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण हलचलें:
1. सुजलॉन एनर्जी को सनस्योर से मिला 195 मेगावाट का रिपीट ऑर्डर (Suzlon Energy Big Win)
पवन ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड (Suzlon Energy) ने सनस्योर एनर्जी (Sunsure Energy) से 195 मेगावाट का एक और बड़ा रिपीट ऑर्डर (Repeat Order) हासिल किया है। इस नए ऑर्डर के साथ ही सुजलॉन के 3 मेगावाट प्लेटफॉर्म की कुल बिक्री का आंकड़ा करीब 9 गीगावाट (GW) तक पहुंच गया है।
🍃 इस डील की मुख्य बातें (Key Highlights)
- प्रोजेक्ट की लोकेशन: यह विंड एनर्जी प्रोजेक्ट कर्नाटक के बीजापुर जिले में स्थापित किया जाएगा।
- विंड टर्बाइन सप्लाई: इसके तहत सुजलॉन अपने S144 विंड टर्बाइन जनरेटर (WTG) की 65 यूनिट्स की सप्लाई और इंस्टॉलेशन करेगी, जिनमें प्रत्येक की क्षमता 3.0 मेगावाट है।
- कर्नाटक में दबदबा: इस ऑर्डर के बाद कर्नाटक में सुजलॉन की ऑर्डर बुक 2 गीगावाट (GW) को पार कर गई है।
- 2.4 GW का आंकड़ा: चालू वित्त वर्ष (FY 2026) में कंपनी के S144 प्लेटफॉर्म को अब तक 2.4 गीगावाट से अधिक के ऑर्डर मिल चुके हैं, जो कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&I) सेगमेंट में चौबीसों घंटे (Round-the-Clock) बिजली की भारी मांग को दर्शाता है।
2. नालको के अनुगुल पावर प्लांट विस्तार को मंजूरी, पर पर्यावरण पर चिंता (NALCO Expansion Approved)
नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) के ओडिशा स्थित अनुगुल (Angul) कैप्टिव पावर प्लांट के विस्तार प्रस्ताव को थर्मल प्रोजेक्ट्स के लिए गठित एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी (EAC) ने अपनी सिफारिश दे दी है। यह पूरा प्रोजेक्ट करीब ₹11,313.47 करोड़ का है।
इसके तहत प्लांट की क्षमता को 1,200 मेगावाट से बढ़ाकर 2,280 मेगावाट किया जाएगा, जिसमें 4×270 मेगावाट की सब-क्रिटिकल यूनिट्स लगाई जाएंगी। हालांकि, कमेटी ने ग्रीनबेल्ट एरिया (Greenbelt Area) के 63.8% से घटकर 38.36% होने पर चिंता जताई है, जो कि निर्धारित 33% की कानूनी सीमा से ऊपर तो है, लेकिन पहले से कम है। इसके लिए नालको राख के तालाबों (Ash Ponds) और खाली जमीनों पर बड़े पैमाने पर क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण (Compensatory Plantation) करेगी।
3. एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के चौथी तिमाही के मुनाफे में 15.5% की गिरावट (NTPC Green Energy Q4 Results)
सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी (NTPC Green Energy) के चौथी तिमाही के नतीजों ने निवेशकों को थोड़ा निराश किया है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Net Profit) सालाना आधार पर 15.5% घटकर ₹197 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹233 करोड़ था।
हालांकि, कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में 46.7% की शानदार बढ़ोतरी देखी गई है और यह ₹912.6 करोड़ पर पहुंच गया है। परिचालन लागत (Operational Costs) बढ़ने की वजह से कंपनी का एबिटडा मार्जिन (EBITDA Margin) 90% से घटकर 84.9% पर आ गया है। इसके अलावा बोर्ड ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए ₹5,000 करोड़ जुटाने और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए CtrlS डेटासेंटर्स के साथ एक जॉइंट वेंचर (Joint Venture) बनाने को मंजूरी दी है।
4. आंध्र प्रदेश के कड़पा में SAEL के 600 मेगावाट सोलर प्रोजेक्ट का उद्घाटन (SAEL Solar Project AP)
आंध्र प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्री नारा लोकेश ने कड़पा जिले के जम्मलामडुगु क्षेत्र में SAEL Industries Limited के 600 मेगावाट के विशाल सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया है।
5. हिंदुस्तान पावर ने मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट के साथ किया 800 MW का समझौता (Hindustan Power PSA)
हिंदुस्तान पावर (Hindustan Power) की सहायक कंपनी अनूपपुर पावरप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) के साथ एक पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस ऐतिहासिक समझौते के तहत, हिंदुस्तान पावर मध्य प्रदेश के अनूपपुर में बन रही अपनी नई यूनिट से 800 मेगावाट बिजली की आपूर्ति करेगी। यह एग्रीमेंट साल 2031 से अगले 25 वर्षों के लिए प्रभावी होगा, जिसे आगे 5 साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है। यह पूरा प्रोजेक्ट DBFOO (Design, Build, Finance, Own and Operate) मॉडल पर आधारित है, जिससे मध्य प्रदेश में दीर्घकालिक बिजली उपलब्धता (Long-term Power Availability) सुनिश्चित होगी।
6. स्वीलेक्ट एनर्जी के मुनाफे में बंपर उछाल, FY26 में कमाया ₹57.58 करोड़ का प्रॉफिट (SWELECT Energy Performance)
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की कंपनी स्वीलेक्ट एनर्जी सिस्टम्स लिमिटेड (SWELECT Energy) ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने वित्तीय नतीजों में शानदार रिकवरी दिखाई है। पूरे वित्त वर्ष में कंपनी का टैक्स के बाद कंसोलिडेटेड प्रॉफिट (PAT) बढ़कर ₹57.58 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष में महज ₹13.98 करोड़ था।
कंपनी की ऑपरेशंस से होने वाली आय (Revenue from Operations) भी बढ़कर ₹657.12 करोड़ हो गई है। कंपनी के मैनेजमेंट के अनुसार, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (Battery Energy Storage Systems – BESS) के क्षेत्र में कदम रखने और सोलर मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार निवेश करने से कंपनी को यह बंपर ग्रोथ हासिल हुई है।
7. विक्रान इंजीनियरिंग की ऑर्डर बुक ₹5,737 करोड़ के पार (Vikran Engineering Order Book)
बिजनेस इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की तेजी से बढ़ती कंपनी विक्रान इंजीनियरिंग लिमिटेड (Vikran Engineering) की ऑर्डर बुक 22 मई 2026 तक ₹5,737 करोड़ के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई है।
📊 ऑर्डर बुक का ब्रेकअप (Order Book Segment)
- सोलर प्रोजेक्ट्स (Solar Projects): कुल ऑर्डर बुक का 49% हिस्सा
- पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (T&D): 39% हिस्सा
- वॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर (Water Infra): 11% हिस्सा
- रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर: 1% हिस्सा
चौथी तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी का नेट प्रॉफिट 48.3% बढ़कर ₹56 करोड़ रहा है। कंपनी ने पीएम कुसुम (PM KUSUM) योजना के तहत महाराष्ट्र में अपना दूसरा 5 मेगावाट का सोलर प्लांट भी चालू कर दिया है।
8. गुडलक इंडिया को नेपाल से मिला 13.6 मिलियन डॉलर का बड़ा एक्सपोर्ट ऑर्डर (Goodluck India Nepal Order)
भारतीय स्टील और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी गुडलक इंडिया लिमिटेड (Goodluck India) ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। कंपनी को नेपाल में एक 400 kV डबल-सर्किट ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट (Transmission Line Project) के लिए गैल्वनाइज्ड स्टील टावर स्ट्रक्चर्स और फास्टनर्स की सप्लाई का बड़ा एक्सपोर्ट ऑर्डर मिला है।
इस कॉन्ट्रैक्ट की कुल वैल्यू 13.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 14,500 मीट्रिक टन सामग्री) है। कंपनी के इतिहास में इस बिजनेस वर्टिकल का यह अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर है, जिसे अगले 18 महीनों में अलग-अलग चरणों (Phases) में पूरा किया जाएगा। इस ऑर्डर से कंपनी की ग्लोबल प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन (Global Project Execution) क्षमताओं को नई पहचान मिली है।
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पावर सेक्टर एनालिसिस: भारत के ऊर्जा क्षेत्र (Power Sector News) में हो रहे ये बड़े बदलाव साफ संकेत दे रहे हैं कि आने वाले समय में क्लीन एनर्जी और मजबूत ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर देश की आर्थिक तरक्की की रीढ़ बनने वाले हैं। बिजली जगत की ऐसी ही तकनीकी और कॉरपोरेट खबरों की सबसे सटीक अपडेट्स के लिए पढ़ते रहिए चतुरपोस्ट.कॉम।







