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Smart Meter डेडलाइन करीब और अब तक आधा ही हो सका है काम: CSPDCL को झेलनी पड़ सकती है सरकार की नाराजगी

Smart Meter रायपुर।  छत्‍तीसगढ़ में सामान्‍य बिजली मीटरों को बदलकर स्‍मार्ट मीटर लगाने की रफ्तार बेहद धीमी है। आलम यह है कि केंद्र की तरफ से डेडलाइन करीब है अब तक आधा से ज्‍यादा काम बचा हुआ है। समय पर लक्ष्‍य पूरा नहीं होने की स्थिति में पावर कंपनी को केंद्र की न केवल नाराजगी झेलनी पड़ सकती है बल्कि फंडिंग पर भी असर पड़ सकता है।

31 दिसंबर को खत्‍म हो रही डेडलाइन

सामान्‍य मीटरों को बदलकर स्‍मार्ट मीटर लगाने की डेडलाइन पहले 31 अगस्‍त 2025 थी। बाद में इसे बढ़ाकर नवंबर फिर दिसंबर 2025 किया गया है।

केवल दस फीसदी सरकार कार्यालयों में ही लग पाया है स्‍मार्ट मीटर

अफसरों के अनुसार प्रदेश के एक लाख 72 हजार सरकारी कार्यालयों में स्‍मार्ट मीटर लगाया जाना है। इसमें पंचायत स्‍तर के भी कार्यालय शामिल हैं। बताया जा रहा है कि अब तक केवल 10 फीसदी सरकारी कार्यालयों में ही स्‍मार्ट मीटर लग पाए हैं।

60 लाख घरों में लगाना है स्‍मार्ट मीटर

छत्‍तीसगढ़ के 60 लाख उपभोक्ताओं में से 50 फीसदी के कनेक्शनों में ही स्मार्ट मीटर लग सके हैं। इसकी डेडलाइन भी दिसंबर है, लेकिन तय डेडलाइन तक सभी उपभोक्ताओं के कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर लगने संभव नहीं हैं।

केंद्रीय मंत्री पहले ही जता चुके हैं नाराजगी

अफसरो के अनुसार सरकारी दफ्तरों में स्मार्ट मीटर लगने की धीमी रफ्तार को लेकर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर नाराजगी जता चुके हैं। जानकारों के अनुसार यदि समय सीमा में काम नहीं हुआ तो वितरण कंपनी को कई तरह के झटके लग सकते हैं।

दो कंपनियां कर रही है काम

छत्‍तीसगढ़ में स्‍मार्ट मीटर लगाने का ठेका  टाटा और जीनस कंपनी को मिला है। उपभोक्ताओं के परिसर में मीटर लगाने के साथ ही दो लाख से ज्यादा ट्रांसफार्मरों में मीटर लगेंगे।

 डेडलाइन बढ़ने की उम्‍मीद

अफसरो के अनुसार अभी बड़ी संख्‍या में मीटर बदलने का काम बाकी है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार स्‍मार्ट मीटर बदले की नई डेडलाइन मार्च 2026 तक बढ़ाई जा सकती है।

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