Chaturpost News Network | रायपुर छत्तीसगढ़ में स्वच्छता (Cleanliness) और सुशासन (Good Governance) को लेकर विष्णुदेव साय सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सभी नगरीय निकायों (Urban Bodies) में 1 मई से 31 मई 2026 तक ‘स्वच्छता महा अभियान – 2026’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल शहरों को साफ-सुथरा बनाना है, बल्कि आम नागरिकों को कचरा प्रबंधन (Waste Management) के प्रति जागरूक भी करना है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह अभियान ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026’ (Solid Waste Management Rules, 2026) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शुरू किया गया है। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में ‘सुशासन तिहार 2026’ भी मनाया जा रहा है, जिससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और तेजी आएगी।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन
छत्तीसगढ़ सरकार का यह निर्णय केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं है, बल्कि यह देश की शीर्ष अदालत (Supreme Court of India) के निर्देशों का पालन भी है। सिविल अपील क्रमांक 6174/2023 और 7728/2023 में पारित आदेशों के आलोक में राज्य सरकार ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के कड़े नियम लागू करने का फैसला किया है।
इसके अलावा (Additionally), भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 28 जनवरी 2026 को अधिसूचित नियमों के तहत अब निकायों को अधिक जवाबदेह बनाया गया है।
महापौर और पार्षद बनेंगे ‘लीड फैसिलिटेटर’
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता (Feature) यह है कि इसमें जनप्रतिनिधियों की भूमिका को सबसे ऊपर रखा गया है।
- शहर के प्रथम नागरिक यानी महापौर (Mayor) और सभी पार्षद (Councilors) अपने वार्डों में प्रमुख सुविधाप्रदाता (Lead Facilitators) के रूप में कार्य करेंगे।
- इनका मुख्य काम वार्डवासियों को स्रोत पर पृथक्करण (Source Segregation) यानी सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग करने के लिए प्रेरित करना होगा।
- जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्रचार-प्रसार (Promotion) कर कचरा प्रबंधन को जन-आंदोलन बनाने की तैयारी है।
एक नजर में स्वच्छता महा अभियान (Quick Highlights)
नगरीय प्रशासन विभाग ने इस अभियान के लिए विस्तृत मार्गदर्शिका (Guidelines) भी संलग्न की है। आइए जानते हैं इस एक महीने के कार्यक्रम की मुख्य बातें:
- अभियान की अवधि (Duration): 01 मई से 31 मई, 2026 तक।
- मुख्य उद्देश्य (Goal): ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना।
- संयुक्त आयोजन: स्वच्छता महा अभियान के साथ-साथ ‘सुशासन तिहार 2026’ का भी सफल संचालन होगा।
- टारगेट ऑडियंस: छत्तीसगढ़ के सभी नगरीय निकायों के रहवासी और संस्थान।
सुशासन तिहार 2026: जनता के द्वार तक सरकार
स्वच्छता के साथ-साथ सुशासन (Good Governance) का मेल इस बार देखने को मिलेगा। सरकार की योजना है कि निकायों के कामकाज में आने वाली रुकावटों को दूर किया जाए। इस अवधि (Period) के दौरान पेंडिंग फाइलों का निपटारा और आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 की चुनौतियां
विशेषज्ञों (Experts) का मानना है कि कचरा प्रबंधन केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। संक्रमण (Infection) और प्रदूषण (Pollution) को रोकने के लिए रहवासियों को अपने घर से ही कचरा अलग करके देना होगा। इस अभियान के दौरान इसी ‘बिहेवियरल चेंज’ (Behavioral Change) पर सबसे ज्यादा फोकस किया जाएगा।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास ने राज्य के समस्त आयुक्तों (Commissioners) और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस अभियान के क्रियान्वयन (Implementation) में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय-समय पर अभियान की प्रगति की समीक्षा मंत्रालय (Ministry) स्तर पर की जाएगी।
निष्कर्ष: बदल जाएगी छत्तीसगढ़ की सूरत
अगर यह अभियान जमीनी स्तर पर सफल होता है, तो छत्तीसगढ़ स्वच्छता के मामले में देश में एक बार फिर नंबर वन राज्य बनकर उभर सकता है। सुशासन तिहार और स्वच्छता महा अभियान का यह अनूठा संगम प्रदेश के शहरी ढांचे (Urban Infrastructure) को एक नई मजबूती प्रदान करेगा।
आम नागरिकों को भी चाहिए कि वे अपने वार्ड के पार्षदों और निकाय के कर्मचारियों के साथ कदम से कदम मिलाकर इस महा अभियान (Mega Campaign) को सफल बनाएं।
संदर्भ: संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास छत्तीसगढ़, आदेश क्रमांक SUDA/SBM/2026/530।

