
CSPC रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली कंपनियों ने शेयर मार्केट में उतरने की तैयारी शुरू कर दी है! चर्चा है कि अभी केवल पावर ट्रांसमिशन कंपनी शेयर मार्केट में लिस्टिंग कराने जा रही है, जबकि उत्पादन और वितरण कंपनी बांड जारी करेगी। इसका प्रस्ताव सोमवार (23 मार्च) को होने वाले बोर्ड ऑफ डॉयरेक्टर्स (बीओडी) की बैठक में रखा जा सकता है।
निजीकरण की राह पर पावर कंपनी!
चर्चा है कि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी की 23 मार्च को होने वाली बोर्ड की बैठक में शेयर मार्केट में लिस्टिंग करने का प्रस्ताव लाया जा रहा है। कर्मचारी नेता इसे कंपनी के निजीकरण के प्रयास के रुप में देख रहे हैं।
अनुमोदन की पूरी संभावना
सूत्रों के अनुसार ट्रांसमिशन कंपनी के शेयर मार्केट में लिस्टिंग के संबंध में प्रस्ताव तैयार कर लिया है जिसका अनुमोदन प्राप्त होने की पूरी संभावना है। इसके बाद इसे राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा, कैबिनेट से अनुमोदन के बाद सरकार अपने शेयर मार्केट में बेच सकेगी इस तरह से निजीकरण का रास्ता स्वतः खुल जाएगा।
यह होगा असर
शेयर मार्केट में उतरने से कंपनी पर मौजूदा बोर्ड का एकाधिकार खत्म हो जाएगा और कंपनी का स्वरुप बदल जाएगा। इस चर्चा ने बिजली कंपनी के कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। इस बात की भी आशंका व्यक्त की जा रही है कि आने वाले समय में इसका असर आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा।
शेयर की बजाय बांड जारी करने बाकी दोनों कंपनियां
दूसरी ओर जनरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने शेयर मार्केट में लिस्टिंग के बजाय बॉन्ड जारी करने का फैसला किया है जो कि एक अच्छा कदम माना जाता है । बताया जा रहा है कि इस सुगबुगाहट की जानकारी बाहर आते ही कर्मचारी अधिकारी संगठनों में तीव्र प्रतिक्रिया सामने आ रही है। एक लाभ वाली कंपनी को यदि पैसे की आवश्यकता है तो इसकी पूर्ति वह बॉन्ड जारी करके भी कर सकती है ऐसा लोगों का कहना है।
उत्तर प्रदेश में चल रहा है विरोध
बता दें कि उत्तर प्रदेश में वहां के बिजली अधिकारी, कर्मचारी और इंजीनियर करीब एक साल से ज्यादा समय से आंदोलन कर रहे हैं। आरोप है कि उत्तर प्रदेश सरकार बिजली कंपनियों का निजीकरण कर रही है।







