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RDSS में छत्‍तीसगढ़ को मिला 1168.78 करोड़: केंद्र ने जारी किया डाटा, दावा भारत में बिजली संकट खत्‍म

RDSS  नई दिल्ली: देश में बिजली की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार ने उत्साहजनक आंकड़े पेश किए हैं। पिछले एक दशक में किए गए बड़े बदलावों और निवेश के कारण भारत अब बिजली की कमी (Power Deficit) वाले देश से निकलकर बिजली सरप्लस (Power Sufficient) वाला देश बन गया है। सरकार की कोशिश अब देश के हर कोने में 24×7 निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की है।

गांवों और शहरों में बढ़ी बिजली की उपलब्धता

बिजली मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बिजली की सप्लाई में भारी सुधार हुआ है:

ग्रामीण क्षेत्र: साल 2015 में जहां गांवों में औसतन 12.5 घंटे बिजली मिलती थी, वह वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर 22.6 घंटे हो गई है।

शहरी क्षेत्र: शहरों में बिजली की उपलब्धता अब बढ़कर औसतन 23.6 घंटे तक पहुंच गई है।

इंडिया पावर रिपोर्ट 2026

बिजली आपूर्ति में ऐतिहासिक सुधार

ग्रामीण आपूर्ति (FY25) 22.6 घंटे
शहरी आपूर्ति (FY25) 23.6 घंटे
कुल क्षमता (Jan 26) 5,20,511 MW
AT&C घाटा (कमी) 15.04%
अक्षय ऊर्जा (RE) लक्ष्य की ओर 263 GW / 600 GW
स्रोतः विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार

पावर सेक्टर में आए बड़े बदलाव

सरकार ने 2014 से अब तक बिजली उत्पादन और वितरण के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं:

1.  रिकॉर्ड बिजली उत्पादन: 2014 से अब तक 2,96,388 मेगावाट (MW) की अतिरिक्त क्षमता जोड़ी गई है। जनवरी 2026 तक देश की कुल स्थापित बिजली क्षमता 5,20,511 मेगावाट हो गई है।

2.  मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क: देश भर में 2.12 लाख सर्किट किलोमीटर से अधिक ट्रांसमिशन लाइनें बिछाई गई हैं।

3.  वितरण में सुधार (RDSS स्कीम): बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) के घाटे को कम करने और उन्हें आधुनिक बनाने के लिए 2.83 लाख करोड़ रुपये की ‘रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम’ (RDSS) पर काम चल रहा है। इसके तहत स्मार्ट मीटरिंग पर जोर दिया जा रहा है।

4.  ग्रीन एनर्जी पर फोकस: भारत अब अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) की ओर तेजी से बढ़ रहा है। जनवरी 2026 तक देश में 263 GW सौर और पवन ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है। सरकार का लक्ष्य 2032 तक इसे 600 GW के पार ले जाने का है।

छत्तीसगढ़: RDSS बिजली रिपोर्ट

कुल स्वीकृत बजट: ₹8,126 करोड़

स्मार्ट मीटरिंग बजट₹4,105 Cr
बुनियादी ढांचा (Infra)₹4,021 Cr
अब तक जारी फंड₹1,168.78 Cr

बजट वितरण: स्मार्ट मीटर (50.5%) बनाम इन्फ्रा (49.5%)

ताजा अपडेट: 16 मार्च 2026 तक केंद्र द्वारा जारी फंड से छत्तीसगढ़ में बिजली लाइनों के आधुनिकीकरण और सब-स्टेशनों के अपग्रेडेशन का काम तेज हो गया है।

डाटा सोर्स: विद्युत मंत्रालय | अपडेटेड: मार्च 2026

बिजली कंपनियों के घाटे में आई कमी

सरकारी प्रयासों के कारण बिजली चोरी और तकनीकी खराबी से होने वाले नुकसान (AT&C Losses) में भी बड़ी गिरावट आई है। यह नुकसान वित्त वर्ष 2021 के 21.91% से घटकर वित्त वर्ष 2025 में 15.04% पर आ गया है। नुकसान कम होने से बिजली कंपनियां आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, जिसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को बेहतर सर्विस और सही टैरिफ के रूप में मिलेगा।

छत्तीसगढ़ RDSS अपडेट

स्वीकृत बजट: ₹8,126 Cr जारी फंड: ₹1,168 Cr

भविष्य की तैयारी: 2032 तक का मास्टर प्लान

सरकार ने नेशनल इलेक्ट्रिसिटी प्लान (NEP) के तहत भविष्य की तैयारी भी कर ली है:

बैटरी स्टोरेज: सौर ऊर्जा को रात में इस्तेमाल करने के लिए 13,850 MWh क्षमता के बैटरी स्टोरेज (BESS) के लिए फंड जारी किया गया है।

नेशनल ग्रिड का विस्तार: 2032 तक ट्रांसमिशन नेटवर्क को 6.48 लाख सर्किट किलोमीटर तक फैलाने की योजना है।

नियमों में बदलाव: CERC ने ‘सोलर-आवर’ और ‘नॉन-सोलर आवर’ कनेक्टिविटी जैसे नियम पेश किए हैं ताकि बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर का अधिकतम उपयोग हो सके।

क्र.राज्य/यूटीस्मार्ट मीटरिंग (लागत)इंफ्रा कार्य (लागत)कुल परिव्ययGBS (स्मार्ट मीटर)GBS (इंफ्रा)कुल GBSकुल जारी (RDSS)
1A&NI544625161241642840.96
2Andhra Pradesh4,12810,70814,8368156,4257,2402456.11
3Arunachal Pradesh1841,0421,22654938992247.29
4Assam4,0503,3957,4441,0523,0554,1072391.18
5Bihar2,02110,55912,5814126,3366,7483484.87
6Chhattisgarh4,1054,0218,1268042,4123,2171168.78
7Delhi1332433721941960
8Goa4692477169514824340.48
9Gujarat10,6426,08916,7311,8853,6535,5381910.82
10Haryana6,7946,7944,0764,076656.11
11Himachal Pradesh1,7882,3274,1164662,0952,561495.06
12Jammu & Kashmir1,0645,0346,0982724,5314,8032108.75
13Jharkhand8583,4684,3261912,0812,272569.4
14Karnataka454527275.34
15Kerala8,2313,10811,3391,4131,8653,278460.23
16Ladakh87687678878881.3
17Madhya Pradesh8,9119,73818,6491,5045,8437,3473343.46
18Maharashtra15,21517,23832,4532,84010,34313,1823776.73
19Manipur12162774838564602150.09
20Meghalaya3101,2321,542861,1091,195297.72
21Mizoram1823225036129035198.85
22Nagaland20846667460419479114.08
23Puducherry25184335565110714.3
24Punjab5,7693,8739,6429602,3243,284563.76
25Rajasthan9,71518,69328,4081,68611,21612,9022461.38
26Sikkim9742051830378409106.52
27Tamil Nadu19,2359,56828,8033,3985,7419,1391019.44
28Telangana120120727235.65
29Tripura31959891780538619302.46
30Uttar Pradesh18,95621,78240,7393,50113,06916,5706603.12
31Uttarakhand1,1062,3713,4773102,1342,444613.91
32West Bengal12,6707,22319,8932,0894,3346,423897.73
कुल योग (Sub Total)1,30,6711,52,8542,83,52524,17397,4641,21,63836515.88
*सभी आंकड़े करोड़ (₹) में हैं | अपडेट: 16.03.2026

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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