
E-Invoice रायपुर। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही देश में कर (Tax) से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदल गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर व्यापारियों, निवेशकों और विदेश यात्रा करने वालों पर पड़ेगा। नियमों का पालन न करना व्यापारियों के लिए भारी पड़ सकता है, इसलिए इन बदलावों को समझना बेहद जरूरी है।
बिल बुक की नंबरिंग और ई-इनवॉइस अनिवार्य
नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही व्यापारियों को अपनी बिल बुक की नंबरिंग दोबारा शुरू करनी होगी। पुराने नंबरों को जारी रखना नियमों के खिलाफ माना जाएगा।
- ई-इनवॉइस: यदि वित्तीय वर्ष 2025-26 में आपका टर्नओवर 5 करोड़ रुपये से अधिक रहा है, तो 1 अप्रैल से ई-इनवॉइस अनिवार्य कर दिया गया है।
- बिना IRN बिल अमान्य: अब बिना IRN (Invoice Reference Number) से अप्रूव किया गया इनवॉइस अमान्य माना जाएगा। हर बिल सरकारी पोर्टल के माध्यम से बनाना अनिवार्य होगा।
QRMP स्कीम और TCS की नई दरें
छोटे व्यापारियों के लिए रिटर्न भरने की QRMP (Quarterly Return Monthly Payment) स्कीम में प्रवेश करने या बाहर निकलने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल तय की गई है।
इसके अलावा, टीसीएस (TCS) की दरों में भी बदलाव हुआ है:
- स्क्रैप और मिनरल्स: टीसीएस 1% से बढ़ाकर 2% कर दिया गया है।
- तेंदूपत्ता: व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए तेंदूपत्ता पर टीसीएस दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई है।
विदेश में पढ़ाई और इलाज हुआ सस्ता (LRS)
लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत विदेश पैसे भेजने वालों के लिए अच्छी खबर है:
- शिक्षा और इलाज: 10 लाख रुपये से अधिक भेजने पर अब 5% के बजाय केवल 2% टीसीएस लगेगा।
- टूर पैकेज: ओवरसीज टूर पैकेज पर टीसीएस 2% कर दिया गया है और 10 लाख की सीमा को समाप्त कर दिया गया है।
शेयर बाजार: STT में बढ़ोतरी
शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों की जेब पर बोझ बढ़ेगा। इक्विटी फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर STT (Securities Transaction Tax) में वृद्धि की गई है:
- इक्विटी फ्यूचर्स: 0.02% से बढ़ाकर 0.05%।
- इक्विटी ऑप्शंस: 0.10% से बढ़ाकर 0.15%।
- ऑप्शंस एक्साइज: 0.125% से बढ़ाकर 0.15%।
विशेषज्ञ की राय
“नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही कर नियमों में व्यापक बदलाव हुए हैं। इनमें जहां एक ओर करदाताओं को राहत मिली है, वहीं ई-इनवॉइस जैसे कड़े नियम भी लागू हुए हैं। सुचारू व्यापार के लिए इन नियमों का समय पर पालन करना आवश्यक है।”
— चेतन तारवानी, वाइस चेयरमैन, छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज







