
Vidhansabha रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को प्रश्नकाल में पहले ही सवाल पर सदन गरमा गया। जेल में बंदियों की मौत से जुड़ा यह सवाल भूपेश बघेल की तरफ से पूछा गया था। इस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने उत्तर दिया। सवाल- जवाब के बीच सदन में गरमा गया और कांग्रेस के विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से वाकआउट कर दिया।
पढ़िए- सिलसिलेवार पढ़ें सदन में हुई चर्चा
भूपेश बघेल ने पूछ कि जेल में जिन 66 मौतों की जानकारी दी गई है उनमें कवर्धा जेल में पंकज साहू की हुई मौत कांकेर जेल में हुई जीवन ठाकुर कांकेर की मौत का मामला है या नहीं।
विजय शर्मा- इन 66 में पंकज साहू का नाम नहीं है, वह घटना जनवरी 2025 से पहले के हैं। जीवन ठाकुर वह नाम इस सूची में शामिल है। उनका डिटेल भी है। कांकेर जेल में थे और कांकेर जेल के बाद उनको कोर्ट के आदेश पर व्यवहार के कारण रायपुर जेल में शिफ्ट किया गया। तबीयत खराब होने के कारण जिला अस्पताल फिर मेकाहरा शिफ्ट किया गया। जहां उनकी मृत्यु हुई। प्रक्रिया समय पूर्वक की गई है।
भूपेश बघेल- जीवन ठाकुर आदिवासी नेता थे, फर्जी केस में फंसाया गया। कांकेर जेल में डाला गया उसके साथ उसके लड़के को भी जेल में भी डाला गया। शुगर मरीज थे समय पर दवाई नहीं मिल रही थी। जेल अधीक्षक की बहुत सारी शिकायत हुई। मिलने नहीं देते , इलाज कराने नहीं देते थे। आदिवासी समाज ने शिकायत किया चक्का जाम किया, जांच की मांग की थी। क्या जांच की, क्या पाया गया।
विजय शर्मा- फर्जी प्रकरण कहना ठीक नहीं है। जांच के प्रतिवेदन है फर्जी तरीके से वन अधिकार पत्र आदि बनाने के पूर्ण प्रमाण है। जांच के बाद आठ लोगों गिरफ्तार किया गया था। उनको शुगर की समस्य थी, 13 से 25 अक्टूबर तक कांकेर मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे तब परिवार के लोग मिलते थे और साथ रहते रहे। फिर से जेल में रखा गया।
विजय शर्मा- केवल परिजन ही नहीं कांकेर के जेल किसी को मुलाकात से नहीं रोका गया। जेल के अंदर जो कुछ हो रहा था, जेल के अधीक्षक का प्रतिवेदन है। उन्होंने कोर्ट से कहा कि जेल में सहयोग नहीं करते हैं, जेल के डॉक्टर ने कहा कि बार- बार कहने पर भी समय पर भोजन नहीं करते हैं और परहेज नहीं करते हैं बार- बार शुगर बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद कोर्ट के निर्देश पर उनका रायपुर स्थानांतरण कराया गया। कोई कोताही नहीं बरती गई।
भूपेश बघेल- वो अपना शुगर बढ़ाना चाहते हैं। सबसे अच्छा देखभाल कौन कर सकता है। लड़का भी जेल में था, क्या दोनों एक ही बैरक में थे और बाद में अलग कर दिया गया। अनिला भेंड़िया और सावित्री मंडावी ने मिलने का रिक्वेस्ट लेकिन मिलने नहीं दिया गया।
विजय शर्मा- मैं नहीं कह रहा हूं डॉक्टर ने कहा ऐसा। डॉक्टर की यह रिपोर्ट दुर्घटना (निधन) के पूर्व कहा गया है। अन्य बंदियों का भी बयान लिया गया है। उनका एक ही बेटा नहीं है दूसरा बेटा भी, घर पर था।
भूपेश बघेल- मृत्यु पर संदेह है जेल अधीक्षक की शिकायत किए हैं, मंत्री से निवेदन करना चाहता हूं विधानसभा की समिति से जांच कराएंगे।
विजय शर्मा- इस मामले में पहले से मजिस्ट्रेट जांच कर रहे हैं। हर व्यक्ति किसी न किसी समाज से जुड़ा है। जेल में जो घटनाएं, होती है सभी का मजिस्ट्रेट जांच करते हैं।
सावित्री मंडावी – जीवन ठाकुर के साथ 8 लोगों को नहीं किया गया था तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था, बाद में उनके बेटे की भी मृत्यु हो गई। बिना परिवार को बताए बिना रेफर किया गया था।
विजय शर्मा- स्थानांतरण के बाद परिवार को सूचना दी गई।
भूपेश बघेल – यह सरकारी हत्या है।
इसके बाद कांग्रेस के विधायकों ने नारेबीज करने लगे और मंत्री के उत्तर पर असंतोष जाहिर करते हुए सदन से बाहर चले गए।







