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Weather इस साल भीषण गर्मी की संभावना: हीटवेव से निपटने अभी से तैयारी शुरू, स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने जारी किया अलर्ट

Weather रायपुर। छत्‍तीसगढ़ में मार्च के शुरुआत में ही अधिकतम तापमान 38 डिग्री तक पहुंच गया है। इस साल भीषण गर्मी पड़ने की संभावना के बीच तापमान के इस रुख को देखते हुए गर्मी और हीटवेव से बचाव की तैयारी राज्‍य सरकार ने अभी से शुरू कर दी है। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया है।

तापमान सामान्‍य से ऊपर

प्रदेश के ज्‍यादार स्‍थानों का अधिकतम और न्‍यूनतम तापमान सामान्‍य से ऊपर चला गया है। राजनांदगांव का अधिकतम तापमान 38 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, एक दिन पहले रायपुर का अधिकतम तापमान सामान्‍य से करीब साढ़े चार डिग्री ऊपर 37.8 डिग्री तक पहुंच गया था, लेकिन शनिवार को यह 36.7 डिग्री रहा।

अगले दो तीन दिनों में बढ़ेगा तापमान

मौसम विभाग ने रविवार को मौसम शुष्‍क रहने और तापमान में एक से दो डिग्री तक की बढ़ोतरी होने की संभावना व्‍यक्‍त की है। ज्‍यादातर स्‍थानों का दिन का तापमान सामान्‍य से दो से तीन डिग्री ज्‍यादा रह सकता है।

स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने शुरू की तैयारी

भीषण गर्मी की आशंका को देखते हुए स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग ने राज्‍य के सभी प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों से लेकर जिला अस्‍पतालों को पूरी तैयारी करने का निर्देश जारी किया है।

जानिए- क्‍या है हीट स्ट्रोक

राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन National Climate Change कार्यकम की राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ स्मृति देवांगन ने बताया की अत्यधिक तापमान के संपर्क में आने से शरीर में हीट स्ट्रेस heat stress की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे हीट रैश heat rash, मांसपेशियों में ऐंठन, चक्कर आना, सिरदर्द, अत्यधिक प्यास और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गंभीर अवस्था में शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाने पर हीट स्ट्रोक heat stroke की स्थिति बन जाती है, जो चिकित्सकीय आपातकाल मानी जाती है। 

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हीट वेव से बचने के उपाय

हीट वेव heat wave से बचाव के लिए आवश्यक है की गर्मी के मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें, हल्के व ढीले सूती कपड़े पहनें और दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। घर से बाहर निकलते समय सिर को ढककर रखना, नींबू पानी, छाछ और मौसमी फलों का सेवन करना शरीर को हाइड्रेट Hydrate रखने में सहायक होता है। 

गर्मी से इन्‍हें ज्‍यादा खतरा

बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और खुले में काम करने वाले श्रमिकों को गर्मी से अधिक जोखिम माना गया है। ऐसे में इन वर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। यदि किसी व्यक्ति में तेज बुखार, बेहोशी, भ्रम, अत्यधिक कमजोरी या पसीना आना बंद होने जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाकर आपातकालीन सेवा 108 के माध्यम से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

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