
CG Govt Employees रायपुर। छत्तीसगढ़ के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए वित्तीय स्वतंत्रता (Financial Freedom) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रदेश संयोजक कमल वर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मुख्य सचिव को एक औपचारिक प्रस्ताव सौंपा है ।
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इस प्रस्ताव में ‘अर्न्ड वेज एक्सेस’ (Earned Wage Access) मॉडल को लागू करने की मांग की गई है, जिससे कर्मचारी अपनी जरूरत के समय तत्काल वेतन (Immediate Salary Withdrawal) प्राप्त कर सकेंगे ।इस योजना के तहत कर्मचारी महीने के किसी भी दिन अपना वेतन (Salary) निकाल सकेंगे ।
23 जनवरी 2026 को लिखा था पत्र
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और मुख्य सचिव को यह पत्र इसी साल 23 जनवरी को लिखा था।
क्या है ‘अर्न्ड वेज एक्सेस‘ (Earned Wage Access) मॉडल?
आमतौर पर कर्मचारियों को पूरे महीने काम करने के बाद आखिरी या पहली तारीख को वेतन मिलता है । लेकिन इस नए प्रस्ताव के अनुसार:
- कर्मचारी अपनी जरूरत और आपातकालीन स्थिति (Emergency Need) में अर्जित आय को तत्काल निकाल सकेंगे ।
- इससे कर्मचारियों को आकस्मिक खर्चों के लिए कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उन पर वित्तीय दबाव (Financial Strain) कम होगा ।
- यह व्यवस्था पूरी तरह से डिजिटल बैंकिंग (Digital Banking) और सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर आधारित होगी ।
इन राज्यों में पहले से लागू है यह सिस्टम
फेडरेशन ने अपने पत्र में जानकारी दी है कि गोवा और राजस्थान जैसे राज्यों ने इस तरह की कर्मचारी-हितैषी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया है । इससे वहां के कर्मचारियों का मनोबल और उत्पादकता (Productivity) बढ़ी है । अब छत्तीसगढ़ में भी इसी तर्ज पर ‘ऑन डिमांड’ सैलरी (Salary on Demand) की मांग उठ रही है ।







