
रायपुर (chaturpost.com)। छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त बुजुर्गों के सब्र का बांध अब पूरी तरह टूट चुका है। पिछले कई सालों से अपनी गाढ़ी कमाई के एरियर (Arrears) के लिए तरस रहे प्रदेश के करीब 6 लाख अधिकारी, कर्मचारी और पेंशनर अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। राज्य के लगभग चार लाख नियमित कर्मचारियों (Government Employees) और दो लाख से अधिक पेंशनरों का वर्ष 2017 से लेकर दिसंबर 2025 तक का, यानी कुल 86 महीनों का महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) और महंगाई राहत (Dearness Relief) एरियर की राशि का भुगतान अभी तक शासन स्तर पर अटका हुआ है।
इस बेहद गंभीर और लंबित वित्तीय विवाद (Financial Dispute) को लेकर आगामी 14 जून 2026, दिन रविवार को राजधानी रायपुर में एक प्रांतीय समीक्षा बैठक (Review Meeting) बुलाई गई है। ‘एक मांग एक मंच अभियान’ के प्रदेश संयोजक करन सिंह अटेरिया ने इस महाबैठक का आधिकारिक ऐलान करते हुए प्रदेश के सभी कर्मचारी और लिपिक संगठनों को एकजुट होने का आह्वान किया है।
😡 16 हजार हस्ताक्षरों की अनदेखी से बढ़ा आक्रोश
गौरतलब है कि कर्मचारी संगठनों ने अपनी जायज मांगों को लेकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से लगातार प्रयास (Continuous Efforts) किए हैं। इसी सिलसिले में पिछले साल 11 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ शासन के वित्त सचिव (Finance Secretary) को एक व्यापक ज्ञापन सौंपा गया था। इस ज्ञापन की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि इसमें प्रदेश के 16 हजार से अधिक पीड़ित कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनरों की हस्ताक्षर युक्त सूची (Signatures List) संलग्न की गई थी।
कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि इतने बड़े पैमाने पर हुए हस्ताक्षरित आवेदन और व्यक्तिगत अपील के बावजूद, शासन और वित्त विभाग द्वारा अब तक इस पर कोई सकारात्मक कार्यवाही (No Action Taken) नहीं की गई है। प्रशासनिक स्तर पर दिख रही इस घोर उदासीनता (Bureaucratic Apathy) के कारण ही अब कर्मचारियों को मजबूरन आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ रहा है।
📍 रायपुर में बैठक का समय और स्थान (Venue & Timing)
- दिनांक और दिन (Date & Day): 14 जून 2026, रविवार (Sunday)
- समय (Time): दोपहर ठीक 12:00 बजे से
- स्थान (Venue): ‘दी होटल रियल कॉम्बो’ (प्रोग्रेसिव पॉइंट), पचपेड़ी नाका से आगे, फ्रूट्स मार्केट, धमतरी रोड, रायपुर (छत्तीसगढ़)
📌 महाबैठक के मुख्य एजेंडे और गंभीर मुद्दे (Key Agendas)
इस महत्वपूर्ण बैठक में केवल एरियर ही नहीं, बल्कि कई अन्य नीतिगत मामलों (Policy Matters) और कर्मचारी हितों से जुड़ी मांगों पर गहन विचार-विमर्श कर आगामी रणनीति (Future Strategy) के तहत सामूहिक आंदोलन अथवा प्रांतीय सम्मेलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। मुख्य मुद्दे निम्नलिखित हैं:
- 86 महीने का लंबित भुगतान: वर्ष 2017 से दिसंबर 2025 तक के CG DA Arrears की विशाल राशि का एकमुश्त भुगतान सुनिश्चित करवाना।
- जनवरी 2026 से 2% नया डीए: केंद्र सरकार के समान ही राज्य के कर्मचारियों के लिए भी जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता और पेंशनरों को महंगाई राहत तुरंत लागू करने की मांग।
- लिपिकों की वेतन विसंगति: लिपिक वर्गीय (Clerical Staff) कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित वेतन विसंगति (Pay Anomaly) का स्थायी समाधान ढूंढना।
- एकजुट आंदोलन का शंखनाद: सभी विभागों के कर्मचारियों को एक मंच पर लाकर एक बड़े और प्रभावी प्रदेशव्यापी आंदोलन (Statewide Agitation) की घोषणा करना।
🤝 “कर्मचारी हित में अमूल्य समय दें” – संयोजक करन सिंह अटेरिया
‘एक मांग एक मंच अभियान’ के प्रदेश संयोजक करन सिंह अटेरिया ने छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से आने वाले कर्मचारी प्रतिनिधियों से भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति या विशेष संगठन की नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के उन 6 लाख परिवारों के आर्थिक अधिकारों (Financial Rights) की रक्षा का सवाल है, जो महंगाई के इस दौर में अपनी रुकी हुई राशि का इंतजार कर रहे हैं।
अटेरिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि 14 जून की समीक्षा बैठक में सरकार की तरफ से कोई ठोस आश्वासन या संकेत नहीं मिलता है, तो बारिश के आगामी सत्र में छत्तीसगढ़ के शासकीय कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह ठप करने जैसी रणनीति पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने सभी कर्मचारी, पेंशनर और विशेष रूप से लिपिक वर्गीय साथियों से अनुरोध किया है कि वे इस बैठक को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने में अपना पूरा सहयोग प्रदान करें।







