
रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने खाद माफियाओं और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रायपुर और दुर्ग संभाग के विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में मंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा कि उर्वरकों की जमाखोरी या तय कीमत से अधिक पर बिक्री करने वालों पर सीधी कानूनी कार्रवाई होगी और गड़बड़ी मिलने पर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
खाद की नहीं होगी कमी, पश्चिमी एशिया संकट पर सरकार सजग
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित बैठक के दौरान मंत्री नेताम ने कहा कि पश्चिमी एशिया में चल रहे संकट की वजह से उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाओं के बीच राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि खाद की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, इसलिए किसान किसी भी तरह से ‘पैनिक’ न हों। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित और आकस्मिक निरीक्षण करें।
5 मई से शुरू होगा ‘विकसित भारत संकल्प अभियान’
बैठक में आगामी 5 मई से 20 मई तक प्रदेश भर में चलने वाले “विकसित भारत संकल्प अभियान” की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
- गांव-गांव जाएगी टीम: कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी खेतों तक पहुंचकर किसानों को आधुनिक खेती और वैकल्पिक उर्वरकों (NPK, SSP) की जानकारी देंगे।
- मौके पर समाधान: यह अभियान केवल कागजी नहीं होगा, बल्कि मौके पर ही किसानों की समस्याओं का निपटारा किया जाएगा।
- एग्रीस्टैक पोर्टल: पीएम किसान योजना का लाभ दिलाने के लिए शेष बचे किसानों का पंजीयन एक सप्ताह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
धान के बदले दलहन-तिलहन और मखाना खेती पर जोर
मंत्री ने अधिकारियों को नवाचार करने और फसल चक्र परिवर्तन पर जोर देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- फसल विविधीकरण: रायपुर संभाग में ग्रीष्मकालीन धान के रकबे को कम कर दलहन, तिलहन और मक्का को बढ़ावा दिया जाए। धमतरी जिले में इस दिशा में हुए काम की उन्होंने सराहना की।
- नवाचार: जल निकायों (Water Bodies) में मखाना और सिंघाड़ा की खेती के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने और मछली पालन को इससे जोड़ने के निर्देश दिए।
- जैविक खेती: रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करने के लिए किसानों को जैविक खेती के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जाए।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
समीक्षा बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार सहित कृषि, बीज निगम, मत्स्य पालन और उद्यानिकी विभाग के संचालक उपस्थित थे। मंत्री ने ‘पी.एम. आशा’ योजना के तहत दलहन-तिलहन की खरीदी में तेजी लाने और दूरस्थ अंचलों में प्राथमिकता के आधार पर खाद का भंडारण करने के निर्देश दिए।







