
नवा रायपुर | छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने राज्य के लाखों श्रमिकों के हित में एक बड़ा निर्णय लिया है। श्रम विभाग (Labour Department) ने ‘सामाजिक सुरक्षा संहिता (छत्तीसगढ़) नियम, 2026’ का नया प्रारूप (Draft) जारी कर दिया है। यह नई व्यवस्था न केवल पुराने कानूनों को अपडेट करेगी, बल्कि असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को भी भविष्य की सुरक्षा प्रदान करेगी।
पुराने नियमों की होगी छुट्टी (Transition to New Era)
राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि यह अधिसूचना (Notification) लागू होने के बाद, दशकों पुराने कानून जैसे ‘क्षतिपूर्ति नियम 1962’ और ‘प्रसूति सुविधा नियम 1965’ पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे। इनकी जगह अब एक आधुनिक और एकीकृत Social Security Code लेगा। इसका मुख्य उद्देश्य कागजी कार्रवाई को कम करना और पारदर्शिता (Transparency) को बढ़ाना है।
खबर के मुख्य बिंदु: क्या-क्या बदलेगा?
सरकार द्वारा जारी इस अधिसूचना में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जो श्रमिकों के जीवन में सीधा बदलाव लाएंगे:
- ✅ डिजिटल पंजीकरण (E-Registration): अब श्रमिकों का डेटा पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिक रूप में सुरक्षित रहेगा।
- ✅ नोडल अधिकारी (Nodal Officer): हर स्तर पर विशेष अधिकारियों की नियुक्ति होगी जो पंजीकरण और नवीनीकरण की समस्याओं को हल करेंगे।
- ✅ विशेष बोर्ड का गठन: ‘छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल’ का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता श्रम मंत्री करेंगे।
- ✅ समावेशी प्रतिनिधित्व (Inclusive Policy): बोर्ड में SC, ST, ओबीसी और महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित रहेंगी।
सामाजिक सुरक्षा का नया ढांचा (Authority & Expertise)
विशेषज्ञों (Experts) का मानना है कि इस संहिता के आने से Gig Workers (जैसे डिलीवरी बॉय, फ्रीलांसर) और अन्य असंगठित मजदूरों को भी कानूनी सुरक्षा के दायरे में लाने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार अब फंड के प्रबंधन के लिए एक सुव्यवस्थित ‘सामाजिक सुरक्षा निधि’ (Social Security Fund) बनाएगी, जिसका उपयोग केवल श्रमिकों के कल्याण के लिए होगा।
45 दिनों का समय: आप भी दे सकते हैं सुझाव
यह वर्तमान में एक Draft Notification है। शासन ने आम जनता और हितधारकों से अगले 45 दिनों के भीतर अपनी आपत्तियां (Objections) और सुझाव मांगे हैं। यदि आप एक जागरूक नागरिक हैं, तो आप श्रम विभाग के सचिव को अपनी राय भेज सकते हैं। इसके बाद इसे अंतिम रूप से पूरे छत्तीसगढ़ में लागू कर दिया जाएगा।
💡 एक्सपर्ट कॉर्नर: ये 3 बातें आपके काम की हैं
- Aadhaar Verification: अब बिना आधार के सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
- Gratuity Calculation: अनुबंध (Contract) पर काम करने वालों के लिए ग्रैच्युटी के नियम आसान हुए।
- Gig Workers: ऑनलाइन एप्स के जरिए काम करने वाले युवाओं को भी पहली बार कानूनी सुरक्षा का कवच मिलेगा।
ग्रैच्युटी (Gratuity) के नियमों में बदलाव
अधिसूचना में ग्रैच्युटी भुगतान की गणना के लिए स्पष्ट नियम दिए गए हैं। अब फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट (Fixed Term Employment) वाले कर्मचारियों को भी आनुपातिक आधार पर ग्रैच्युटी का लाभ मिल सकेगा, जो पहले काफी जटिल था।
आधार (Aadhaar) की अनिवार्यता
अधिसूचना की धारा 142 का हवाला देते हुए यह अनिवार्य किया गया है कि किसी भी प्रकार का लाभ, सब्सिडी या चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने के लिए लाभार्थी को अपनी पहचान आधार संख्या के माध्यम से प्रमाणित करनी होगी। यह “फर्जीवाड़े” को रोकने के लिए एक बड़ा कदम है।
‘प्लेटफॉर्म वर्कर्स’ (Platform Workers) की नई परिभाषा
इसमें पहली बार ओला, उबर, जोमैटो और स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले डिलीवरी पार्टनर्स और ड्राइवरों को ‘प्लेटफॉर्म वर्कर्स’ के रूप में परिभाषित किया गया है। इनके लिए अलग से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का खाका खींचा गया है।
स्व-पंजीकरण (Self-Registration) की सुविधा
श्रमिकों को अब किसी दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। अधिसूचना में व्यवस्था है कि श्रमिक स्वयं पोर्टल पर जाकर आधार के माध्यम से अपनी जानकारी अपडेट कर सकेंगे।
5. अधिकारियों की जवाबदेही (Inspection Scheme)
अधिसूचना में एक नई ‘निरीक्षण योजना’ (Inspection Scheme) का उल्लेख है। इसमें वेब-आधारित निरीक्षण होगा और निरीक्षकों को रैंडम तरीके से प्रतिष्ठानों का दौरा करने के लिए सिस्टम द्वारा चुना जाएगा, जिससे भ्रष्टाचार कम होगा।

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