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बड़ी खबर: रिटायरमेंट के दिन ही मिलेगा पाई-पाई का हिसाब! छत्तीसगढ़ में पेंशनरों के हक के लिए महासंग्राम शुरू

रायपुर, छत्तीसगढ़: प्रदेश के लाखों कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ (Pensioners Federation) ने एक ऐतिहासिक अभियान का आगाज किया है। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य (Primary Objective) यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी शासकीय कर्मचारी को सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद अपने ही पैसों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

सेवानिवृत्ति के दिन ही भुगतान की मांग

महासंघ ने सरकार से स्पष्ट मांग की है कि कर्मचारी जिस दिन रिटायर हो, उसी दिन उसे पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) और सभी वैध भुगतान (Legal Dues) सौंप दिए जाएं। अक्सर देखा गया है कि विभागों और कोषालयों (Treasuries) में व्याप्त अनियमितताओं के कारण पेंशनरों को महीनों तक भटकना पड़ता है। अब इस पर रोक लगाने के लिए अभियान (Campaign) को तेज कर दिया गया है।

रायपुर कलेक्टर की पहल बनी मिसाल

राजधानी रायपुर के कलेक्टर गौरव सिंह ने इस दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण (Exemplary Example) पेश किया है। उन्होंने जिले के सबसे बड़े शिक्षा विभाग में यह व्यवस्था सुनिश्चित की है कि कर्मचारियों को समय पर उनका हक मिले। महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की मांग की है।

जगदलपुर और बस्तर में सफल प्रयोग

इस अभियान का सकारात्मक प्रभाव (Positive Impact) बस्तर संभाग में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। जगदलपुर में कलेक्टर स्वयं महीने के आखिरी दिन सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारियों को PPO प्रदान करते हैं। बस्तर संभाग के अध्यक्ष आर. एन. ताटी के प्रयासों से अब यह व्यवस्था संभाग के अन्य जिलों में भी एक मानक (Standard) बनती जा रही है।

भ्रष्टाचार और देरी पर कड़ा प्रहार

पेंशनरों का कहना है कि उम्र के इस पड़ाव पर दफ्तरों की दौड़ लगाना मानसिक और शारीरिक रूप से कष्टदायक होता है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि जब तक प्रदेश के हर जिले में ‘रिटायरमेंट के दिन भुगतान’ की प्रक्रिया (Process) पूरी तरह लागू नहीं हो जाती, तब तक उनका यह आंदोलन (Movement) जारी रहेगा।

महासंघ के इन दिग्गज पदाधिकारियों ने उठाई आवाज

इस अभियान को सफल बनाने के लिए महासंघ की पूरी टीम एकजुट हो गई है। रायपुर जिला अध्यक्ष आर. जी. बोहरे, सचिव ओ. डी. शर्मा और संभागीय अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार सिन्हा सहित कई पदाधिकारियों ने इस पहल का समर्थन किया है।

समर्थन देने वाले अन्य प्रमुख नाम:

  • प्रवीण कुमार त्रिवेदी (प्रभारी महामंत्री)
  • जे. पी. मिश्रा, अनिल गोल्हानी, टी. पी. सिंह
  • एम. एन. पाठक, सुरेश मिश्रा, आर. के. टंडन
  • एन. के. चौबे, क्रांति कुमार सोनी, मालिक राम वर्मा
  • चितरंजन साहा, लता चावड़ा, उमाशंकर अग्रवाल

निष्कर्ष: सुशासन की ओर एक बड़ा कदम

छत्तीसगढ़ में पेंशनरों के लिए चलाया जा रहा यह अभियान केवल आर्थिक अधिकारों की बात नहीं है, बल्कि यह बुजुर्गों के सम्मान (Dignity) से जुड़ा विषय है। यदि रायपुर और जगदलपुर की तरह पूरे प्रदेश के कलेक्टर इस व्यवस्था को अपनाते हैं, तो यह प्रदेश में सुशासन (Good Governance) का एक बड़ा उदाहरण होगा।


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S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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