
रायपुर (chaturpost.com)। छत्तीसगढ़ के सरकारी महकमों में एक बार फिर बड़े आंदोलन (Mass Protest) की सुगबुगाहट तेज हो गई है। राज्य के करीब 4 लाख नियमित शासकीय सेवकों और 1.50 लाख से अधिक पेंशनरों का सब्र अब टूट चुका है।
विधानसभा के आगामी मानसून सत्र (Monsoon Session) के दौरान अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी संभाग स्तरीय प्रदर्शन (Division-Level Agitation) किया जाएगा। यह संवेदनशील और बड़ा फैसला ‘एक मांग एक मंच अभियान’ (One Demand One Platform Campaign) से जुड़े विभिन्न शासकीय कर्मचारी संगठनों और पेंशनर फोरम छत्तीसगढ़ (Pensioners Forum CG) की संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया है।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में बनी रणनीति (Strategic Meeting)
राजधानी रायपुर में आयोजित इस महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक (Core Committee Meeting) में बस्तर, सरगुजा, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के चुनिंदा प्रांतीय प्रतिनिधि शामिल हुए। इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता पेंशनर फोरम के प्रांतीय संयोजक चंद्रिका सिंह (Chandrika Singh) ने की।
बैठक के दौरान सभी संभागों के पदाधिकारियों ने एक सुर में सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलने की वकालत की। अधिकारियों ने साफ किया कि अब बातचीत का समय निकल चुका है और ध्यानाकर्षण (Attention Transition) के लिए सड़क पर उतरना जरूरी है।
16 हजार हस्ताक्षरों के बाद भी कार्रवाई नहीं: करन सिंह अटेरिया
‘एक मांग एक मंच अभियान’ के प्रांतीय संयोजक करन सिंह अटेरिया (Karan Singh Ateria) ने बैठक को संबोधित करते हुए मैदानी हकीकत बयां की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के साढ़े पांच लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारी और पेंशनभोगी अपने जायज हक के लिए तरस रहे हैं।
श्री अटेरिया ने बताया कि इससे पहले वित्त सचिव (Finance Secretary) को 16 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों और पेंशनरों के हस्ताक्षर युक्त एक विस्तृत ज्ञापन (Memorandum) सौंपा गया था। इसके बावजूद शासन स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी को देखते हुए श्री अटेरिया और श्री ठाकुर के साझा सुझाव पर इस आंदोलन अथवा सम्मेलन की रूपरेखा तैयार की गई है।
सभी संभागों में होगा एक दिवसीय ध्यानाकर्षण आंदोलन
विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए छत्तीसगढ़ के सभी पांचों संभागों (रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, सरगुजा, बस्तर) में एक दिवसीय ध्यानाकर्षण आंदोलन (One-Day Protest) की अंतिम रूपरेखा तय कर ली गई है।
प्रदेश कोषालय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष जितेन्द्र सिंह ठाकुर (Jitendra Singh Thakur) और छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ के प्रांतीय पदाधिकारी श्री यादव (Mr. Yadav) ने इस आंदोलन को जमीनी स्तर पर शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया है। सरगुजा संभाग के अध्यक्ष सुजान बिंद (Sujan Bind) ने भी अपने क्षेत्र से हजारों कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
बैठक में यह दिग्गज नेता रहे उपस्थित (Key Representatives)
कर्मचारियों और पेंशनरों के इस साझा मंच को मजबूत करने के लिए प्रदेशभर के दिग्गज नेता रायपुर पहुंचे थे। बैठक में मुख्य रूप से:
- महेंद्र कुमार साहू (दंतेवाड़ा)
- कोटेश्वर राव चापड़ी (बीजापुर)
- बेदराम यादव (बिलासपुर)
- प्रकाश जाधव (बलौदाबाजार)
- डॉ. गंगा शरण पासी
- अरुण कुमार रामटेक
- सुनील भूमरकर
- अजय खांडेकर
- मंजू ठाकुर
- रामजी वर्मा
विशेष रूप से उपस्थित रहकर आंदोलन की रणनीति में अपनी महत्वपूर्ण राय साझा की। बैठक के अंतिम चरण में प्रांतीय प्रवक्ता विद्याभूषण दुबे (Vidyabhushan Dubey) ने सभी संभागों से आए प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया और धन्यवाद ज्ञापित कर आगामी रणनीति के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।







