
Power Sector News: स्मार्ट प्रीपेड मीटरों (Smart Prepaid Meters) को लेकर देश भर में चल रही बहस और तकनीकी चुनौतियों के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। उपभोक्ताओं के बढ़ते दबाव और मीटरिंग व्यवस्था में आ रही दिक्कतों को देखते हुए प्रशासन ने कदम पीछे खींच लिए हैं। जारी किए गए एक ऐतिहासिक आदेश के तहत अब सभी स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड मोड (Postpaid Mode) में परिवर्तित किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक (Managing Director) नितीश कुमार (IAS) द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, RDSS योजना के तहत लगे सभी स्मार्ट मीटर अब पोस्टपेड की तरह काम करेंगे । इस फैसले से वाराणसी, लखनऊ, आगरा, मेरठ और कानपुर सहित पूरे प्रदेश के उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा ।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला? (The Reason Behind)
स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं की ओर से लगातार शिकायतें (Complaints) मिल रही थीं। सर्वर की समस्या, बैलेंस अचानक खत्म हो जाना और बिना सूचना के बिजली कटने जैसी तकनीकी खामियों (Technical Glitches) ने आम जनता को परेशान कर रखा था। इसी का नतीजा है कि अब आरडीएसएस (RDSS) योजना के तहत लगे प्रीपेड मीटरों को तत्काल प्रभाव से पोस्टपेड में बदलने का निर्णय लिया गया है।
कब से लागू होगी नई व्यवस्था? (Implementation Date)
विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, उपभोक्ताओं को मई-2026 की बिजली खपत का बिल जून-2026 में पोस्टपेड पद्धति से भेजा जाएगा । यानी अब आपको पहले बिजली इस्तेमाल करनी होगी और बिल बाद में भरना होगा।
बकायेदारों को किस्तों में राहत (Installment Facility)
विद्युत उपभोक्ताओं के लिए सबसे सुखद खबर यह है कि प्रीपेड से पोस्टपेड ट्रांजिशन (Transition) के दौरान बकाये राशि के भुगतान के लिए किस्तों की सुविधा दी गई है:
- घरेलू उपभोक्ता (Domestic Consumers): 30 अप्रैल 2026 तक के कुल बकाये को 10 समान किस्तों में चुकाने की छूट दी गई है ।
- अन्य श्रेणियां (Other Categories): अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को बकाये के भुगतान के लिए 3 किस्तों (40%, 30%, 30%) की सुविधा मिलेगी ।
सिक्योरिटी राशि का क्या होगा? (Security Deposit)
जब प्रीपेड मीटर लगे थे, तब उपभोक्ताओं की सुरक्षा निधि (Security Money) को बिल में समायोजित (Adjust) कर दिया गया था। अब पोस्टपेड में वापस आने पर, विद्युत प्रदाय संहिता-2005 के अनुसार पुनः सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी ।
उपभोक्ताओं पर अचानक आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए सरकार ने इस राशि को चार समान किस्तों (Four Equal Installments) में जून-2026 से जारी होने वाले बिलों में जोड़ने का निर्देश दिया है ।
शिकायतों के लिए लगेंगे विशेष कैंप (Complaint Resolution)
स्मार्ट मीटर और बिलिंग से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए पावर कॉर्पोरेशन ने विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। 15 मई 2026 से 30 जून 2026 तक अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर विशेष काउंटर और कैंप लगाए जाएंगे ।
यदि आपको समय पर बिल नहीं मिलता है, तो आप विभाग द्वारा जारी अधिकृत WhatsApp Chatbots या हेल्पलाइन नंबर 1912 का सहारा ले सकते हैं ।
संपादकीय टिप्पणी (Expert View)
उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम पारदर्शिता (Transparency) बढ़ाने और उपभोक्ताओं के मन से ‘अचानक बिजली कटने’ के डर को दूर करने के उद्देश्य से लिया गया है। प्रीपेड मोड में अक्सर उपभोक्ताओं को बैलेंस खत्म होने की सही जानकारी नहीं मिल पाती थी, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब पोस्टपेड व्यवस्था से उन्हें बिल चेक करने और भुगतान के लिए पर्याप्त समय (15 दिन की ड्यू डेट) मिलेगा ।
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सूचना: यह समाचार आधिकारिक सरकारी दस्तावेजों और विभाग द्वारा जारी पत्र (संख्या: 297/2/नो०स्मा०मी०प्रो०/पाकालि०/2026) पर आधारित है ।
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