
8th Pay Commission, न्यूज डेस्क। देश के करोड़ों पेंशनभोगियों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आ रही है। 8th Pay Commission (आठवां केंद्रीय वेतन आयोग) को पेंशनर्स की ओर से इनकम टैक्स (Income Tax) को लेकर एक बड़ा प्रस्ताव भेजा गया है । भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ (Bharatiya Rajya Pensioners Mahasangh) ने सीधे आठवें वेतन आयोग के अध्यक्ष को पत्र लिखकर मांग की है कि देश के बुजुर्ग पेंशनर्स को टैक्स के बोझ से पूरी तरह मुक्त किया जाए या फिर उनके लिए सालाना टैक्स छूट की सीमा को बढ़ाकर सीधे ₹25 लाख (Annual Tax Exemption Limit ₹25 Lakh) किया जाए ।
रायपुर (छत्तीसगढ़) से महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव और महामंत्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी की अगुवाई में यह मांग पत्र 27 मई 2026 को भेजा गया है । इस प्रस्ताव के सामने आने के बाद देश भर के केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों तथा पेंशनर्स के बीच एक नई बहस छिड़ गई है ।
पेंशन कोई ‘भीख‘ या बख्शीश नहीं, बल्कि कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ ने बेहद कड़े और स्पष्ट शब्दों में कहा है कि “पेंशन कोई अनुग्रह (Bounty) या बख्शीश नहीं है” । यह कर्मचारियों के सेवाकाल (Service Period) के दौरान अर्जित किया गया Deferred Wage (स्थगित वेतन) है, जिसे पाना उनका एक मजबूत संवैधानिक अधिकार (Constitutional Right) है ।
महासंघ ने देश के सर्वोच्च न्यायालय यानी Supreme Court के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए याद दिलाया है कि अदालत ने भी हमेशा पेंशन को कर्मचारियों का अधिकार माना है । ऐसे में अपने जीवन का सर्वश्रेष्ठ समय राष्ट्र सेवा (National Service) में समर्पित करने वाले इन बुजुर्गों को बुढ़ापे में टैक्स के जाल में फंसाना पूरी तरह से अनुचित है ।
सांसदों और विधायकों को विशेष लाभ, तो पेंशनर्स के साथ भेदभाव क्यों?
इस मांग पत्र में महासंघ ने एक बहुत ही तार्किक और गंभीर Comparative Analysis (तुलनात्मक आधार) पेश किया है । पत्र में कहा गया है कि देश के सांसदों (MPs), विधायकों (MLAs) और अन्य संवैधानिक पदों पर आसीन नेताओं को पेंशन से जुड़े कई विशेष प्रावधान (Special Provisions) और टैक्स लाभ मिलते हैं ।
जब महज कुछ वर्षों के लिए चुने जाने वाले जनप्रतिनिधियों को इतनी सुरक्षा मिल सकती है, तो फिर 30 से 40 वर्षों तक पूरी ईमानदारी से Public Service (सार्वजनिक सेवा) करने वाले शासकीय सेवकों को यह सम्मान और आर्थिक सुरक्षा (Financial Security) क्यों नहीं दी जानी चाहिए?
इसके साथ ही दुनिया के अन्य Developed Countries (विकसित देशों) का उदाहरण देते हुए बताया गया है कि वहां वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनभोगियों को टैक्स में भारी राहत, मुफ्त चिकित्सा सहायता और बेहतर सामाजिक सुरक्षा (Social Security) प्रदान की जाती है । भारत में भी सरकार को इसी दिशा में कदम उठाना चाहिए ।
Senior Pensioner Tax Slab: आठवें वेतन आयोग के सामने रखी गईं ये 4 विशेष मांगें

भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ (Chhattisgarh) की ओर से 8th Pay Commission की संस्तुतियों (Recommendations) में शामिल करने के लिए कुछ बेहद खास और यूनिक सुझाव दिए गए हैं:
- 75 वर्ष से अधिक वालों को पूरी छूट: 75 वर्ष की आयु पार कर चुके सभी सुपर सीनियर पेंशनर्स को पूरी तरह से आयकर से मुक्त किया जाए ।
- Family Pension (पारिवारिक पेंशन) पर राहत: वर्तमान में फैमिली पेंशन पर मिलने वाली सीमित छूट को बढ़ाकर कम से कम ₹1 लाख वार्षिक किया जाए ।
- Chronic Diseases (दीर्घकालिक रोग) के लिए अतिरिक्त छूट: गंभीर और लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों के इलाज पर होने वाले भारी खर्च के लिए अलग से टैक्स डिडक्शन (Additional Tax Exemption) का लाभ मिले ।
- New Tax Slab (नया टैक्स स्लैब): देश के बुजुर्गों के लिए बजट में एक अलग “Senior Pensioner Tax Slab” का निर्माण किया जाना चाहिए, जिससे उन्हें सीधे तौर पर राहत मिल सके 。
क्या मोदी सरकार स्वीकार करेगी यह प्रस्ताव?
8th Pay Commission Layout & Updates: वर्तमान में देश के भीतर आठवें वेतन आयोग के गठन को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ से उठी यह मांग देशव्यापी रूप ले सकती है । वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आठवें वेतन आयोग के अध्यक्ष और केंद्र सरकार इस ऐतिहासिक प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाती है ।
यदि यह मांग आंशिक रूप से भी स्वीकार कर ली जाती है, तो देश के मध्यम वर्गीय परिवारों और लाखों बुजुर्गों को बुढ़ापे के इस पड़ाव में एक बहुत बड़ा सहारा मिल सकेगा ।







