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सुशासन तिहार 2026: ‘मधुशाला’ में मुख्यमंत्री की तस्वीर से लेकर पूर्व माननीयों की नो-पेंशन तक, जब शिविरों में पहुंचे ये अनोखे आवेदन!

रायपुर: छत्तीसगढ़ में इन दिनों सुशासन तिहार 2026′ की धूम है। जनता की समस्याओं को सुलझाने और सरकारी योजनाओं को रफ्तार देने के लिए राज्यभर में शिविर लगाए जा रहे हैं। लेकिन, सरकारी फाइलों और गंभीर शिकायतों के बीच इस बार कुछ ऐसे अनोखे और दिलचस्प आवेदन सामने आए हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक सबका ध्यान खींच लिया है।

आइए आपको रूबरू कराते हैं सुशासन तिहार में आए दो बेहद चर्चा बटोरने वाले आवेदनों से:

1. “शराब दुकान में लगे मुख्यमंत्री-आबकारी मंत्री की फोटो!” – बांकिमोंगरा से अनोखी मांग

पहला मामला कोरबा जिले की बांकिमोंगरा नगर पालिका (वार्ड क्रमांक 7033003, मोंगरा) से आया है। यहां नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास ने आबकारी विभाग को एक ऐसा आवेदन थमा दिया है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है।

  • क्या है मांग?: मधुसूदन दास ने मांग की है कि राज्य की सभी शराब दुकानों में सूबे के मुख्यमंत्री और आबकारी मंत्री की तस्वीरें लगाई जानी चाहिए।
  • तर्क भी है बड़ा ‘ठोस’: नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि जब राज्य के हर छोटे-बड़े सरकारी काम और योजनाओं में मुख्यमंत्री व मंत्रियों के फोटो लगाए जाते हैं, तो सरकार को सबसे बड़ा राजस्व (कमाई) देने वाली इस ‘विशेष योजना’ (शराब बिक्री) में उनकी तस्वीरें क्यों नहीं होनी चाहिए?
  • आवेदन की स्थिति: मधुसूदन दास के हस्ताक्षरित इस आवेदन का फॉर्म सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। हालांकि, इस आवेदन पर अभी शिविर की तारीख और प्रभारी अधिकारी के नाम-हस्ताक्षर वाला कॉलम खाली है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आबकारी विभाग इस ‘अनोखे’ आवेदन पर क्या फैसला लेता है!

2. “नेताओं की पेंशन करो बंद!” – महासमुंद के पंकज साहू का कड़ा तेवर

दूसरा दिलचस्प आवेदन महासमुंद नगर पालिका के डॉ. राधाकृष्णन वार्ड (वार्ड नंबर 25) से सामने आया है। यहां आवेदक पंकज साहू ने सीधे छत्तीसगढ़ विधानसभा से जुड़ी एक बड़ी मांग रख दी है।

  • क्या है मांग?: पंकज साहू ने पूर्व विधायकों एवं सांसदों की पेंशन बंद करने बाबत” आवेदन लगाया है।
  • जनता के पैसे की फिक्र: पंकज ने अपने आवेदन में लिखा है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2008 में पूर्व विधायकों को पेंशन देने की योजना शुरू की गई थी, जिसमें पहले ₹15,000 निर्धारित थे, जो आज बढ़कर ₹98,300 (लगभग) हो चुके हैं।
  • सुशासन की असली सार्थकता: पंकज का तर्क है कि इस भारी-भरकम पेंशन के कारण छत्तीसगढ़ के शासकीय कोष (जनधन) को अपूरणीय क्षति हो रही है। इसलिए जनहित और राज्यहित में इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए, तभी ‘सुशासन तिहार 2026’ की असली सार्थकता साबित होगी। उनका यह आवेदन क्रमांक 26270180900089 पर दर्ज किया गया है।

पुरानी यादें ताजा: सुशासन शिविरों में इस तरह के अनोखे आवेदनों का आना कोई नया नहीं है। पिछले साल भी एक ऐसा ही दिलचस्प मामला सामने आया था जब एक युवक ने सीधे मुख्यमंत्री जी से अपने लिए लड़की ढूंढने और शादी करवाने की गुहार लगा दी थी! आप इस मजेदार खबर को चतुरपोस्ट की इस रिपोर्ट पर पढ़ सकते हैं।

क्या है यह ‘सुशासन तिहार 2026’?

इन अनोखे आवेदनों के बीच इस अभियान के मुख्य उद्देश्य को समझना भी जरूरी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुशासन तिहार 2026′ का आयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध (टाइम-लिमिट में) और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करना है।

इस अभियान के तहत 1 मई से 10 जून 2026 के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में हर 15-20 ग्राम पंचायतों के समूह पर और शहरी क्षेत्रों में वार्डों के क्लस्टर के आधार पर जन समस्या निवारण शिविर” आयोजित किए जा रहे हैं।

अभियान के मुख्य बिंदु और नियम:

  • शिकायत का नियम: सुशासन तिहार के पोर्टल पर दर्ज होने वाले नियमों के मुताबिक, एक फॉर्म में केवल एक ही शिकायत या मांग दर्ज कराई जा सकती है। नागरिक अपनी शिकायत की स्थिति ऑनलाइन पोर्टल पर भी ट्रैक कर सकते हैं।
  • समय सीमा: शिविरों में प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों का अधिकतम एक महीने के भीतर निराकरण करना अनिवार्य है।
  • औचक निरीक्षण: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खुद विकास कार्यों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं और जनता से योजनाओं का सीधा फीडबैक ले रहे हैं।

बहरहाल, सुशासन के इस महा-अभियान में जहां हजारों लोगों की गंभीर समस्याओं का समाधान हो रहा है, वहीं बांकिमोंगरा और महासमुंद से आए इन आवेदनों ने इस ‘तिहार’ के माहौल को थोड़ा और रोचक बना दिया है!

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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