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PM मोदी के विजन पर केंद्र का नया आदेश, अब ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ जाएंगे देश के IAS और IPS; शुरू होगी अनोखी Mentorship

नई दिल्ली (Chaturpost)न्‍यूज डेस्‍क। देश की प्रशासनिक व्यवस्था (Administrative System) को अधिक मजबूत, पारदर्शी और अनुभवी बनाने के लिए भारत सरकार ने एक बेहद अनोखा और बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय (Ministry of Personnel, Public Grievances & Pensions) के तहत आने वाले DoPT (Department of Personnel & Training) ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (States / UTs) के मुख्य सचिवों (Chief Secretaries) को एक अत्यंत महत्वपूर्ण पत्र जारी किया है।

इस नए आदेश के मुताबिक, अब हर साल 31 अक्टूबर को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ (Rashtriya Ekta Diwas) के पावन अवसर पर देश के सीनियर और जूनियर आईएएस अफसरों का महाजुटान गुजरात के केवडिया स्थित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ (Statue of Unity) पर होगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य नए और पुराने प्रशासनिक अधिकारियों के बीच एक मजबूत तालमेल और ज्ञान साझा करने की संस्कृति (Knowledge-sharing Culture) को विकसित करना है।

विशेष रूप से (Particularly), इस पहल के जरिए देश के युवा नौकरशाहों को अनुभवी अधिकारियों से सीधे तौर पर नीति निर्धारण (Policy Formulation) और सुशासन (Good Governance) के गुर सीखने का मौका मिलेगा। आइए जानते हैं क्या है केंद्र सरकार का पूरा प्लान और इसे क्यों अनिवार्य किया गया है।

पीएम नरेंद्र मोदी के विजन को धरातल पर उतारने की तैयारी (PM Modi’s Vision Realized)

इसके अतिरिक्त (In addition to this), इस बड़े फैसले की पृष्ठभूमि (Background) दिसंबर 2025 में आयोजित मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन (5th National Conference of Chief Secretaries) से जुड़ी हुई है। नीति आयोग (NITI Aayog) में आयोजित इस सम्मेलन की समापन टिप्पणी (Closing Remarks) के दौरान माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक विशेष इच्छा व्यक्त की थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह विजन था कि प्रशासनिक सेवाओं के पुराने और सीनियर बैचों के अधिकारियों को प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Statue of Unity) का दौरा करना चाहिए। वहां उन्हें युवा ग्रुप्स और नए सिविल सर्वेंट्स के साथ पूरा एक दिन बिताना चाहिए, ताकि वे उन्हें प्रेरित कर सकें। इसी दूरदर्शी सोच को अमलीजामा पहनाने के लिए DoPT की अवर सचिव (Under Secretary) कविता चौहान ने आधिकारिक पत्र जारी कर सभी राज्यों से तत्काल अनुपालन (Compliance) रिपोर्ट मांगी है।

क्या है इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य? (Key Objectives of the Initiative)

सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती (Birth Anniversary of Sardar Vallabhbhai Patel) और राष्ट्रीय एकता दिवस का दिन पूरे देश के लिए अत्यंत गौरवशाली और प्रतीकात्मक महत्व (Symbolic Significance) रखता है। केंद्र सरकार का मानना है कि इस ऐतिहासिक स्थल पर जब देश के अलग-अलग राज्यों के वरिष्ठ और युवा अधिकारी एक साथ बैठेंगे, तो इससे राष्ट्रीय एकता की भावना और मजबूत होगी।

इस योजना के तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित उद्देश्यों को पूरा किया जाएगा:

  • स्ट्रक्चर्ड मेंटरशिप (Structured Mentorship): पुराने और दिग्गज अधिकारी अपने करियर के अनुभवों को युवा अफसरों के साथ साझा करेंगे।
  • ज्ञान का आदान-प्रदान (Knowledge Sharing): लोक प्रशासन (Public Administration) और गवर्नेंस से जुड़े विविध क्षेत्रों (Diverse Domains) के एक्सपर्ट्स एक मंच पर विचार-विमर्श करेंगे।
  • टीम भावना का विकास (Building Synergy): विभिन्न राज्यों के कैडरों और अलग-अलग बैच के अधिकारियों के बीच एक राष्ट्रव्यापी प्रशासनिक नेटवर्क तैयार होगा।

राज्यों को दिए गए सख्त निर्देश, हर साल देनी होगी रिपोर्ट (Strict Action Plan for States)

इसके परिणामस्वरूप (Consequently), DoPT के इस पत्र के बाद अब देश की पूरी ब्यूरोक्रेसी (Bureaucracy) में हलचल तेज हो गई है। केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने राज्यों से विभिन्न बैचों (Diverse Batches) के सीनियर, वेटरन (Veteran) और यंग आईएएस अफसरों को शॉर्टलिस्ट और नॉमिनेट करना शुरू कर दें।

इतना ही नहीं, इस यात्रा और कार्यक्रम के प्रबंधन की जिम्मेदारी भी पूरी तरह से राज्य सरकारों को सौंपी गई है। राज्यों को इसके लिए बकायदा एक निर्धारित प्रोफार्मा (Prescribed Proforma) भी भेजा गया है।

प्रोफार्मा में देनी होगी अफसरों की ये गोपनीय डिटेल्स:

  • अधिकारी का नाम और बैच (Name & Batch of the Officer)
  • वर्तमान पदस्थापना (Present Posting Details)
  • प्रासंगिक विशेषज्ञता या अनुभव पर संक्षिप्त नोट (Brief note on relevant expertise)

निश्चित रूप से (Certainly), इस पूरी प्रकिया की मॉनिटरिंग खुद केंद्र सरकार कर रही है और हर साल इसके सफल क्रियान्वयन की रिपोर्ट DoPT को सबमिट करनी होगी।

आईएएस के साथ आईपीएस और आईएफएस अफसर भी होंगे शामिल (IPS and IFS Officers to Join)

यह योजना सिर्फ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) तक ही सीमित नहीं रहने वाली है। इसे अखिल भारतीय स्तर पर और अधिक व्यापक बनाने के लिए इस पत्र की प्रतियां अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालयों को भी भेजी गई हैं।

उदाहरण के लिए (For instance), इस महत्वपूर्ण सर्कुलर की कॉपियां इन विभागों को भी प्रेषित की गई हैं ताकि वे अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर सकें:

  • गृह सचिव, गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs): भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए।
  • सचिव, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC): भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए।
  • कार्मिक नीति विभाग (DoP&T): केंद्रीय सिविल सेवा (Central Civil Services) के अधिकारियों की भागीदारी तय करने के लिए।

Chaturpost का नजरिया: प्रशासनिक सुधार की दिशा में मील का पत्थर (Expert View on Civil Services Reform)

आज के इस डिजिटल और तेजी से बदलते दौर में शासकीय योजनाओं को धरातल पर लागू करने के लिए युवा जोश और वरिष्ठों के अनुभव का मेल होना बेहद जरूरी है। IAS Officer Mentorship का यह नया मॉडल देश की नौकरशाही (Bureaucracy) में नई ऊर्जा फूंकने का काम कर सकता है। अक्सर देखा जाता है कि नए अफसरों को फील्ड में कई व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जैसे प्रेरणादायी स्थान पर होने वाला यह संवाद उनके लिए संजीवनी साबित होगा।

हाल के दिनों में (Recently), केंद्र सरकार द्वारा सिविल सेवा में किए जा रहे सुधारों की श्रृंखला में यह सबसे अभिनव प्रयोग माना जा सकता है। Chaturpost.com का मानना है कि यदि राज्यों ने इसे गंभीरता से लागू किया, तो आने वाले समय में इसका सीधा लाभ आम जनता और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में देखने को मिलेगा।

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IAS Officer Mentorship
DoPT के आदेशी की कॉपी। यह आदेश 15 मई 2026 का है, लेकिन DoPT ने इसे 03 जून 2026 को अपलोड करने के साथ ही राज्‍यों के मुख्‍य सचिवों को भेजा है।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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