
CSEB JE Recruitment: छत्तीसगढ़ बिजली विभाग की लेती-देती नीति से अभ्यर्थी परेशान
रायपुर: छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज (CSEB) में आयोजित जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों का सब्र अब पूरी तरह टूट चुका है। साल 2024 में आयोजित हुई इस परीक्षा के परिणाम और नियुक्ति प्रक्रिया में विभाग की तरफ से अपनाए गए बेतरतीब रवैये के कारण कई मेधावी युवा आज सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि बिजली कंपनी (CSPTCL) प्रबंधन की एक प्रशासनिक चूक के कारण जूनियर इंजीनियर की मेरिट सूची (Merit List) बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसके चलते मुख्य सूची में स्थान पाने वाले कई योग्य उम्मीदवार चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं। अब अपनी जायज मांगों को लेकर युवा दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
क्या है पूरा विवाद और कैसे बिगड़ा मेरिट का गणित?
पूरा मामला मार्च 2024 में आयोजित हुई असिस्टेंट इंजीनियर (AE) और जूनियर इंजीनियर (JE) भर्ती परीक्षा से जुड़ा हुआ है। नियमों के मुताबिक, उच्च पदों (AE) की भर्ती प्रक्रिया पहले पूरी होनी चाहिए थी, ताकि जो अभ्यर्थी दोनों परीक्षाओं में पास हुए हैं, वे उच्च पद को चुनें। लेकिन विभाग ने इसके विपरीत काम किया।
विवाद के मुख्य कारण और अभ्यर्थियों की आपत्तियां:
- उलटी गंगा बहाई: विभाग ने उच्च पद को रोककर निम्न पद (जूनियर इंजीनियर) का परिणाम पहले जारी कर दिया और आनन-फानन में नियुक्तियां (Appointments) भी दे दीं।
- असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती में देरी: वहीं दूसरी ओर, सहायक अभियंता (AE) के पदों पर लंबी देरी के बाद जनवरी 2026 में नियुक्ति प्रदान की गई।
- मेरिट सूची हुई प्रभावित: जिन अभ्यर्थियों का चयन दोनों पदों पर हुआ था, उन्होंने पहले जेई का पद जॉइन कर लिया। बाद में जनवरी 2026 में एई का रिजल्ट आने पर उन्होंने जेई का पद छोड़ दिया।
- मुख्य सूची के छात्र हुए बाहर: इस गड़बड़ी के चलते मुख्य चयन सूची के कई होनहार अभ्यर्थी अंतिम चयन से चूक गए और उनके हाथ सिर्फ निराशा लगी।
विभाग के खोखले आश्वासन: वादे से मुकरा प्रबंधन?
वर्तमान स्थिति (Current Situation) यह है कि विभाग में जूनियर इंजीनियर के कई पद खाली हो चुके हैं, क्योंकि कई लोग एई के पद पर प्रमोट या नियुक्त हो चुके हैं। इसके बावजूद विभाग की तरफ रिक्त पदों पर जूनियर इंजीनियर प्रथम प्रतीक्षा सूची (First Waiting List) से संबंधित कोई भी जानकारी या आधिकारिक डेटा साझा नहीं किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री से मिलने की कोशिश भी रही नाकाम
थके-हारे और परेशान अभ्यर्थी अब अपनी गुहार लेकर सीधे प्रदेश के मुखिया और ऊर्जा विभाग के प्रभारी मंत्री मुख्यमंत्री के पास ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन सत्ता के गलियारों में भी युवाओं को केवल निराशा (Disappointment) ही हाथ लग रही है।
- महीनों से जारी है प्रयास: अभ्यर्थी पिछले 2 से 3 महीनों से लगातार मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात साझा करने की कोशिश (Consistent Efforts) कर रहे हैं।
- कोई सकारात्मक जवाब नहीं: सीएम हाउस और मंत्रालय के चक्कर काटने के बाद भी अब तक अभ्यर्थियों को कोई ठोस या सकारात्मक आश्वासन नहीं मिल पाया है।
- भविष्य पर संकट: युवाओं का कहना है कि उनकी उम्र निकली जा रही है और परीक्षा पास करने के बावजूद वे बेरोजगारी का दंश झेलने को मजबूर हैं।
CSPTCL प्रबंधन से अंतिम गुहार: जल्द जारी हो प्रतीक्षा सूची
छत्तीसगढ़ के ये शिक्षित बेरोजगार युवा अब सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक स्तर तक एक ही मांग कर रहे हैं कि उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस पर जल्द से जल्द न्यायोचित कार्यवाही की जाए। अभ्यर्थियों ने CSPTCL प्रबंधन से विनम्र निवेदन (Humble Request) किया है कि विभाग अपने वादे के मुताबिक तुरंत सकारात्मक पहल (Positive Initiative) करे और प्रथम प्रतीक्षा सूची जारी कर खाली पड़े पदों पर जल्द से जल्द नियुक्ति प्रदान करे।
चतुरपोस्ट का विश्लेषण (Expert Opinion)
किसी भी सरकारी भर्ती में उच्च पदों का परिणाम पहले जारी करना एक स्थापित प्रक्रिया है ताकि पदों का नुकसान न हो और युवाओं का भविष्य खराब न हो। छत्तीसगढ़ बिजली कंपनी ने नियमों के विपरीत जूनियर इंजीनियर की ज्वाइनिंग पहले कराई और फिर रिक्त पदों पर वेटिंग लिस्ट जारी करने में महीनों का समय लगाना सीधे तौर पर प्रशासनिक लचरता (Administrative Laxity) को दर्शाता है। यदि समय रहते पहली प्रतीक्षा सूची जारी नहीं की गई, तो यह मामला कानूनी पचड़े (Legal Disputes) में भी फंस सकता है, जिससे पूरी भर्ती प्रक्रिया बाधित होगी। सरकार को युवाओं के हित में तुरंत फैसला लेना चाहिए।







