
चतुरपोस्ट, न्यूज डेस्क। केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए हिंदुस्तान पावर एक्सचेंज लिमिटेड (HPX) की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें PTC इंडिया लिमिटेड को अपनी हिस्सेदारी कम करने के लिए तीन साल का अतिरिक्त समय मांगा गया था। इस निर्णय को ऊर्जा क्षेत्र (Energy Sector) में एक कड़े और पारदर्शी कदम के रूप में देखा जा रहा है।
मामले की पृष्ठभूमि (Case Background)
HPX को 12 मई 2021 को पावर एक्सचेंज के रूप में पंजीकरण मिला था और इसने 6 जुलाई 2022 से अपना परिचालन (Operations) शुरू किया। उस समय PTC की HPX में 22.62% हिस्सेदारी थी। पंजीकरण के दौरान ही यह चिंता जताई गई थी कि PTC की हिस्सेदारी एक्सचेंज सदस्यों के लिए निर्धारित सीमा से अधिक है।
HPX ने उस वक्त यह वादा किया था कि यदि PTC एक्सचेंज का ट्रेडिंग मेंबर बनता है, तो वह अपनी हिस्सेदारी को 5% तक कम कर लेगा। लेकिन, सितंबर 2025 तक PTC ने अपनी हिस्सेदारी में कोई कमी नहीं की।
आयोग के निष्कर्ष (Commission’s Findings)
CERC ने अपने विस्तृत आदेश में स्पष्ट किया है कि HPX तीन साल से अधिक समय से काम कर रहा है, जो कि हिस्सेदारी कम करने के लिए पर्याप्त समय था।
आयोग ने ‘पावर मार्केट रेगुलेशंस, 2021’ के नियम 15(1)(b) का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी सदस्य या क्लाइंट एक्सचेंज में 5% से अधिक हिस्सेदारी नहीं रख सकता।
IEX की हस्तक्षेप याचिका खारिज (IEX Intervention Rejected)
इस मामले में इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) ने भी एक हस्तक्षेप याचिका दायर की थी। हालांकि, CERC ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि IEX इस कार्यवाही के लिए न तो आवश्यक पार्टी है और न ही उचित। आयोग ने स्पष्ट किया कि केवल वाणिज्यिक प्रभाव (Commercial Impact) के आधार पर किसी प्रतिस्पर्धी एक्सचेंज को सुनवाई का अधिकार नहीं दिया जा सकता।
CERC का अंतिम आदेश (Final Verdict)
आयोग ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि PTC, HPX का ट्रेडिंग मेंबर बनना चाहता है, तो उसे पहले अपनी हिस्सेदारी घटाकर 5% करनी ही होगी। इस फैसले के साथ ही CERC ने HPX की याचिका और संबंधित आवेदनों का निपटारा कर दिया है।






