
न्यूज डेस्क। पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (PFC) ने अपने बोर्ड में दो महत्वपूर्ण नियुक्तियों की घोषणा की है। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय (Ministry of Power) के आदेशों का पालन करते हुए, कंपनी ने वी. पाकिरीसामी (V. Packirisamy) को डायरेक्टर (कमर्शियल) और पंकज गुप्ता (Pankaj Gupta) को पार्ट-टाइम नॉन-ऑफिशियल डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया है।
इन नियुक्तियों को 24 जून, 2026 को बोर्ड द्वारा मंजूरी दी गई। यह प्रशासनिक बदलाव (Administrative Change) ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी PFC की कार्यक्षमता को और अधिक मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वी. पाकिरीसामी बने डायरेक्टर (कमर्शियल)
वी. पाकिरीसामी ने 2 जून, 2026 को अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। उनकी नियुक्ति कंपनी के लिए एक बड़ा कदम है, क्योंकि वे पावर सेक्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग (Infrastructure Financing) का गहरा अनुभव रखते हैं।
- अनुभव: वे 1997 से ही PFC के साथ जुड़े हुए हैं।
- पिछली भूमिका: इस पद पर आने से पहले, वे PFC में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर – एंटिटी अप्रेजल और आईटी के रूप में कार्यरत थे।
- विशेषज्ञता: उन्होंने पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के लिए ‘इंटीग्रेटेड रेटिंग फ्रेमवर्क’ और रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) प्रोजेक्ट्स के लिए मूल्यांकन पद्धति तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है।
“पाकिरीसामी के पास तीन दशकों से अधिक का विशाल अनुभव है, जो भविष्य में PFC की क्रेडिट असेसमेंट और रिस्क मैनेजमेंट स्ट्रैटेजी को नई दिशा देगा।”
पंकज गुप्ता ने संभाला पार्ट-टाइम डायरेक्टर का कार्यभार
दूसरी ओर, पंकज गुप्ता को पार्ट-टाइम नॉन-ऑफिशियल डायरेक्टर के रूप में शामिल किया गया है। उन्होंने 22 जून, 2026 को कार्यभार संभाला है। उनकी यह नियुक्ति अगले तीन महीनों की अवधि के लिए या अगले आदेश तक (जो भी पहले हो) प्रभावी रहेगी।
पंकज गुप्ता की प्रोफाइल पर एक नज़र:
- प्रोफेशनल बैकग्राउंड: वे इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के फेलो मेंबर हैं।
- अनुभव: गुप्ता के पास टैक्सेशन (Taxation), ऑडिट, कॉरपोरेट लॉ और फाइनेंशियल एडवाइजरी सर्विसेज में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
- वर्तमान पद: वर्तमान में वे ‘पंकज मानवी एंड एसोसिएट्स’ के मैनेजिंग पार्टनर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
PFC के लिए क्या हैं इसके मायने?
यह नियुक्ति (Appointment) ऐसे समय में हुई है जब देश का पावर सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है। वित्त मंत्रालय और विद्युत मंत्रालय लगातार सरकारी कंपनियों (PSUs) में अनुभवी पेशेवरों को शामिल कर रहे हैं ताकि वित्तीय पारदर्शिता और प्रोजेक्ट्स की गति बनी रहे।
इन अनुभवी चेहरों के आने से PFC की बोर्ड मीटिंग्स और नीतिगत फैसलों में विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा। बाजार के जानकारों का मानना है कि इससे कंपनी की ऑडिटिंग और रिस्क मैनेजमेंट (Risk Management) प्रक्रियाएं और अधिक सटीक होंगी।







