कर्मचारी हलचल

सेवानिवृत्ति के करीब पहुंचे कर्मचारियों के लिए पेंशनर्स महासंघ ने छत्‍तीसगढ़ सरकार से की यह विशेष मांग


Transfer Policy Chhattisgarh: रायपुर। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने कहा है कि प्रदेश के वे  शासकीय कर्मचारी, जो आगामी एक-दो वर्षों के भीतर सेवानिवृत्त होने वाले हैं, राज्य सरकार द्वारा स्थानांतरण (तबादला) प्रतिबंध हटाने की घोषणा का हर केबिनेट में बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सेवा जीवन के अंतिम चरण में कर्मचारियों की यह स्वाभाविक अपेक्षा होती है कि उन्हें अपने गृह जिले अथवा परिवार के निकट पदस्थापना का अवसर मिले, जिससे वे अपने पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों का सुचारु रूप से निर्वहन कर सकें।

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 नामदेव ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के गठन के बाद से अब तक नियमित स्थानांतरण नहीं होने तथा स्थानांतरण प्रतिबंध प्रभावी रहने के कारण बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी, जिनकी सेवानिवृत्ति निकट है, अपने गृह जिले अथवा परिवार के समीप पदस्थापना प्राप्त नहीं कर सके हैं। परिणामस्वरूप अनेक कर्मचारी सेवानिवृत्ति के अंतिम वर्षों में भी अपने घर-परिवार से दूर सेवाएं देने को विवश हैं।

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उन्होंने कहा कि वर्षों से दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारी सेवा के अंतिम चरण में अपने बच्चों के विवाह, आवास की व्यवस्था, पारिवारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन तथा सेवानिवृत्ति उपरांत जीवन की तैयारियों में जुटना चाहते हैं। लेकिन स्थानांतरण नहीं होने के कारण वे समय रहते अपने गृह क्षेत्र में आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं कर पा रहे हैं। कई कर्मचारी वृद्ध माता-पिता, जीवनसाथी तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रहने की इच्छा रखते हैं, किंतु वर्तमान परिस्थितियों में यह संभव नहीं हो पा रहा है।

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उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद अधिकांश कर्मचारियों को अपने गृह नगर अथवा गांव में स्थायी रूप से निवास करना होता है। ऐसे में उन्हें सेवा के अंतिम वर्षों में ही अपने गृह जिले अथवा निकटवर्ती क्षेत्र में पदस्थापना का अवसर मिलना चाहिए, ताकि वे अपने भविष्य की आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी कर सकें। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि आगामी स्थानांतरण नीति में ऐसे कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान किया जाए, जिनकी सेवा अवधि दो वर्ष या उससे कम शेष है। उन्हें मानवीय आधार पर प्राथमिकता देते हुए गृह जिले अथवा निकटवर्ती स्थानों पर पदस्थापना प्रदान की जाए। इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा तथा वे अपनी शेष सेवा अवधि अधिक संतोष, समर्पण और कार्यकुशलता के साथ पूर्ण कर सकेंगे।

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जारी विज्ञप्ति में जे पी मिश्रा, अनिल गोल्हानी,प्रवीणकुमार त्रिवेदी,टी पी सिंह, शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, बी एस दसमेर, श्रीमती शेषा सक्सेना, उर्मिला शुक्ला, लता चावड़ा,अनिल पाठक,आर जी बोहरे, ओ डी शर्मा,ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार कर्मचारियों की इस व्यावहारिक एवं मानवीय मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए स्थानांतरण नीति में आवश्यक प्रावधान करेगी, जिससे सेवानिवृत्ति के निकट पहुंच चुके कर्मचारियों को परिवार के साथ रहने और अपने भावी जीवन की तैयारियों का उचित अवसर मिल सके।

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S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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