
रायपुर (chaturpost.com)। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी (Chhattisgarh State Power Company) में वर्ष 2004 के बाद नियुक्त हुए अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme – OPS) को बहाल करने की मांग अब बेहद उग्र रूप धारण करने वाली है।
इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे को लेकर आज यानी शनिवार, 27 जून को राजधानी रायपुर में बिजली कंपनी के सभी प्रमुख अधिकारी और कर्मचारी संगठनों की एक बेहद महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक (Joint Meeting) आयोजित होने जा रही है। इस बैठक के बाद बिजली विभाग में एक बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
रायपुर के होटल में दोपहर 12 बजे से जुटेगा अमला
मिली जानकारी के अनुसार, ओपीएस बहाली (OPS Restoration) के इस गंभीर मुद्दे पर एक ठोस साझा रणनीति (Common Strategy) तैयार करने और भविष्य की कार्ययोजना (Action Plan) पर विस्तार से चर्चा करने के लिए यह बैठक बुलाई गई है।
यह महत्वपूर्ण बैठक आज दोपहर 12 बजे से रायपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित होटल के कॉन्फ्रेंस हॉल (Conference Hall) में आयोजित की जाएगी। बैठक का मुख्य उद्देश्य सभी संगठनों को एक मंच पर लाकर सरकार और प्रबंधन के सामने अपनी मांगों को मजबूती से रखना है।
बैठक के प्रमुख उद्देश्य और मुख्य एजेंडा (Key Agenda)
यहां इस महाबैठक के मुख्य बिंदुओं की सूची दी जा रही है जो आज की चर्चा का केंद्र रहेंगे:
- ओपीएस बहाली की साझा रणनीति (OPS Restoration Strategy): बिजली कंपनी में वर्ष 2004 के बाद नियुक्त अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करवाना।
- सामूहिक पहल और एकता (Collective Initiative): सभी अलग-अलग संगठनों को एक साथ लाकर एक मजबूत फ्रंट या मोर्चा तैयार करना।
- आगामी आंदोलन की रूपरेखा (Agitation Roadmap): यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से किए जाने वाले विरोध प्रदर्शनों की योजना बनाना।
- विचार-विमर्श और मंथन (Deliberation): कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन के सामने मजबूत पैरवी की तैयारी करना।
इन प्रमुख संगठनों की बैठक में रहेगी गरिमामयी उपस्थिति
इस साझा बैठक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी एक या दो नहीं, बल्कि बिजली विभाग के इतिहास में पहली बार इतने सारे संगठन एक साथ मंच साझा कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, सभी प्रमुख संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारियों (Senior Officials) ने इस बैठक में शामिल होने की अपनी लिखित और मौखिक सहमति दे दी है।
बैठक में शामिल होने वाले प्रमुख संगठन:
- छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल अभियंता संघ
- छत्तीसगढ़ सर्वहित संघ
- छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज डॉक्टर्स एसोसिएशन
- छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ (महासंघ)
- छत्तीसगढ़ विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन-01
- जनता यूनियन
- विद्युत कर्मचारी संघ
- आरक्षित वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ
- तकनीकी कर्मचारी संघ
- छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कर्मचारी ऑफिसर एसोसिएशन
- तकनीकी विद्युत कर्मचारी एकता यूनियन
- बिजली उत्पादन कर्मचारी संघ
- छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी कांग्रेस
इन सभी सूचीबद्ध और वर्तमान में कार्यरत संगठनों के जुटने से यह साफ हो गया है कि इस बार कर्मचारी आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।
कर्मचारियों में भारी आक्रोश और उम्मीदें
बिजली विभाग के सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों में अपने भविष्य और सामाजिक सुरक्षा (Social Security) को लेकर काफी चिंताएं हैं। नई पेंशन योजना (NPS) से असंतुष्ट कर्मचारी लगातार पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) की मांग कर रहे हैं।
आज की इस बैठक से जो भी निर्णय या प्रस्ताव पारित होगा, उसका सीधा असर छत्तीसगढ़ की ऊर्जा राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ना तय है। कर्मचारी नेताओं का दावा है कि यह सामूहिक पहल (Collective Effort) बिजली विभाग के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होगी।







