
मुंगेली/पथरिया (चतुरपोस्ट)। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के अंतर्गत पथरिया ब्लॉक के बस स्टैंड स्थित मंगल भवन प्रांगण में मध्यान्ह भोजन रसोइया संघ (Chhattisgarh Rasoiya Sangh) के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णयकारी बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जिले भर से आई रसोइया दीदियों और श्रमिक नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य रसोइयों की बढ़ती आर्थिक समस्याओं, उनके शोषण और आगामी राज्य स्तरीय विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार करना था।
बैठक की अध्यक्षता कर रही संघ की कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती हितोशिनी नन्द दीदी ने की। उन्होंने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत ‘वंदे मातरम’ के नारे के साथ बैठक की आधिकारिक शुरुआत की। बैठक की शुरुआत होते ही प्रांगण में उपस्थित सैकड़ों कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा और एकजुटता का संचार देखने को मिला।
आर्थिक संकट और संगठनात्मक कोष (Financial Crisis) पर चिंता
बैठक के शुरुआती चरण में ही संगठन की वित्तीय स्थिति पर गंभीर विमर्श हुआ। संघ की कोषाध्यक्ष श्रीमती सीमा गायकवाड़ दीदी ने पिछले दो वर्षों का आय-व्यय कोष (Income-Expenditure Fund) का विवरण सभी के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने अत्यंत चिंता और नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया कि पिछले 2 वर्षों से संगठन में सदस्यता शुल्क (Membership Fee) नहीं लिए जाने के कारण वर्तमान में संगठन का कोष पूरी तरह से शून्य है।
श्रीमती गायकवाड़ ने उपस्थित सभी रसोइया कार्यकर्ताओं से पुरजोर अपील की कि संगठन की मजबूती और उसके विस्तार कार्य (Extension Work) को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी रसोइया दीदियां अपना सदस्यता शुल्क अनिवार्य रूप से जमा कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना कोष राशि (Fund Money) के संगठन का संचालन और रसोइयों के अधिकारों की लड़ाई को निरंतरता देना बेहद कठिन हो जाएगा।
“₹2000 के अल्प मानदेय में आज की कमरतोड़ महंगाई के दौर में घर चलाना नामुमकिन हो चुका है!”
पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना और रसोइयों का शोषण (Exploitation)
बैठक में विभिन्न स्थानीय एवं प्रांतीय मुद्दों पर गहराई से चर्चा की गई, जिसे संघ के महामंत्री राजेंद्र मांडले ने विस्तार से रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में प्रधानमंत्री पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना (PM Poshan Shakti Nirman Yojana) के अंतर्गत प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में बच्चों को गरम और पौष्टिक भोजन दिया जाता है। इस महत्वपूर्ण कार्य को धरातल पर क्रियान्वित करने वाली रसोइया दीदियों को सरकार द्वारा मात्र ₹2000 का अल्प मानदेय (Midday Meal Cook Salary) दिया जा रहा है।
महामंत्री ने कार्य की परिस्थितियों को उजागर करते हुए कहा कि ये रसोइया दीदियां सुबह 10 बजे से ही स्कूलों में अपनी सेवाएं देने पहुंच जाती हैं। बच्चों के लिए भोजन पकाने, उन्हें परोसने और उसके बाद बर्तनों की साफ-सफाई करने में रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे का कड़ा समय लग जाता है। इतनी कड़ी मेहनत और लंबे कार्य समय (Working Hours) के बावजूद उन्हें मिलने वाला पारिश्रमिक किसी बड़े आर्थिक शोषण (Financial Exploitation) से कम नहीं है। आज के इस अत्यधिक महंगाई के युग में इतने कम पैसे में किसी भी परिवार का जीवन यापन (Livelihood) करना सर्वथा असंभव हो चुका है।
रायपुर में ‘जनआक्रोश हुंकार रैली‘ की तैयारी
रसोइयों की बढ़ती मानसिक व आर्थिक परेशानियों और सरकार की उदासीनता को देखते हुए महामंत्री राजेंद्र मांडले ने एक बड़े आंदोलन की घोषणा की। उन्होंने जानकारी दी कि भारतीय मजदूर संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश (Bhartiya Mazdoor Sangh CG) के आह्वान पर, मजदूरों के ऊपर हो रहे अत्याचार, शोषण और अल्प मानदेय के विरोध में आगामी 1 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में एक ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन होने जा रहा है।
इस ‘जनआक्रोश हुंकार रैली’ (Janakrosh Hunkar Rally) में पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के कोने-कोने से लगभग 1,0,000 (एक लाख) से अधिक श्रमिक और मजदूर राजधानी रायपुर की सड़कों पर उतरेंगे और सरकार के खिलाफ हुंकार भरेंगे।
रणनीति के तहत तीनों ब्लॉकों में होंगी बैठकें
मजदूर संघ के इस श्रमिक हुंकार आक्रोश रैली की तैयारी के लिए मुंगेली मध्यान्ह भोजन रसोइया संघ ने कमर कस ली है। हजारों श्रमिकों तक जानकारी पहुंचाने और उन्हें एकजुट करने के लिए क्रमबद्ध तरीके से जिले के तीनों ब्लॉकों में बैठकों का दौर शुरू किया जाएगा:
- लोरमी ब्लॉक (Lormi Block): प्रथम चरण में लोरमी के सभी रसोइया कार्यकर्ताओं को लामबंद करने के लिए विशेष बैठक आयोजित होगी।
- पथरिया ब्लॉक (Patharia Block): दूसरे चरण में स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाकर आक्रोश रैली को सफल बनाया जाएगा।
- मुंगेली ब्लॉक (Mungeli Block): अंतिम चरण में जिला मुख्यालय में बड़ी बैठक कर हजारों की संख्या में श्रमिकों को रायपुर प्रस्थान के लिए तैयार किया जाएगा।
आगामी सांस्कृतिक एवं संगठनात्मक कार्यक्रम
बैठक के अंतिम सत्र में संगठन की आगामी गतिविधियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसमें आगामी 23 जुलाई को भारतीय मजदूर संघ स्थापना दिवस (BMS Foundation Day) तथा भगवान विश्वकर्मा जयंती (Lord Vishwakarma Jayanti) को जिले भर में अत्यंत धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाने की तैयारी पर विस्तृत चर्चा की गई। इन आयोजनों के माध्यम से भी श्रमिक चेतना और एकता को बढ़ावा दिया जाएगा।
बैठक के अंत में गूंजे इस नारे ने सभी के भीतर आंदोलन की मशाल जला दी:
“प्रदेश के कोने-कोने से मजदूरों ने ललकारा है, हमे नहीं तो तुम्हे नहीं, चैन नहीं आराम नहीं।।”
बैठक में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता
इस महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बैठक में मुख्य रूप से जिला महामंत्री राजेंद्र मांडले, कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती हितोशिनी नन्द, कोषाध्यक्ष श्रीमती सीमा गायकवाड़, सह मंत्री शिवकुमारी दिवाकर, बसंती चंदेल, रामेश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री गोवर्धन यादव शामिल रहे। इसके अलावा सदस्य गणों में श्रीमती रामप्यारी, ईश्वरी निर्मलकर, ललिता बंजारे, देवकी साहू, सफुरा बंजारे, लल्ली बाई, ललिता ध्रुव, संध्या ध्रुव सहित सैकड़ों की संख्या में निष्ठावान रसोइया कार्यकर्ता दीदियां उपस्थित रहीं।







