कर्मचारी हलचल

संविदा कर्मियों की हड़ताल से ब्लैकआउट का खतरा: 30 से अधिक फीडर घंटों ठप, रातभर अंधेरे में रहे हजारों लोग

कोरबा (chaturpost.com) छत्तीसगढ़ में अपनी मांगों को लेकर अड़े संविदा बिजली कर्मचारियों का गुस्सा अब आम जनता पर भारी पड़ने लगा है। प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन (Indefinite Strike) के कारण राज्य की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। ऊर्जा धानी कहे जाने वाले कोरबा जिले में तो हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि जरा सी बारिश और आंधी आते ही पूरा इलाका ब्लैकआउट की कगार पर पहुंच जाता है।

बता दें कि संविदा कर्मी 22 जून से हड़ताल पर हैं और 1 जुलाई से नवा रायपुर में धरना दे रहे हैं।

मौसम के बदलते मिजाज के बीच, तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने (Lightning) की वजह से कोरबा जिले में विद्युत बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। तकनीकी खराबी आने के बाद उसे सुधारने के लिए पर्याप्त स्टाफ ही मौजूद नहीं है। नतीजतन, 33KV और 11KV की मुख्य लाइनें घंटों तक बंद रहीं, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को बिना बिजली के पूरी रात गुजारनी पड़ी।

इन 30 से अधिक फीडरों में घंटों ठप रही बिजली (Affected Power Feeders)

संविदा कर्मचारियों के इस बड़े आंदोलन का सबसे भीषण असर कोरबा के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में देखने को मिला है।  छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के महामंत्री कमलेश भारद्वाज के अनुसार, सुधार कार्य में अत्यधिक देरी होने के कारण जिले के 30 से अधिक मुख्य फीडर पूरी तरह ठप पड़ गए।

घंटों तक प्रभावित रहने वाले प्रमुख बिजली फीडरों की सूची इस प्रकार है:

  • शहरी एवं उपनगरीय क्षेत्र: इंदिरा नगर, पॉलिटेक्निक, बल्गी, टाउन 1 बांकी मोगरा, टाउन 2, टाउन 3, कटघोरा टाउन 1, कटघोरा टाउन 2, और भिलाईबाजार।
  • ग्रामीण एवं तहसील क्षेत्र: गुरसिया, लेप्रा, पोड़ी, तहसील, बिंझपुर, सर्वमंगला, सेमीपाली, इमली छापर, रुरल, चोटिया, पाली, कोरबी, रलिया, उतरदा, विजय नगर, ढूरेना, झाबर, कनकी, डोंगरा, तरदा, बिरदा, हरदी ग्रामीण, गेवरा, और बुढ़ियापाली।

इन सभी फीडरों से जुड़े हजारों परिवारों को उमस और घने अंधेरे का सामना करना पड़ा। बिजली न होने से पेयजल आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।

नियमित कर्मचारियों पर बढ़ा काम का बोझ (Overburdened Regular Staff)

संविदा कर्मचारियों के सामूहिक रूप से काम बंद करने के कारण अब पूरा दारोमदार गिने-चुने नियमित कर्मचारियों (Regular Employees) के कंधों पर आ गया है। इस जनशक्ति संकट (Manpower Crisis) के कारण बिजली दफ्तरों में तनाव का माहौल है।

अस्पताल और आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित (Impact on Essential Services)

बारिश के मौसम में आमतौर पर लाइन फॉल्ट की घटनाएं दोगुनी हो जाती हैं। ऐसे समय में जब सबसे ज्यादा मुस्तैदी की जरूरत होती है, तब टेक्निकल स्टाफ का हड़ताल पर चले जाना सीधे तौर पर जनहित को प्रभावित (Public Interest Affected) कर रहा है।

घंटों बिजली गुल रहने की वजह से केवल घरेलू उपभोक्ता ही परेशान नहीं हैं, बल्कि:

  1. अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं (Emergency Medical Services) बाधित हो रही हैं, जहां बैकअप जनरेटरों पर निर्भरता बढ़ गई है।
  2. छोटे और मध्यम उद्योग (Small Scale Industries) पूरी तरह ठप हो गए हैं, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
  3. ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा का खतरा (Security Risk in Rural Areas) बढ़ गया है, क्योंकि रात के वक्त जहरीले सांप-बिच्छुओं का डर बना रहता है।

एक सूत्रीय नियमितीकरण की मांग पर अड़ा संघ (Demand for Regularization)

छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के महामंत्री कमलेश भारद्वाज ने इस पूरे संकट पर संगठन का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने सीधे तौर पर शासन को चेतावनी दी है कि जब तक उनकी एक सूत्रीय नियमितीकरण (Regularization) की मांग पर कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय (Positive Decision) नहीं लिया जाता, तब तक यह प्रदेशव्यापी आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।

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संघ का कहना है कि वे जनता को परेशान नहीं करना चाहते, लेकिन सरकार उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। यदि समय रहते मुख्यमंत्री और ऊर्जा विभाग ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो आने वाले दिनों में यह बिजली संकट पूरे छत्तीसगढ़ को अपने आगोश में ले लेगा और किसी भी बड़ी दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।

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कोरबा में उत्पन्न हुआ यह गंभीर बिजली संकट इस बात का स्पष्ट संकेत है कि संविदा कर्मचारियों को नजरअंदाज करना पूरी व्यवस्था को दांव पर लगाने जैसा है। अब देखना यह है कि क्या सरकार बातचीत का रास्ता चुनती है या फिर एस्मा (ESMA) जैसे कड़े कदम उठाकर आंदोलन को कुचलने का प्रयास करती है। बिजली संकट से जुड़ी हर लाइव अपडेट के लिए पढ़ते रहिए chaturpost.com

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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