कर्मचारी हलचल

CG में बिजली कर्मचारियों के आक्रोश के आगे झुकी सरकार, CM साय ने खुद बुलायाचर्चा के लिए, आंदोलन रहेगा जारी

रायपुर (chaturpost.com)। छत्तीसगढ़ के पावर सेक्टर में इन दिनों भारी उथल-पुथल मची हुई है। छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ (महासंघ) द्वारा अपनी पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाली सहित कई लंबित मांगों को लेकर किए जा रहे व्यापक आंदोलन (Protest) ने अब राज्य सरकार की चिंता बढ़ा दी है। पूरे प्रदेश के बिजली कर्मियों और अधिकारियों से मिल रहे अभूतपूर्व जनसमर्थन (Mass Support) को देखते हुए सूबे के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पर बड़ा संज्ञान (Cognizance) लिया है।

मुख्यमंत्री साय ने आंदोलनकारी बिजली कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल को सीधे चर्चा (Dialogue) के लिए आमंत्रित किया। 3 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री निवास में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर पर ठोस आश्वासन (Assurance) दिया गया है। हालांकि, महासंघ ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों के सार्थक परिणाम नहीं आते, तब तक उनका चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।

सीएम हाउस में हुई मैराथन बैठक, इन मुद्दों पर बनी सहमति

भारतीय मजदूर संघ (BMS) से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ (महासंघ) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने अखिल भारतीय मंत्री व विद्युत प्रभारी राधेश्याम जायसवाल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की।

इस महत्वपूर्ण बैठक (High-level Meeting) में पावर कंपनी में कार्यरत हजारों कर्मचारियों के भविष्य से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के मांग पत्र (Demand Letter) की गंभीरता को समझते हुए उसे तत्काल शासन स्तर पर आगे की कार्रवाई के लिए प्रेषित (Forward) कर दिया है।

मुख्य सचिव और प्रबंधन स्तर पर होगा त्वरित समाधान

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि बिजली कर्मियों की सभी जायज मांगों पर सरकार पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) और अन्य नीतिगत मामलों पर शासन स्तर (Government Level) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा कराकर अनिवार्य रूप से समाधान (Resolution) निकाला जाएगा।

पावर कंपनी में नई भर्ती और संविदा कर्मियों के नियमितीकरण पर बड़ा अपडेट

चर्चा के दौरान कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री के सामने पावर कंपनियों की सबसे बड़ी जमीनी हकीकत को रखा। महासंघ के नेताओं ने बताया कि इस समय स्टेट पावर कंपनी (State Power Company) में कर्मचारियों की भारी कमी (Staff Shortage) है।

बढ़ता वर्कलोड और दुर्घटनाएं: कर्मचारियों की कमी के कारण वर्तमान स्टाफ पर काम का मानसिक और शारीरिक दबाव (Work Pressure) अत्यधिक बढ़ गया है। इसी अत्यधिक दबाव के कारण फील्ड पर आए दिन दुखद दुर्घटनाएं (Accidents) हो रही हैं।

इस गंभीर समस्या को सुनने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दो बेहद महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:

  1. नियमित भर्ती (Regular Recruitment): उन्होंने आश्वस्त किया कि पावर कंपनी में खाली पड़े पदों को भरने के लिए बहुत जल्द आधिकारिक विज्ञापन (Official Advertisement) जारी किए जाएंगे।
  2. संविदा नियमितीकरण (Contractual Regularization): पूर्व से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को आने वाले समय में नियमितीकरण के लिए परस्पर उचित अवसर (Opportunities) प्रदान किए जाएंगे।

आखिर क्यों सुलग रहा है बिजली कर्मचारियों का गुस्सा? जानिए आंदोलन का पूरा शेड्यूल

बिजली कर्मचारी महासंघ ने अपनी मांगों को लेकर पावर कंपनी प्रबंधन को बहुत पहले ही चरणबद्ध आंदोलन का नोटिस (Agitation Notice) दे दिया था। कर्मचारियों का यह आंदोलन दो चरणों को पार कर चुका है:

  • प्रथम चरण (1 से 30 जून): पूरे छत्तीसगढ़ में व्यापक स्तर पर जन जागरण और हस्ताक्षर अभियान (Signature Campaign) चलाया गया, जिसे हर वर्ग का समर्थन मिला।
  • द्वितीय चरण (1 से 9 जुलाई): वर्तमान में प्रदेश के सभी क्षेत्रीय मुख्यालयों (Regional Headquarters) और विद्युत उत्पादन केंद्रों (Power Generation Centers) में आमसभा, उग्र प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का सिलसिला चल रहा है।

सार्थक परिणाम तक पीछे नहीं हटेंगे कर्मचारी: 17 अगस्त से ‘कामबंद हड़ताल’ की चेतावनी

मुख्यमंत्री से सकारात्मक बातचीत और पूर्ण आश्वासन मिलने के बावजूद बिजली कर्मचारी महासंघ फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। महासंघ के रणनीतिकारों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर धरातल पर कोई ठोस और सार्थक परिणाम (Result) नजर नहीं आता, तब तक आंदोलन पर विराम नहीं लगेगा।

महासंघ ने अपने आगामी कड़े तेवरों की घोषणा भी कर दी है:

  • 10 जुलाई 2026 को महाप्रदर्शन: आगामी 10 जुलाई को रायपुर के डंगनिया स्थित पॉवर कंपनी मुख्यालय में एक विशाल आमसभा (Mass Rally) और आक्रोश प्रदर्शन किया जाएगा, जहाँ प्रबंधन को अंतिम चेतावनी ज्ञापन सौंपा जाएगा।
  • 17 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल: यदि इसके बाद भी शासन और प्रबंधन स्तर से कोई ठोस आदेश जारी नहीं होते हैं, तो 17 अगस्त से पूरे छत्तीसगढ़ में “अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल” (Indefinite Strike) शुरू कर दी जाएगी। महासंघ ने सभी वर्ग के अधिकारी-कर्मचारियों से इस आंदोलन में एकजुटता (Unity) दिखाने का आह्वान किया है।

बैठक में ये दिग्गज रहे मौजूद

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ हुई इस उच्च स्तरीय वार्ता में बिजली कर्मचारी महासंघ के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी रही, जिससे इस चर्चा को बेहद आधिकारिक और गंभीर माना जा रहा है:

  • राधेश्याम जायसवाल (अ.भा. मंत्री व विद्युत प्रभारी, भारतीय मजदूर संघ)
  • हरीश चौहान (उपमहामंत्री, अ.भा. विद्युत मजदूर महासंघ)
  • मनोज शर्मा (राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष)
  • संजय तिवारी (प्रदेश महासंघ अध्यक्ष)
  • तेज प्रताप सिन्हा (कार्यकारी अध्यक्ष)
  • नवरतन बरेठ (महामंत्री)
  • कोमल देवांगन (कोषाध्यक्ष)
  • के.एन. यादव एवं पीयूष सिन्हा (संगठन मंत्री द्वय)
  • चेतनानंद दुबे (कार्यालय मंत्री)

छत्तीसगढ़ के इस सबसे बड़े बिजली आंदोलन (Power Sector Protest) पर अब पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं। यदि 17 अगस्त से कामबंद हड़ताल होती है, तो राज्य में बिजली संकट गहरा सकता है, यही वजह है कि सरकार अब बैकफुट पर आकर बातचीत का रास्ता अपना रही है।

Also Read पॉवर कंपनी में OPS बहाली को कैबिनेट की मंजूरी, ऊर्जा विभाग की सैद्धांतिक सहमति… देखें दस्‍तावेज

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
Back to top button