
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिजली महकमे से एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (CSPTCL) ने उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों का पालन करते हुए कई विभागीय पदोन्नतियों के आदेश जारी किए हैं। इस विभागीय पदोन्नति समिति (Departmental Promotion Committee) की सिफारिश के बाद जारी हुए आदेश की खास बात यह है कि इसमें सेवानिवृत्त (Retired) और दिवंगत (Deceased) अधिकारियों को काल्पनिक/कागज पर पदोन्नति (Proforma/Paper Promotion w.e.f Notionally) का लाभ दिया गया है।
कंपनी के मानव संसाधन विभाग (Human Resource Department) द्वारा जारी अलग-अलग आदेशों के तहत सिविल और टीएंडडी (T&D) शाखा के कई पूर्व अधिकारियों को अधीक्षण अभियंता (Superintending Engineer), मुख्य अभियंता (Chief Engineer), और कार्यपालक निदेशक (Executive Director) के पदों पर नोशनल सीनियरिटी (Notional Seniority) के आधार पर प्रमोट किया गया है।
कोर्ट के आदेश के बाद मिली बड़ी कामयाबी
बिजली कंपनी द्वारा जारी आदेश में साफ़ तौर पर उल्लेख किया गया है कि यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (High Court of Chhattisgarh) द्वारा डब्ल्यूपीएस नंबर 409/2013 (फैसला दिनांक 04.02.2019) और डब्ल्यूपीएस नंबर 9778/2019 (फैसला दिनांक 16.04.2024) में दिए गए न्यायिक निर्णयों के अनुपालन में की गई है। इसके साथ ही, सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) के एसएलपी (डायरी) नंबर 5555/2025 में पारित आदेश को आधार बनाकर सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद यह सूची पब्लिश की गई है।
पदोन्नति सूची की मुख्य बातें और प्रमोट हुए अधिकारी
आदेश प्रतियों के अनुसार, जिन प्रमुख अधिकारियों को नोशनल प्रमोशन (Notional Promotion) का लाभ मिला है, उनकी सूची इस प्रकार है:
🔹 अतिरिक्त मुख्य अभियंता (Addl. Chief Engineer – T&D) पद पर (नया आदेश):
- श्री बी.पी. जायसवाल (सेवानिवृत्ति तिथि: 31.10.2025, प्रभावी तिथि: 30.09.2025)
- श्री पी.वी.एस. शंकर (सेवानिवृत्ति तिथि: 31.10.2020, प्रभावी तिथि: 01.10.2020)
- श्री अरुण कुमार खन्ना (सेवानिवृत्ति तिथि: 30.06.2021, प्रभावी तिथि: 31.05.2021)
- श्री शंकर सिंह मौर्या (सेवानिवृत्ति तिथि: 30.04.2017, प्रभावी तिथि: 01.04.2017)
🔹 कार्यपालक निदेशक (Executive Director – Civil) पद पर:
- श्री आर.के. तिवारी (सेवानिवृत्ति तिथि: 30.11.2015, प्रभावी तिथि: 25.09.2013)
- श्री एस.सी. सक्सेना (सेवानिवृत्ति तिथि: 31.08.2018, प्रभावी तिथि: 30.06.2018)
🔹 मुख्य अभियंता (Chief Engineer – Civil) पद पर:
- श्री रजत शुभ्र सेन (सेवानिवृत्ति तिथि: 30.06.2021, प्रभावी तिथि: 01.06.2021)
- श्री सुरेश कुमार दुबे (सेवानिवृत्ति तिथि: 31.05.2021, प्रभावी तिथि: 01.05.2021)
🔹 अधीक्षण अभियंता (Superintending Engineer – T&D) पद पर:
- श्री सालिक राम श्रेष्ठ (सेवानिवृत्ति तिथि: 31.03.2019, प्रभावी तिथि: 01.03.2019)
🔹 मुख्य अभियंता (Chief Engineer – Civil) पद पर अन्य नाम:
- इस वर्ग में श्री एस.के. सिन्हा (प्रभावी तिथि 25.09.2013) और श्री कैलाश चंद्र अग्रवाल (प्रभावी तिथि 05.05.2022) के साथ-साथ श्री अनिल कुमार व्यास, श्री डी.के. सवाने, श्री रोहिणी प्रसाद निगम, श्री सतीश जी. गार्डे, श्री डी.डी. पात्रीकर, श्री रामेश्वर प्रसाद ठाकुर, श्री सुरेश चंद्र श्रीवास्तव, श्री कृष्णा कुमार वर्मा, श्री सुरेश कुमार नायर, श्री हरीश कुमार बघेल, श्री सुधीर कुमार यादव, श्री अर्जुन दास ठाकुर, श्री पी. नागरांगेश, और श्री पी. अनिल कुमार जैसे कुल 14 अन्य अधिकारियों को भी पूर्व तिथियों से नोशनल पदोन्नति प्रदान की गई है।
नोशनल प्रमोशन के साथ जुड़ी कड़ी शर्तें
पॉवर कंपनी ने इस प्रमोशन ऑर्डर (Promotion Order) के साथ कुछ महत्वपूर्ण वित्तीय नियम और शर्तें भी लागू की हैं:
- पेंशन और वेतन संशोधन नहीं: नोशनल सीनियरिटी के आधार पर वेतन या पेंशन में वर्तमान स्तर पर कोई तत्काल संशोधन स्वीकार्य नहीं होगा।
- एरियर का भुगतान नहीं: इस आदेश के फलस्वरूप बैक डेट से वेतन या पेंशन का कोई भी एरियर (No arrears of pay/pension) नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट और कम्युटेशन जैसे टर्मिनल बेनिफिट्स पर भी कोई बकाया देय नहीं होगा।
- उच्च वेतनमान के मामले यथावत: जो अधिकारी पहले से ही उस पद का उच्च वेतनमान (Higher Pay Scale – HPS) प्राप्त कर रहे थे, उनके मामलों को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि बिजली कंपनी का यह कदम कर्मचारियों के लंबे कानूनी संघर्ष की जीत है। भले ही नोशनल प्रमोशन मिलने से अधिकारियों को तत्काल कोई बड़ा वित्तीय एरियर का लाभ नहीं मिल रहा हो, लेकिन सेवा अभिलेखों (Service Records) में उनके पदनाम में सुधार होना उनके सम्मान और सेवाकाल की गरिमा को पुनर्स्थापित करता है। यह आदेश राज्य के अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के लिए भी अदालती फैसलों के क्रियान्वयन का एक बड़ा उदाहरण बनेगा।







