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बस्तर में Amit Shah का सबसे बड़ा अलर्ट: जनता को किया आगाह, बोले- ‘वे भेष और बात बदलकर फिर आएंगे, तो उनसे…

जगदलपुर (chaturpost.com) छत्‍तीसगढ़ के नक्‍सल मुक्‍त बस्‍तर में पहली बार पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) का बड़ा बयान सामने आया है। बस्तर संभाग के जगदलपुर में मध्य क्षेत्र परिषद की 26वीं बैठक (Central Regional Council Meeting) के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह ने स्थानीय आदिवासियों को लेकर एक बेहद गंभीर और बड़ा अलर्ट (High Alert) जारी किया है। गृह मंत्री ने बस्तर के सीधे-साधे भोले-भाले आदिवासियों को आगाह करते हुए देश की मीडिया से भी इस मिशन में विशेष सहयोग देने की भावुक अपील की है।

अमित शाह ने सीधे शब्दों में बस्तर की जनता को चेतावनी देते हुए कहा:

“मैं बस्तर की जनता को विशेष रूप से आगाह करना चाहता हूं। बस्तर के सीधे-साधे आदिवासियों को दशकों तक गुमराह करने वाले और यहां खूनी खेल खेलने वाले लोग अब हार मान चुके हैं। लेकिन वे शांत नहीं बैठेंगे; वे अब भेष बदलकर और अपनी बात बदलकर फिर से गांवों में आ सकते हैं। बस्तर की जनता को अब किसी के भी बहकावे में आने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।”

अब आएं तो उनसे 50 वर्षों के विनाश का हिसाब मांगना

अमित शाह ने बस्तर के आदिवासियों को वैचारिक और राजनीतिक रूप से जागरूक करते हुए एक बड़ा गुरुमंत्र दिया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने बस्तर को विकास से दूर रखा, जिन्होंने यहां के युवाओं के हाथों में किताबों और रोजगार के बजाय बंदूकें थमाईं, वे अब नए चेहरों और खोखले वादों के साथ बस्तर के गांवों का रुख करेंगे।

गृह मंत्री ने बस्तरवासियों से अपील की:

  • हिसाब मांगें जनता: जब भी कोई बाहरी तत्व या पुराने विचारों के लोग भेष बदलकर आएं, तो बस्तर की जनता को उनसे पिछले 50 वर्षों के नुकसान और विनाश का हिसाब मांगना चाहिए।
  • सच्ची सरकार की पहचान: जनता उनसे पूछे कि 50 सालों तक बस्तर में बिजली, सड़क, अस्पताल और स्कूल क्यों नहीं पहुंचे?
  • चुनी हुई सरकार पर भरोसा: छत्तीसगढ़ और भारत सरकार, दोनों आपकी अपनी चुनी हुई सरकारें हैं, जो पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से (Democratic Way) आपका विकास करने के लिए दिन-रात काम कर रही हैं।

डबल इंजन सरकार का संकल्प: बस्तर बनेगा देश का सबसे विकसित संभाग

केंद्रीय गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि दिल्ली से लेकर रायपुर तक सक्रिय डबल इंजन सरकार बस्तर की तस्वीर और तकदीर बदलने के लिए एक वैज्ञानिक रोडमैप (Scientific Roadmap) पर काम कर रही है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Modi Government) और छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार (Sai Government) कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं।

सरकार का संकल्प है कि आने वाले पांच सालों के भीतर बस्तर को देश के सभी आदिवासी संभागों में सबसे विकसित संभाग (Most Developed Tribal Division) बनाया जाएगा। इसके लिए सुरक्षा के साथ-साथ विकास की एक व्यापक और नई परिकल्पना (New Vision of Development) को धरातल पर उतारा जा रहा है।

भय का अंत और शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेराका नया सूर्योदय

अमित शाह ने याद दिलाया कि बस्तर में 13 दिसंबर 2023 को भाजपा सरकार बनने के बाद नक्सल विरोधी अभियानों में अभूतपूर्व तेजी आई। सुरक्षाबलों के साहस के कारण 31 मार्च 2026 की तय समय-सीमा से पहले ही देश से नक्सलवाद का संपूर्ण उन्मूलन (Complete Eradication of Naxalism) हो चुका है। अब बस्तर की वादियों से खौफ का माहौल पूरी तरह खत्म हो चुका है और विश्वास का नया माहौल (Atmosphere of Trust) बना है।

नक्सल मुक्त बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ने की नई व्यवस्था:

  • सुरक्षा कैंपों का परिवर्तन: गृह मंत्रालय द्वारा बस्तर की सुरक्षा के लिए बनाए गए लगभग 200 फॉरवर्ड सिक्योरिटी कैंपों में से 70 केंद्रों को अब शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा (Sewa Dera Scheme) में तब्दील किया जा रहा है।
  • दरवाजे पर प्रशासन: इन सेवा डेरा का एकमात्र उद्देश्य सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक सुविधाओं को सीधे ग्रामीणों के घर तक (Governance at Doorstep) पहुंचाना है।
  • 371 योजनाओं का लाभ: इस सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए आदिवासियों को एक ही छत के नीचे 371 सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ (Direct Benefit) मिलेगा, जिसमें बैंकिंग, राशन दुकान और प्राथमिक शालाएं शामिल हैं।

आदिवासी महिलाओं के लिए श्वेत क्रांति और आजीविका का प्रबंधन

बस्तर के युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार रोजगार सृजन (Employment Generation) के बड़े माध्यम तैयार कर रही है। अमित शाह ने बताया कि जिन सुदूर इलाकों में लोग छोटे-छोटे कामों के लिए मीलों दूर भटकते थे, अब उन्हें उनके गांव में ही कौशल प्रशिक्षण और आजीविका के साधन (Livelihood Management) उपलब्ध कराए जाएंगे।

इसके तहत बस्तर में एक विशाल डेयरी नेटवर्क (Dairy Network) स्थापित किया जा रहा है:

“बस्तर के हर गांव में पैक्स (PACS) और सरकारी डेयरी बनाई जाएगी। हर आदिवासी परिवार को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक गाय और एक भैंस देने की योजना है। इसके लिए एग्रीमेंट (Official Agreement) हो चुका है और आने वाले 6 महीनों में बस्तर में दुग्ध उत्पादन और श्वेत क्रांति का एक नया दौर शुरू होने जा रहा है।”

विकास के मोर्चे पर बस्तर का ऐतिहासिक रिपोर्ट कार्ड (Development Report Card)

अमित शाह ने आंकड़ों के जरिए बताया कि नक्सलवाद गरीबी के कारण फैला था, इस भ्रांति (Myth) को सरकार ने विकास के जरिए पूरी तरह तोड़ दिया है। हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकती और लोकतांत्रिक मूल्य ही विकास का एकमात्र आधार हैं।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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