
IPS Vikash Kumar NIA Deputation रायपुर: छत्तीसगढ़ कैडर के होनहार आईपीएस अधिकारी विकास कुमार को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रायपुर कमिश्नरेट में डीसीपी (ट्रैफिक-प्रोटोकॉल) के पद पर तैनात विकास कुमार अब केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा रहे हैं। भारत सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) ने उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात करने की मंजूरी दे दी है।
गृह मंत्रालय ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, 2020 बैच के आईपीएस विकास कुमार को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने का अनुरोध किया गया है ताकि वे अपनी नई जिम्मेदारी संभाल सकें। विकास कुमार अपनी कार्यकुशलता और ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं।
संघर्षों से भरा रहा है सफर: बिहार के लाल ने गाड़ा झंडा
विकास कुमार मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले हैं। उनका जन्म 3 दिसंबर 1991 को एक साधारण किसान परिवार में हुआ। उनके दादा खेती करते थे, जबकि उनके पिता बिहार मिलिट्री पुलिस में हवलदार के पद पर कार्यरत थे।
विकास की शुरुआती शिक्षा हिंदी माध्यम से हुई, लेकिन उन्होंने कभी अपनी पृष्ठभूमि को बाधा नहीं बनने दिया। 11वीं-12वीं में अंग्रेजी माध्यम और गणित विषय के साथ पढ़ाई करने के बाद उन्होंने एनआईटी (NIT) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की और टाटा स्टील जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में अधिकारी के रूप में काम भी किया।
शादी के बाद शुरू की तैयारी, चौथे प्रयास में मिली सफलता
विकास कुमार की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो असफलता से डर जाते हैं। उनकी शादी 2015 में हुई और विवाह के ठीक एक महीने बाद उन्होंने यूपीएससी (UPSC) की तैयारी का कठिन रास्ता चुना।
- दो बार मेंस से हुए बाहर: शुरुआती दो प्रयासों में वे इंटरव्यू तक नहीं पहुंच पाए।
- चौथे प्रयास में रचा इतिहास: हार न मानते हुए उन्होंने चौथे प्रयास में प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पास की और 203वीं रैंक के साथ यूपीएससी क्रैक कर आईपीएस बने।
- गांव के पहले ऑफिसर: विकास अपने गांव से यूपीएससी निकालने वाले पहले व्यक्ति हैं। साथ ही, उनके चयन से औरंगाबाद जिले में पिछले पांच सालों से चला आ रहा सूखे का दौर भी खत्म हुआ था।
छत्तीसगढ़ में अपनी सेवाओं के दौरान उन्होंने यातायात प्रबंधन और प्रोटोकॉल में कई महत्वपूर्ण सुधार किए। अब राष्ट्रीय स्तर की सुरक्षा एजेंसी NIA में उनकी नियुक्ति राज्य के लिए गर्व का विषय है।








