
Bird Flu बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में एवियन इन्फ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) के मामले की पुष्टि होने के बाद हड़कंप मच गया है। कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र (Government Poultry Farm) में संक्रमण मिलने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने तत्काल प्रभाव से ‘रैपिड रिस्पांस टीम’ का गठन कर संक्रमित पक्षियों के नष्टीकरण और निगरानी के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

5 हजार मुर्गियों की मौत, ‘इन्फेक्टेड जोन’ घोषित
बर्ड फ्लू के प्रकोप के चलते कोनी फार्म में लगभग 5 हजार मुर्गे-मुर्गियों की मौत हो गई है। संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए प्रशासन ने मृत पक्षियों के साथ-साथ बड़ी मात्रा में अंडों को भी वैज्ञानिक पद्धति से नष्ट कराया है।
- इन्फेक्टेड जोन: संक्रमण स्थल से 1 किलोमीटर के दायरे को प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया है।
- सर्विलांस जोन: 10 किलोमीटर तक के क्षेत्र को निगरानी दायरे में रखा गया है।
- प्रतिबंध: इस क्षेत्र में कुक्कुट पक्षियों के परिवहन, बिक्री और खरीदी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
6 महीने तक खाली रहेगा पोल्ट्री फार्म
प्रशासन ने कड़ा फैसला लेते हुए संक्रमित पोल्ट्री फार्म को अगले 6 महीने तक खाली रखने का निर्णय लिया है। इस दौरान पूरे परिसर का गहन सैनिटाइजेशन (कीटाणुशोधन) किया जाएगा। संयुक्त संचालक (पशु चिकित्सा) गोपाल शरण सिंह तंवर ने बताया कि दैनिक रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है और सभी बिक्री केंद्रों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
विशेष जानकारी: क्या है बर्ड फ्लू (Bird Flu)?
बर्ड फ्लू, जिसे वैज्ञानिक भाषा में एवियन इन्फ्लुएंजा (H5N1) कहा जाता है, एक घातक वायरल संक्रमण है। यह मुख्य रूप से पक्षियों (मुर्गियों, बत्तखों और जंगली पक्षियों) को प्रभावित करता है, लेकिन यह संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले इंसानों में भी फैल सकता है।
इंसानों में बर्ड फ्लू के लक्षण:
- तेज बुखार और खांसी।
- गले में खराश और मांसपेशियों में दर्द।
- सांस लेने में तकलीफ और सिरदर्द।
- गंभीर मामलों में यह निमोनिया का रूप ले सकता है।
बचाव के लिए प्रशासन की अपील
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आगामी 21 दिनों तक चिकन और अंडों का सेवन न करने की सलाह दी है। यदि कहीं भी पक्षियों की असामान्य मौत दिखाई दे, तो तुरंत पशु चिकित्सा विभाग को सूचित करें।






