कर्मचारी हलचल

Census 2027: छत्तीसगढ़ में मानदेय भुगतान और विशेष अवकाश पर फूटा कर्मचारियों का गुस्सा, फेडरेशन ने दी बड़ी चेतावनी

रायपुर (chaturpost.com) छत्तीसगढ़  के शासकीय सेवकों के हितों की रक्षा करने वाले सबसे बड़े संगठन छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने राज्य के शासकीय कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है।

फेडरेशन ने राष्ट्रीय महत्व के काम में अपनी जान झोंकने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को उनका हक दिलाने के लिए सीधी लड़ाई शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने जनगणना संचालन निदेशक (Director of Census Operations) को एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़ा ज्ञापन (Memorandum) प्रेषित किया है।

इस ज्ञापन के माध्यम से फेडरेशन ने साफ शब्दों में मांग की है कि जनगणना 2027 (Census 2027) के अत्यंत कठिन और महत्वपूर्ण कार्य में संलग्न रहे प्रदेश के सभी श्रेणी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तत्काल विशेष अर्जित अवकाश (Special Earned Leave) प्रदान किया जाए। इसके साथ ही महीनों से अटके पड़े लंबित मानदेय राशि (Pending Honorarium Amount) का शीघ्र अति शीघ्र सम्मानजनक भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

भीषण गर्मी और 45 डिग्री तापमान में निभाई जिम्मेदारी (Challenging Working Conditions)

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा  ने बहुत ही मार्मिक और जमीनी हकीकत का उल्लेख किया है। उन्‍होंने बताया कि जनगणना 2027 के महाभियान के अंतर्गत राज्य के विभिन्न शासकीय विभागों के हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी सेवाएं दी हैं। इन कर्मचारियों ने 1 मई से 30 मई तक की भीषण तपती गर्मी में मैदानी स्तर पर काम किया।

इस दौरान छत्तीसगढ़ का तापमान लगभग 45 डिग्री सेल्सियस जैसी विषम और जानलेवा परिस्थितियों (Adverse Weather Conditions) तक पहुंच चुका था। इस झुलसा देने वाली गर्मी में भी शासकीय अमले ने बिना किसी शिकायत के पूर्ण निष्ठा, अद्वितीय समर्पण और गहरी जिम्मेदारी के साथ इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व (National Obligation) का सफल निर्वहन किया।

फेडरेशन का कहना है कि राज्य के अनेक शिक्षक, लिपिक, पटवारी और अन्य विभागों के शासकीय सेवकों ने अपने महत्वपूर्ण व्यक्तिगत अवकाशों, ग्रीष्मकालीन छुट्टियों और सबसे बढ़कर अपने अत्यंत अमूल्य पारिवारिक समय (Family Time) का पूरी तरह से त्याग किया। उन्होंने केवल और केवल इस राष्ट्रीय महत्व के जनगणना कार्य को सफल और त्रुटिहीन बनाने में अपना रात-दिन एक कर उल्लेखनीय योगदान दिया।

कर्मचारियों की मुख्य मांगें

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने राज्य शासन और जनगणना संचालन निदेशालय के समक्ष मुख्य रूप से तीन सूत्रीय मांगें रखी हैं। इन प्रमुख मांगों को नीचे रंगीन और स्पष्ट रूप में देखा जा सकता है:

  • विशेष अर्जित अवकाश की स्वीकृति (Sanction of Special Leave): जनगणना कार्य की अवधि के बदले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके सेवा रिकॉर्ड में विशेष अर्जित अवकाश (Special Earned Leave) जोड़ा जाए, जो कि पूरी तरह से न्यायोचित है।
  • लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान (Immediate Disbursement of Honorarium): शासन द्वारा बजट की पर्याप्त व्यवस्था किए जाने के बावजूद आज तक अधिकांश मैदानी कर्मियों को मानदेय राशि (Remuneration Amount) नहीं मिली है, जिसे अविलंब बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाए।
  • भविष्य के लिए स्थायी एवं प्रभावी व्यवस्था (Permanent and Effective System): आगे चलकर जब भी ऐसे राष्ट्रीय महत्व के बड़े कार्य आयोजित किए जाएं, तो कर्मचारियों को समयबद्ध रूप से (Time-Bound Manner) मानदेय और अन्य आवश्यक देय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एक परमानेंट सिस्टम तैयार किया जाए।

बजट स्वीकृत होने के बाद भी भुगतान में देरी पर नाराजगी (Bureaucratic Red Tape)

फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा (State Coordinator Kamal Verma) ने इस पूरी प्रशासनिक सुस्ती पर गहरी चिंता और तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य शासन द्वारा इस विशिष्ट कार्य के लिए मानदेय की समुचित वित्तीय व्यवस्था (Financial Budget) पहले ही की जा चुकी है। बजट आवंटित होने के बावजूद निचले स्तर के कार्यालयों और तकनीकी प्रक्रियाओं की वजह से आज तक अधिकांश अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई की राशि का भुगतान नहीं हो पाया है।

इस अनावश्यक प्रशासनिक लेत-लतीफी और लालफीताशाही (Bureaucratic Delay) के कारण प्रदेश के शासकीय सेवकों में इस समय व्यापक असंतोष (Widespread Dissatisfaction) व्याप्त है। कर्मचारी इस बात से बेहद आहत हैं कि भीषण गर्मी में अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने के बाद भी उन्हें अपने ही पैसों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यदि समय रहते इस लंबित राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो आने वाले समय में शासकीय कर्मचारी किसी भी अतिरिक्त सरकारी या राष्ट्रीय महत्व के कार्यों का बहिष्कार करने के लिए मजबूर हो सकते हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।

फेडरेशन को शीघ्र सकारात्मक निर्णय की उम्मीद (High Expectations from Authority)

इन तमाम विपरीत परिस्थितियों और मांगों के बीच, छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने अभी भी शासन-प्रशासन के प्रति अपनी सकारात्मक सोच और विश्वास बनाए रखा है। फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने उम्मीद जताई है कि जनगणना संचालन निदेशक और राज्य शासन दोनों ही कर्मचारियों के इस अमूल्य योगदान और उनके अद्वितीय समर्पण का पूरा सम्मान करेंगे।

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फेडरेशन को पूरा भरोसा है कि कर्मचारियों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए और उनके भीतर पनप रहे असंतोष को शांत करने के लिए इन जायज मांगों पर बहुत ही जल्द एक सकारात्मक और संवेदनशील निर्णय (Positive Decision) लिया जाएगा। इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल (Employees Morale) बढ़ेगा, बल्कि भविष्य में भी वे पूरी ऊर्जा के साथ शासकीय योजनाओं को धरातल पर उतारने में अपना योगदान दे सकेंगे।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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