कर्मचारी हलचलशासकीय आदेश व अधिसूचना

छत्तीसगढ़ में शासकीय कर्मचारियों के बिना अनुमति छुट्टी और मुख्यालय छोड़ने पर लगा प्रतिबंध, देखें आदेश

नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों के बिना अनुमति के छुट्टी और मुख्‍यालय छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश छत्‍तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र Chhattisgarh Assembly Session को देखते हुए जारी किया गया है। संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास (UADD) ने विधानसभा सत्र के दौरान विभाग से जुड़ी जानकारियों और सवालों के जवाब समय-सीमा में भेजने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।

विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश (Official Order) के तहत आगामी विधानसभा सत्र के लिए नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी गई है। इसके साथ ही सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं।

13 जुलाई से शुरू हो रहा है विधानसभा सत्र

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संयुक्त संचालक मिथलेश कुमार अवस्थी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, छत्तीसगढ़ विधानसभा का जुलाई सत्र 13 जुलाई 2026 से 17 जुलाई 2026 तक आयोजित किया गया है।

इस 5 दिवसीय सत्र (Monsoon Session) के दौरान विधानसभा में पूछे जाने वाले प्रश्नों, ध्यानाकर्षण सूचनाओं (Calling Attention Notices), स्थगन प्रस्ताव और शून्यकाल के प्रश्नों का उत्तर समय-सीमा में शासन को भेजना अनिवार्य होता है। इसी Government Accountability (सरकारी जवाबदेही) को सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है।

बिना अनुमति छुट्टी और मुख्यालय छोड़ने पर पूरी तरह रोक

नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगर पालिक निगमों के आयुक्तों और मुख्य नगरपालिका अधिकारियों (CMO) को स्पष्ट निर्देश दिया है कि सत्र के दौरान कोई भी कर्मचारी बिना सक्षम स्वीकृति के अवकाश (Leave) पर नहीं जाएगा।

  • मुख्यालय में उपस्थिति: सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से अपने मुख्यालय (Headquarters) में ही उपस्थित रहना होगा।
  • छुट्टियों के दिनों में भी काम: विधानसभा सत्र के दौरान पड़ने वाले अवकाश के दिनों (Holidays) में भी कार्यालयों में जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
  • दूरभाष व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश: सभी नगरीय निकायों को अपने कार्यालयीन फोन और लैंडलाइन चालू रखने को कहा गया है, ताकि आवश्यक सूचनाओं का आदान-प्रदान तुरंत हो सके।

ये बनाए गए हैं राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी

संचालनालय स्तर पर विधानसभा प्रश्नों के त्वरित और सही निराकरण के लिए दो वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग ने इनके Contact Numbers भी जारी किए हैं ताकि समन्वय में कोई कमी न रहे:

जितेंद्र कुशवाहा औरअरुण कुमार साहू  

सूड़ा (SUDA) और संचालनालय के बीच बंटेगा काम

विभागीय आदेश के अनुसार, राज्य में संचालित विभिन्न Government Schemes (सरकारी योजनाओं) से जुड़े सवालों के जवाबों को लेकर भी वर्गीकरण किया गया है:

  • केन्द्र व राज्य प्रवर्तित योजनाएं: राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के माध्यम से संचालित योजनाओं से संबंधित प्रश्नों के उत्तर सीधे ‘सूड़ा’ को भेजे जाएंगे।
  • अन्य प्रशासनिक प्रश्न: इसके अलावा अन्य सभी प्रकार के विधानसभा प्रश्नों के जवाब सीधे संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास को प्रेषित किए जाएंगे।
  • हस्ताक्षर बंधन: एक सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह दिया गया है कि समस्त विधानसभा प्रश्नों के उत्तर केवल संबंधित आयुक्त या मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) के हस्ताक्षर (Signature) से ही भेजे जाएंगे, इसके बिना ये स्वीकार नहीं होंगे।

इस कड़े कदम से स्पष्ट है कि सरकार विधानसभा सत्र के दौरान किसी भी प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही (Administrative Laxity) बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। सभी क्षेत्रीय कार्यालयों (रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर) को इस आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

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Chhattisgarh Assembly Session

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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