
DA News रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय सेवकों का महंगाई भत्ता केंद्रीय कर्मियों के 55 प्रतिशत के बराबर हो गया है। प्रदेश के शासकीय सेवक महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने से संतुष्ट हैं, लेकिन एरियर्स नहीं मिलने से नाराज हैं। महंगाई भत्ता इस साल जनवरी में बढ़ना था, लेकिन सितंबर से बढ़ाया गया है। इसमें एरियर्स गोल कर दिया गया है। इसकी वजह से शासकीय सेवक गुस्से में हैं।
पांच साल में 43 महीने का एरियर्स नहीं मिला
शासकीय सेवकों के अनुसार बीते पांच साल में सरकार ने 43 महीने महंगाई भत्ता नहीं दिया है। इससे शासकीय सेवकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान एरियर्स के भुगतान का वादा किया था, लेकिन अब भाजपा की ही सरकार एरियर्स में डंडी मारने लगी है।
DA News 2021 से अब तक की स्थिति
कोरोना के दौरान 2020 और 2021 में शासकीय सेवकों का 16 से 18 महीने का एरियर्स नहीं दिया गया। इसी तरह 2021 में 10 बाद महंगाई भत्ता लागू किया गया। 2023 में 8 महीने, 2024 में 8 महीने, 2024 में 17 महीने और अब 2025 में 8 महीने का एरियर्स का भुगतान नहीं किया गया है।
करीब 400 करोड़ रुपए
कर्मचारी नेताओं के अनुसार 2018 से अब तक लगभग 80 महीने का महंगाई भत्ता नहीं मिला है, जो लगभग 400 करोड़ रुपए होता है। कर्मचारी संगठन इस पैसे को जीपीएफ खातों में समायोजित करने का भी प्रस्ताव सरकार के सामने रख चुके हैं, लेकिन सरकार की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
DA News आर्डर की प्रतियां जलाने की चेतावनी
इधर, भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ ने एरियर्स नहीं दिए जाने को लेकर नाराजगी जाहिर की है। महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा, महामंत्री अनिल गोल्हानी, संगठन मंत्री टीपी सिंह, कोषाध्यक्ष बीएस दसमेर, संभागीय अध्यक्ष प्रवीण कुमार त्रिवेदी, रायपुर जिला के अध्यक्ष आर जी बोहरे ने बयान जारी कर 8 महीने का एरियर्स नहीं दिए जाने पर नाराजगी जाहिर की है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि डीआर के आदेश में भी इसी तरह 8 महीने की कटौती की जाती है, तो उस आदेश की प्रतियां जलाई जाएगी।




