Breaking News

CG Government Employee Suspended: वायरल ऑडियो का खौफ! EE शशांक सिंह तत्काल प्रभाव से सस्पेंड, ड्राइवर को दी थी भद्दी गालियां

सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल होने के बाद बड़ी कार्रवाई

रायपुर।  छत्तीसगढ़ प्रशासनिक गलियारे (Administrative Department) से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य शासन (State Government) ने एक बेहद सख्त कदम उठाते हुए जांजगीर-चांपा जिले में पदस्थ जल संसाधन विभाग (Water Resources Department) के कार्यपालन अभियंता (Executive Engineer) श्री शशांक सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspended) कर दिया है। यह निलंबन आदेश (Suspension Order) महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय के जल संसाधन विभाग द्वारा जारी किया गया है।

दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया (Social Media) पर एक ऑडियो क्लिप तेजी से वायरल (Viral Audio Clip) हो रहा था। इस ऑडियो में कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह और उनके कार्यालय के वाहन चालक (Driver) श्री शशिकांत साहू के बीच हुई बातचीत थी। ऑडियो के सामने आने के बाद और समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह कड़ा फैसला लिया है।

कलेक्टर की जांच रिपोर्ट में हुआ अभद्र व्यवहार का खुलासा

इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब जांजगीर-चांपा के कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी (District Magistrate) को इस विवाद की सूचना मिली। कलेक्टर ने तुरंत मामले को संज्ञान में लेते हुए अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (Additional District Magistrate) से दोनों पक्षों (EE और वाहन चालक) का बयान दर्ज कराया।

जांच रिपोर्ट (Investigation Report) क्रमांक 5838/एडीएम-स्टेनो/2026 दिनांक 13.05.2026 के अनुसार, यह स्पष्ट हुआ कि:

  • कार्यपालन अभियंता (EE) शशांक सिंह ने अपने अधीनस्थ कर्मचारी (Subordinate Staff) वाहन चालक शशिकांत साहू से मोबाइल पर बातचीत के दौरान अत्यंत अभद्र (Abusive) और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया।
  • अधिकारी का यह आचरण पूरी तरह से अमर्यादित (Unbecoming Conduct) था, जो एक लोक सेवक की गरिमा के खिलाफ है।
  • सिर्फ इतना ही नहीं, EE ने बातचीत के दौरान जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों (Senior Administrative Officers) के प्रति भी अशोभनीय टिप्पणी (Derogatory Remarks) की थी।
  • इस पूरे कृत्य से जिले में प्रशासनिक छवि (Administrative Image) पूरी तरह से धूमिल हुई है।

इन नियमों के तहत गिरी निलंबन की गाज

जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया (Prima Facie) दोषी पाए जाने के बाद, छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग के उप सचिव रवीन्द्र कुमार मेढेकर के हस्ताक्षर से निलंबन का आदेश जारी किया गया है। आदेश में साफ तौर पर लिखा गया है कि शशांक सिंह का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम (3) के विपरीत है।

इसके फलस्वरूप, उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspended) किया जाता है। निलंबन अवधि के दौरान शशांक सिंह का मुख्यालय (Headquarters) कार्यालय प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग, शिवनाथ भवन, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है। उन्हें बिना अनुमति के मुख्यालय छोड़ने की पात्रता नहीं होगी।

निलंबन के दौरान क्या मिलेंगे अधिकार? देखें मुख्य बिंदु

शासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश (Official Notification) के तहत निलंबन की अवधि के दौरान कुछ विशेष नियम लागू रहेंगे, जिन्हें नीचे तालिका और बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है:

  • जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance): आदेश के पैरा 2 में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन की अवधि (Suspension Period) के दौरान शशांक सिंह को नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
  • विभागीय जांच (Departmental Enquiry): निलंबन के बाद अब इस मामले में विस्तृत विभागीय जांच की जाएगी। यदि आरोप पूरी तरह सिद्ध होते हैं, तो सेवा समाप्ति या डिमोशन जैसी बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।
  • प्रशासनिक संदेश (Administrative Message): इस त्वरित कार्रवाई से राज्य सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि सरकारी महकमे में अनुशासनहीनता (Indiscipline) और अभद्र व्यवहार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कर्मचारी संघों में था भारी आक्रोश, कार्रवाई से मिली राहत

जैसे ही सोशल मीडिया पर कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह का ऑडियो वायरल हुआ था, कर्मचारी संघों (Employee Unions) में भारी आक्रोश देखा जा रहा था। पीड़ित वाहन चालक शशिकांत साहू, जो वर्तमान में कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (रा.) अकलतरा/बलौदा में संलग्न हैं, उन्होंने भी न्याय की गुहार लगाई थी।

CG Government Employee Suspended
निलंबन आदेश

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों द्वारा अधीनस्थ कर्मचारियों को इस तरह प्रताड़ित (Torment) करने के मामलों पर लगातार उंगलियां उठती रही हैं। यही वजह है कि कलेक्टर की रिपोर्ट के ठीक बाद मंत्रालय ने 24 घंटे के भीतर डिजिटल सिग्नेचर (Digitally Signed) युक्त आदेश जारी कर मामले को शांत करने का प्रयास किया है। राज्यपाल के नाम से और आदेशानुसार जारी यह पत्र अब छत्तीसगढ़ के सभी विभागों के लिए एक नजीर बन गया है।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
Back to top button