CG रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को रसोईयों और सफाईकर्मियों के वेतन का मामला उठा। राघवेंद्र कुमार सिंह ने शिक्षा विभाग में कार्यरत सफाईकर्मी एवं मध्यान्ह भोजन बनाने वाले रसोईयों की प्रस्तावित वेतनवृद्धि पर सावाल किया था।
राघवेन्द्र कुमार सिंह ने स्कूल शिक्षा मंत्री से पूछा – शिक्षा विभाग में कार्यरत सफाईकर्मी और मध्यान्ह भोजन बनाने वाले रसोईयों का मानदेय/वेतन राशि कितनी-कितनी है? सरकार गठन के बाद विगत दो वर्षों में कितने प्रतिशत की वृद्धि की गई है?
इस प्रश्न के लिखित उत्तर में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया है कि शिक्षा विभाग में कार्यरत सफाईकर्मी का मानदेय लगभग राशि 3470 रुपए प्रतिमाह है और मध्यान्ह भोजन बनाने वाले रसोईयों का मानदेय राशि 2000 रुपए प्रतिमाह है। सरकार गठन के बाद विगत दो वर्षों में सफाई कर्मियों के मानदेय में चार प्रतिशत की वृद्धि और रसोईयों के मानदेय में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं की गई है।
राघवेंद्र कुमार सिंह ने पूछा क्या वर्तमान सरकार द्वारा शिक्षा विभाग अंतर्गत कार्यरत सफाईकर्मी और मध्यान्ह भोजन बनाने वाले रसोईयों के वेतन में 50 प्रतिशत् वृद्धि प्रस्तावित है? यदि हां तो कब तक?
इस पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने अपने लिखित उत्तर में कहा है कि सफाईकर्मी और मध्यान्ह भोजन बनाने वाले रसोईयों के वेतन में 50 प्रतिशत् वृद्धि कोई प्रस्तावित नहीं है।
विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शराब घोटाला पर सवाल किया। उन्होंने अपने सवाल की शुरुआत करते हुए कहा कि पिछली सरकार में जो शराब घोटाला हुआ था… भूपेश बघेल के सवाल पर सदन में हंगामा भी खड़ा हुआ। इस खबर को पूरा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंAMP