
Khabar Varta अमेरिका की तरफ से शुरू किए गए टैरिफ वार के बीच भारत सरकार ने देश के नागरिकों को महंगाई से राहïत देने के लिए जीएसटी में क्रांतिकारी बदलाव किया है। जीएसटी परिषद ने कई वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स जीरो कर दिया है। वहीं, अधिकांश वस्तुओं पर टैक्स में कमी की गई है। इससे आम और खास दोनों को लाभ होगा।
गुडस एंड सर्विस टैक्स हो गया गुड एंड सिंपल टैक्स
केंद्र सरकार ने जीएसटी में मौजूदा 4-स्तरीय टैक्स रेट ढांचे को बदलकर दो कर दिया है। इसमें एक 18% का स्टैंडर्ड रेट और दूसरा 5% का मेरिट रेट हैं। कुछ चुनिंदा वस्तुओं और सेवाओं के लिए 40% का विशेष डिमेरिट रेट लगाया गया है। आम आदमी की कई वस्तुएं जैसे हेयर ऑयल, टॉयलेट सोप बार, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, साइकिल, टेबलवेयर, किचनवेयर, अन्य घरेलू सामान आदि पर जीएसटी 18% या 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
अब कई वस्तुओं पर जीरो टैक्स
बहुत अधिक तापमान वाला (यूएचटी) दूध, पहले से पैक और लेबल वाला छेना या पनीर पर जीएसटी 5% से घटाकर शून्य कर दिया गया है; सभी भारतीय ब्रेड (चपाती, पराठा, परोटा आदि) पर भी जीएसटी हटा दिया गया है। लगभग सभी खाद्य पदार्थों जैसे पैकेज्ड नमकीन, भुजिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी, संरक्षित मांस, कॉर्नफ्लेक्स, मक्खन, घी आदि पर जीएसटी 12% या 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
Khabar Varta आम जरुरत की चीजें होगी सस्ती
एयर कंडीशनिंग मशीन, 32 इंच के टीवी (सभी टीवी पर अब 18% कर), डिशवॉशिंग मशीन, छोटी कार, 350 सीसी या उससे कम क्षमता वाली मोटरसाइकिल पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है
किसानों को बड़ी को राहïत
कृषि वस्तुओं, मिट्टी तैयार करने या जुताई के लिए ट्रैक्टर, कृषि, बागवानी या वानिकी मशीनरी, कटाई या थ्रेसिंग मशीनरी, जिसमें पुआल या चारा बेलर, घास काटने की मशीन, कंपोस्ट मशीन आदि शामिल हैं, पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। हस्तशिल्प, संगमरमर और ट्रैवर्टीन ब्लॉक, ग्रेनाइट ब्लॉक, और मध्यम चमड़े के सामान जैसी श्रम-आधारति वस्तुओं पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। सीमेंट पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है
जीवन रक्षक दवाओं पर जीरो टैक्स
33 जीवनरक्षक दवाओं और औषधियों पर जीएसटी 12% से घटाकर शून्य कर दिया गया है और कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और अन्य गंभीर दीर्घकालिक रोगों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 3 जीवनरक्षक दवाओं और औषधियों पर जीएसटी 5% से घटाकर शून्य कर दिया गया है। अन्य सभी दवाओं और औषधियों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
चिकित्सा, शल्य चिकित्सा, दंत चिकित्सा या पशु चिकित्सा या भौतिक या रासायनिक जांच के लिए इस्तेमाल होने वाले कई चिकित्सा उपकरणों और यंत्रों पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
कई चिकित्सा उपकरणों और आपूर्ति उपकरणों जैसे वैडिंग गॉज, बैंडेज, डायग्नोस्टिक किट और रीजेंट, ब्लड ग्लूकोज मॉनिटरिंग सिस्टम (ग्लूकोमीटर), चिकित्सा उपकरणों आदि पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है
ऑटोमोबाइल सेक्टर पर बड़ा असर
350 सीसी या उससे कम सीसी वाली छोटी कारें और मोटरसाइकिल पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। बस, ट्रक, एंबुलेंस आदि पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। सभी ऑटो कलपुर्जों पर, चाहे उनका एचएस कोड कुछ भी हो, 18% की एक समान दर कर दी गई है; तीन-पहिया वाहनों पर इसे 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में सुधार
हाथ से बनाए रेशे पर जीएसटी दर 18% से घटाकर 5% और मानव निर्मित धागे पर 12% से घटाकर 5% करके, मानव निर्मित कपड़ा क्षेत्र के लिए लंबे समय से लंबित इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में सुधार किया गया है।सल्फ्यूरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड और अमोनिया पर जीएसटी दर 18% से घटाकर 5% करके उर्वरक क्षेत्र में इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में सुधार किया। नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों और उनके निर्माण के लिए पुर्जों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
Khabar Varta जिम और सैलून पर टैक्स 5 प्रतिशत
7,500 रुपये प्रति यूनिट प्रतिदिन या उसके बराबर मूल्य वाली होटल आवास सेवाओं पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। आम आदमी के द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली सौंदर्य और शारीरिक स्वास्थ्य सेवाओं, जिनमें जिम, सैलून, नाई, योग केंद्र आदि शामिल हैं, पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
पान मसाला और सिगरेट पर एमआरपी पर जीएसटी
पान मसाला, गुटखा, सिगरेट, अनमैन्युफैक्चर्ड तंबाकू, जर्दा जैसे चबाने वाले तंबाकू पर लेन-देन मूल्य के बजाय खुदरा बिक्री मूल्य (आरएसपी) पर जीएसटी लगाया जाएगा।
सेवाओं से संबंधित अन्य बदलाव
रेस्टोरेंट सेवाओं की कर-देयता के संदर्भ में निर्देशित परिसर की परिभाषा में स्पष्टीकरण जोड़ने की सिफारिश की है, जिससे यह स्थिति स्पष्ट की जा सके कि एक स्टैंड-अलोन रेस्टोरेंट खुद को निर्देशित परिसर घोषित नहीं कर सकता है और फलस्वरूप, आईटीसी के साथ 18% की दर से जीएसटी का भुगतान करने का विकल्प नहीं प्राप्त कर सकता है।







