Chhattisgarhप्रमुख खबरें

CSMCL छत्‍तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला में समाने अब आया ओवरटाइम घोटाला, 2 गिरफ्तार: EOW का दावा…

CSMCL Overtime Scam रायपुर: छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में हुए करोड़ों के ‘ओवरटाइम भुगतान घोटाले’ में ब्यूरो ने ईगल हंटर साल्युशन लिमिटेड के दो महत्वपूर्ण प्यादों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तारी और कार्रवाई का विवरण

एसीबी मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार (19 अप्रैल 2026) को मैनपावर एजेंसी ईगल हंटर साल्युशन लिमिटेड के फील्ड ऑफिसर अभिषेक कुमार सिंह और अकाउंटेंट तिजऊ राम निर्मलकर को हिरासत में लिया गया। सोमवार को इन्हें विशेष न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से ब्यूरो ने 27 अप्रैल 2026 तक की पुलिस रिमांड हासिल कर ली है।

बैकस्टोरी: कैसे खुला भ्रष्टाचार का यह ‘पंडोरा बॉक्स’?

इस पूरे घोटाले की जड़ें नवंबर 2023 में छिपी हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 29 नवंबर 2023 को तीन व्यक्तियों से 28.80 लाख रुपये नगद जब्त किए थे। जाँच में पता चला कि यह रिश्वती रकम कंपनी के बैंक खाते से निकाली गई थी और इसे CSMCL के अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए नवीन प्रताप सिंह तोमर द्वारा भेजे गए लोगों को सौंपा जाना था। इसी इनपुट के आधार पर ब्यूरो ने अपराध क्रमांक 44/2024 दर्ज कर जांच शुरू की थी।

घोटाले का ‘मोडस ऑपरेंडी’: 115 करोड़ का खेल

विवेचना में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों के ‘ओवरटाइम’ के नाम पर मैनपावर एजेंसियों को लगभग 115 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

  • नियम: यह राशि कर्मचारियों को उनके अतिरिक्त काम के बदले मिलनी थी।
  • हकीकत: एजेंसियों ने यह राशि कर्मचारियों को देने के बजाय फर्जी बिलों के माध्यम से ‘कमीशन’ के रूप में निकाल ली।
  • वितरण: इस अवैध राशि को CSMCL के भ्रष्ट अधिकारियों और बिचौलियों के बीच बांटा जाता था।

एक्सपर्ट एनालिसिस: अनवर ढेबर कनेक्शन और सिंडिकेट का प्रभाव

इस मामले में सबसे गंभीर खुलासा यह है कि इस लूट का अंतिम गंतव्य अनवर ढेबर थे। आरोप है कि यह घोटाला केवल कुछ अधिकारियों की मिलीभगत नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित ‘सिंडिकेट’ है जो सरकारी खजाने को चूना लगा रहा था। 115 करोड़ की यह रकम सीधे तौर पर उन गरीब कर्मचारियों का हक था, जो शराब दुकानों में दिन-रात काम करते हैं। अनवर ढेबर का नाम सामने आने से स्पष्ट है कि इस घोटाले के तार बेहद ऊंचे स्तर तक जुड़े हुए हैं।

प्रमुख बयान (Quotes)

“गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी रिश्वती रकम को अधिकारियों तक पहुंचाने की महत्वपूर्ण कड़ी थे। रिमांड के दौरान पूछताछ में कई और बड़े नामों और चौंकाने वाले तथ्यों के सामने आने की प्रबल संभावना है।” — ब्यूरो आधिकारिक सूत्र

“यह कर्मचारियों के पसीने की कमाई पर डकैती है। 115 करोड़ रुपये का अवैध कमीशन निकालना एक बड़े वित्तीय अपराध की ओर इशारा करता है।” — कानूनी विशेषज्ञ

यह भी पढ़ें- जशपुर में प्लेन क्रैश का सच आया सामने, कलेक्टर ने दी जानकारी, बताया दो राज्यों के ATC से किया संपर्क, देखिए वीडियो

घोटाले का लेखा-जोखा (At a Glance)

विवरणतथ्य/आंकड़ा
कुल घोटाला राशिलगभग 115 करोड़ रुपये
गिरफ्तार आरोपीअभिषेक कुमार सिंह, तिजऊ राम निर्मलकर
एजेंसी का नामईगल हंटर साल्युशन लिमिटेड
पुलिस रिमांड अवधि27 अप्रैल 2026 तक
इस खबर का असर (Impact):
  • CSMCL से जुड़ी अन्य मैनपावर एजेंसियों पर ब्यूरो की नजर टेढ़ी हो सकती है।
  • सरकारी विभागों में ‘कमीशन कल्चर’ पर लगाम लगेगी।
  • अनवर ढेबर से जुड़े अन्य मामलों में भी नए सुराग मिल सकते हैं।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
Back to top button