
Electricity रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली कंपनी में फिर कर्मचारी आंदोलन का शंखनाद हो गया है। छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ ने कंपनी प्रबंधन को आंदोलन का नोटिस थमा दिया है। संघ की तरफ से चार चरणों में आंदोलन करने की सूचना कंपनी प्रबंधन को दी गई है।
वादा पूरा नहीं करने का आरोप
कंपनी प्रबंधन को आंदोलन के लिए दिए गए नोटिस में संघ ने साफ शब्दो में कहा है कि कंपनी प्रबंधन और संघ के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में मांगों ठोस आश्वासन दिया गया था, लेकिन एक साल बाद भी कोई निणर्य या आदेश जारी नहीं किया गया है। इससे संविदा कर्मी निराश हैं।
कंपनी प्रबंधन के आश्वासन के बाद स्थगित किया गया था आंदोलन
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि 2024 में संविदा कर्मियों ने आंदोलन किया था। इस पर 12 अगस्त 2024 को कंपनी प्रबंधन और संघ के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस बैठक के बाद 30 अगस्त 2024 को प्रबंधन की तरफ से आवश्यक कार्यवाही विवरण जारी किया गया। इसमें संघ की सभी मांगों पर सकारात्मक विचार था, इसे देखते हुए आंदोलन स्थतिग कर दिया गया।
Electricity एक साल के इंतजार के बाद फिर आंदोलन का ऐलान
विद्युत संविद कर्मचारी संघ के अध्यक्ष हरिचरण साहू और महामंत्री कमलेश भारद्वाज ने बताया कि अगस्त 2024 में कंपनी प्रबंधन की तरफ से मिले सकारात्मक और ठोस आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया था, लेकिन सालभर बाद भी हमारी मांगों पर कोई निर्णय नहीं हो पाया है। ऐसे में हमें विवश होकर फिर से आंदोलन करना पड़ रहा है।
चार चरणों में आंदोलन का ऐलान
विद्युत संविदा कर्मचारी संघ की तरफ बिजली कंपनी के अध्यक्ष और एमडी के नाम से आंदोलन की सूचना कंपनी प्रबंधन को दे दी गई है। विद्युत संविदा कर्मचारी संघ ने चार चरणों में आंदोलन करने की घोषणा की है।
प्रथम चरण
आंदोलन के पहले चरण में 19 सितंबर को विद्युत संविदा कर्मचारी संघ की तरफ से प्रदेश के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के स्तर पर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा।
द्वितीय चरण
आंदोलन के दूसरे चरण में विद्युत संविदा कर्मचारी संघ 01 अक्टूबर को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। वहीं, दो अक्टूबर को राष्ट्रीय अवकाश के दिन ड्यूटी का बहिष्कार करेंगे।
तृतीय चरण
आंदोलन के तीसरे चरण में संविदा कर्मी 13 अक्टूबर को डंगनिया स्थित बिजली कंपनी मुख्यालय के गेट के सामने आम सभा करेंगे। इस दौरान प्रदर्शन भी होगा।
चतुर्थ चरण
तीन चरणों के आंदोलन के बाद भी बिजली कंपनी प्रबंधन की तरफ से संविदा कर्मियों की मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाता है तो कंपनी के सभी संविदा कर्मी 18 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
Electricity इन चार सूत्रीय मांगों को लेकर करेंगे आंदोलन
संविदा कर्मियों ने कंपनी प्रबंधन को अपनी चार सूत्रीय मांगों से भी अवगत करा दिया है। आंदोलन के नोटिस के साथ में संघ की तरफ से अपनी मांगों की भी जानकारी कंपनी प्रबंधन को दे दी गई है।
यह है संविदा कर्मियों की मांगें
नियमितीकरण संविदा कर्मियों की प्रमुख मांग है। लंबे समय से कंपनी में संविदा के आधार पर काम रहे कर्मचारी नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में भी इसका वादा किया था।
मुआवजा और संविदा नियुक्ति
संविदा कर्मी जोखिम वाला काम करते हैं, ऐसे में अपनी और परिवार की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। संविदा कर्मियों की मांग है कि मृत्यु होने पर परिवार को 25 लाख का मुआवजा और अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।
महंगाई व मकान भत्ता
विद्युत संविदा कर्मचारी संघ की तीसरी मांग महंगाई और मकान भत्ता को लेकर है। संघ की मांग है कि वर्तमान में देय एकमुश्त वेतन में महंगाई भत्ता और मकान भत्ता प्रदान किया जाए।
राष्ट्रीय अवकाश के दिन काम पर अतिरिक्त भुगतान
संविदा कर्मचारियों की मांग है कि राष्ट्रीय अवकाश के दिन ड्यूटी करने पर अतिरिक्त भुगतान की पात्रता प्रदान की जाए। राष्ट्रीय अवकाश के दिनों में पहले किए गए काम पर भी अतिरिक्त भुगतान किया जाए।





