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पटरी पर दौड़ेगा विकास: कोयला परिवहन के लिए बिछ रहा रेल नेटवर्क, सड़कों पर घटेगा दबाव, पर्यावरण को मिलेगी राहत

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रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बुनियादी ढांचे के विकास और बिजली उत्पादन की क्षमता को नई गति देने के लिए एक बड़ी रेल परियोजना पर काम तेजी से चल रहा है। पुसौर तहसील के छोटेभंडार स्थित बिजली संयंत्र तक कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किरोड़ीमल से संयंत्र तक विशेष रेल लाइन बिछाई जा रही है।

बिजली उत्पादन को मिलेगा नया आयाम

वर्तमान में यहाँ स्थित संयंत्र से 600 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिसे भविष्य में और बढ़ाने की तैयारी है। वर्तमान में 2 x 800 मेगावाट क्षमता के अतिरिक्त संयंत्रों का निर्माण भी जारी है। इन विशाल संयंत्रों के लिए ईंधन (कोयला) की नियमित और सुचारू आपूर्ति के लिए यह रेल मार्ग रीढ़ की हड्डी साबित होगा।

20 गांवों से होकर गुजरेगा ट्रैक

यह प्रस्तावित रेल मार्ग किरोड़ीमल से शुरू होकर कुल 20 गांवों को कवर करेगा। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • मुरालीपाली, उच्चभित्ति, काशीचुआ, गेजमुड़ा और बनहर।
  • बघनपुर, जामपाली, उसरौट, बालमगोंडा और कुरमापली।
  • गोर्रा, राईतराई, बुलाकी, बासनपाली, रुचिदा, शंकरपाली, पुसलदा, कोतमरा और बड़ेभंडार।
परियोजना के मुख्य लाभ और जमीनी स्थिति

📍 भूमि अधिग्रहण की स्थिति

कुल 20 गाँवों में से 18 गाँवों के भू-स्वामियों ने शासन द्वारा निर्धारित दरों पर मुआवजा स्वीकार कर लिया है। शेष 2 गाँवों में प्रशासनिक व कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्य को गति दी जा रही है।

🌱 क्षेत्र को क्या मिलेगा?

सड़क सुरक्षा: भारी वाहनों का दबाव कम होने से दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
पर्यावरण संरक्षण: कोयले के सड़क परिवहन से उड़ने वाली धूल और प्रदूषण घटेगा।
विकास: 1600 मेगावाट के नए संयंत्रों के लिए ईंधन की निरंतर आपूर्ति।
स्रोत: चतुरपोस्‍ट.कॉम | Raigarh Rail Project Update

भूमि अधिग्रहण: 18 गांवों में सहमति, प्रशासन हुआ सख्त

परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित नियमों के तहत पूरी की गई है।

  • सफल मुआवजा वितरण: परियोजना से प्रभावित 20 में से 18 गाँवों के भू-स्वामियों ने सरकारी दरों पर मुआवजा स्वीकार कर लिया है, जिससे वहाँ काम अंतिम चरण में है।
  • विवाद और समाधान: शेष दो गांवों में कुछ भू-स्वामियों द्वारा निर्धारित दर से अधिक की मांग के कारण काम प्रभावित हुआ था। हालांकि, सरकारी कार्य में बाधा को देखते हुए प्रशासन ने कानूनी प्रक्रियाओं के तहत आवश्यक कार्रवाई की है, ताकि परियोजना समय पर पूरी हो सके।

पर्यावरण और आम जनजीवन पर असर

इस रेल लाइन के शुरू होने से न केवल औद्योगिक लाभ होगा, बल्कि स्थानीय निवासियों को भी बड़ी राहत मिलेगी:

  1. ट्रैफिक से निजात: वर्तमान में कोयला सड़क मार्ग से आता है, जिससे भारी वाहनों का दबाव रहता है। रेल शुरू होने पर सड़कों पर भीड़ कम होगी।
  2. प्रदूषण में कमी: ट्रकों की आवाजाही कम होने से धूल और धुएं के प्रदूषण में भारी गिरावट आएगी।
  3. सड़क सुरक्षा: भारी वाहनों की संख्या घटने से सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम भी कम होगा।

यह रेल परियोजना रायगढ़ के लिए केवल एक औद्योगिक रूट नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के सतत विकास, स्वच्छ पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा निवेश है।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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