
रायपुर: छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) के दफ्तरों और स्टोर्स से होने वाले माल के परिवहन को लेकर एक बड़ी प्रशासनिक खबर आ रही है। बिजली कंपनी के वित्त विभाग (Finance Department) ने केंद्रीय जीएसटी विभाग की नई गाइडलाइन के बाद अपने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के लिए एक नया और कड़ा परिपत्र (Circular) जारी किया है।
यह आदेश कार्यपालक निदेशक (वित्त) संदीप मोदी (Sandeep Modi) के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी किया गया है। इसके तहत अब बिजली कंपनी द्वारा किए जाने वाले किसी भी माल की बिक्री या आंतरिक स्टॉक ट्रांसफर (Stock Transfer) के दौरान ई-वे बिल पोर्टल (E-way Bill portal) के नए नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है।
जीएसटीएन एडवाइजरी के बाद बिजली कंपनी ने लिया बड़ा निर्णय (GSTN Advisory Implementation)
दरअसल, जीएसटी विभाग (GST Department) द्वारा जारी की गई नई जीएसटीएन एडवाइजरी (GSTN Advisory) के बाद ई-वे बिल पोर्टल की तकनीकी व्यवस्था में दो बड़े बदलाव (System Modifications) किए गए हैं। इन बदलावों को बिजली कंपनी के भीतर सुचारू रूप से लागू करने के लिए ही यह सर्कुलर जारी किया गया है।
आदेश के अनुसार, अब कंपनी के अंतर्गत होने वाले सभी प्रकार के माल परिवहन (Goods Transportation) के दौरान नीचे दिए गए दो नए तकनीकी नियमों का पालन न करने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है।
नियम नंबर 1: बिजली कंपनी के दफ्तरों को ‘Ship to GSTIN’ दर्ज करना अनिवार्य (Mandatory Ship to GSTIN)
ई-वे बिल पोर्टल पर अब पारदर्शिता को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है:
- बिलिंग के दौरान अनिवार्यता: अब से बिजली कंपनी के किसी भी दफ्तर या स्टोर से होने वाले ‘Bill-to/Ship-to’ ट्रांजैक्शन से जुड़े सभी मामलों में, ई-वे बिल बनाने के दौरान “Ship to GSTIN” से संबंधित फील्ड में माल प्राप्त करने वाले का जीएसटी नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा।
- अनरजिस्टर्ड प्राप्तकर्ता के लिए नियम: यदि बिजली कंपनी किसी ऐसे व्यक्ति या फर्म को माल भेज रही है जो जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड नहीं है, तो ऐसी स्थिति में पोर्टल पर अनिवार्य रूप से “URP” (Unregistered Person) दर्ज करना होगा। इसके बिना ई-वे बिल जनरेट नहीं हो पाएगा।
नियम नंबर 2: माल की डिलीवरी होते ही ई-वे बिल को तुरंत बंद (Close) करने के निर्देश
अब तक ई-वे बिल की अवधि खत्म होने का इंतजार किया जाता था, लेकिन अब इस प्रक्रिया में एक नया ट्रांजिशन वर्ड और विकल्प जोड़ा गया है:
- डिलीवरी के बाद तत्काल क्लोजर: इसके तहत माल की डिलीवरी पूरी हो जाने के पश्चात ई-वे बिल को पोर्टल पर तुरंत बंद (Close) करने की सुविधा शुरू की गई है।
- कौन कर सकता है बंद: बिजली कंपनी के संबंधित अधिकारी, सप्लायर्स, ट्रांसपोर्टर, चालक या वह अधिकृत व्यक्ति जिसका मोबाइल नंबर ई-वे बिल बनाते समय दिया गया था, वे पोर्टल पर लॉगइन करके इसे बंद कर सकते हैं।
- समय-सीमा: ई-वे बिल को माल की डिलीवरी वाले दिन अथवा उसके अगले दिन तक तिथि-वार (Date-wise) बंद करने का विकल्प पोर्टल पर लाइव कर दिया गया है।
चीफ इंजीनियर और स्टोर्स प्रभारियों को कड़े निर्देश (Strict Compliance Guidelines)
बिजली कंपनी के वित्त विभाग ने इस मामले में किसी भी प्रकार की वित्तीय या तकनीकी लापरवाही को रोकने के लिए सख्त रुख अपनाया है।
सभी क्षेत्रीय कार्यालयों, मुख्य अभियंताओं (Chief Engineers) और अधीक्षण अभियंताओं (भंडार) को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे कंपनी की ओर से माल की बिक्री या स्टॉक ट्रांसफर पर परिवहन की स्थिति में इन नियमों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। माल प्राप्तकर्ता के रूप में भी ई-वे बिल को तय समय पर बंद करना अनिवार्य होगा।
Also Read छत्तीसगढ़ बिजली कंपनियों में फेरबदल, कई अफसरों का ट्रांसफर, एक को मिला प्रमोशन, देखें लिस्ट
इस महत्वपूर्ण आदेश की प्रतिलिपि मुख्य अभियंता (छ.ग.स्टे.पा.जन.कंपनी लि.), अधीक्षण अभियंता (भंडार) और कार्यपालक निदेशक (EITC) को तत्काल आवश्यक कार्यवाही हेतु अग्रेषित कर दी गई है ताकि इसे ई-ऑफिस सिस्टम के जरिए पूरे प्रदेश में कड़ाई से लागू किया जा सके।







