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CSPGCL पॉड से हो रहे रिसाव पर प्रबंधन ने नहीं दिया ध्‍यान! HTPP संयंत्र एरिया के हाइडल परिसर में भरा पानी

CSPGCL कोरबा। छत्‍तीसगढ़ बिजली उत्‍पादन कंपनी के एचटीपीपी संयंत्र में स्‍टाप पॉड का तटबंध टूट गया। गुरुवार की सुबह हुए इस हादसे के कारण हाइडल संयंत्र से उत्‍पादन प्रभावित हुआ। इसको लेकर आरोप- प्रत्‍यारोप का दौर शुरू हो गया है। कर्मचारी संगठनों इस मामले में संयंत्र प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, प्रबंधन ने इससे इंकार किया है।  

बड़ी लापरवाही का परिणाम

स्टाप पॉड के तटबंध टूटने को लेकर बीएमएस के उद्योग प्रभारी राधेश्याम जायसवाल ने कहा कि यह घटना बड़ी लापरवाही का परिणाम है। बहुत दिनों से पानी का रिसाव हो रहा था। इसके बाद भी प्रबंधन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जिसके कारण तटबंध टूटने की घटना हुई है। उन्होंने मामले में जांच की मांग करते हुए लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।

फूटा नहीं केवल रिसाव

इस मामले में एचटीपीपी के प्रभारी मुख्य अभियंता पीके स्वैन ने मीडिया से चर्चा में बताया गया कि पॉड का तटबंध फूटा नहीं है। रिसाव के बाद पानी मिनी हाइड्रो प्लांट के परिसर में घुसा है। पॉड के तटबंध में पहले से कोई रिसाव नहीं था। इस स्थिति में मरम्मत करा लेते हैं। रात में सीपेज शुरू हुआ होगा। दोपहर 1 बजे तक मरम्मत करा ली गई।

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घटना से किसी प्रकार की हानि नहीं हुई है। एहतियात के तौर पर मिनी हाइडल की बंद रखा गया है। एक दो दिन के भीतर इसे सर्विस में ले आया जाएगा। संयंत्र की एक इकाई में रख रखाव का कार्य चल रहा है। अन्य चारों इकाई फुल केपिसिटी पर चल रही है।

एचटीपीपी में 210 मेगावॉट की चार व 500 मेगावॉट की एक इकाई स्थापित है। संयंत्र की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 1340 मेगावॉट है। वहां 2 गुना .85 मिनी हाइडल स्थित है। संयंत्र के 210 मेगावॉट यूनिट के पानी को बाहर भेजा जाता है। इसके लिए स्टाप पॉड बना हुआ है।

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बताया जा रहा है कि इसमें 850 किलोवॉट की 2 मशीन लगाई गई है। गुरुवार सुबह 8.40 बजे अचानक एक मशीन ट्रिप हो गई। जिसकी जांच करने पर पता चला कि स्टाप पॉड के तटबंध के नीचे से पानी का रिसाव हो रहा है। देखते ही देखते पानी का बहाव तेज हो गया और वह मिनी हाइडल एरिया में घुस गया। जिससे मिनी हाइडल से उत्पादन बंद करना पड़ा।

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एरिया में पानी घुसने की खबर से अधिकारी हरकत में आ गए। आनन फानन में उन्होंने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। पहले टूट तटबंध के मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया।

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जिसके बाद मिनी हाइडल एरिया में भरे पानी को डे नेज कर बाहर निकाला गया। बताया जा रहा है कि मिनी हाइडल को शुरू होने में एक से दो दिन लग सकता है। संयंत्र प्रबंधन ने तटबंध टूटने से किसी प्रकार की बड़ी हानि से इंकार किया है।

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कम लोड पर चल रही थी मशीनें स्टाप पॉन्ड में लगाई गई 850 किलोवॉट क्षमता की दोनों मशीनों को कम लोड पर चलाया जा रहा था। बताया जाता है कि संयंत्र की 210 मेगावॉट की यूनिट क्रमांक 4 को रख रखाव के लिए बंद रखा गया है। इसके उत्पादन में लौटने में सात से आठ दिन  लग सकता है। एक यूनिट के बंद रहने के कारण मशीनों को 500-500 किलोवॉट क्षमता पर चलाया जा रहा था।

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