
रायपुर। आज के डिजिटल युग में बिजली सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि जीवन का अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित 7वीं वेस्टर्न रीजन साइबर सिक्योरिटी को-ऑर्डिनेशन फोरम (WR-CSCF) की बैठक में विशेषज्ञों ने बिजली तंत्र पर मंडराते साइबर खतरों को लेकर बड़ी चेतावनी दी है।
बिजली है ‘छठा तत्व’: एमडी राजेश शुक्ला
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक (MD) श्री राजेश कुमार शुक्ला ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए एक महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि “पुराने समय में पंचतत्व (भूमि, गगन, वायु, अग्नि और नीर) जीवन के आधार थे, लेकिन आज बिजली (Electricity) छठा तत्व बन चुकी है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली उत्पादन (Generation) से लेकर सप्लाई तक का पूरा सिस्टम अब कंप्यूटरीकृत प्रणाली (Computerized System) पर चलता है। ऐसे में एक छोटी सी डिजिटल चूक पूरे राज्य को अंधेरे में डुबो सकती है, इसलिए Alert (सतर्क) रहना अनिवार्य है।
बैठक की मुख्य बातें (Key Highlights):
- साइबर स्वच्छता (Cyber Hygiene): हर कर्मचारी और अधिकारी को डिजिटल सुरक्षा के नियमों का पालन करना होगा।
- डेटा सुरक्षा (Data Security): ग्रिड इंडिया के विशेषज्ञों ने डेटा को सुरक्षित रखने और मॉनिटरिंग पर जोर दिया।
- राज्यों की भागीदारी: बैठक में छत्तीसगढ़ के साथ महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा और दमन-दीव के अधिकारी शामिल हुए।
- एक्सपर्ट ओपिनियन: NIT रायपुर के प्रोफेसर डॉ. सुभोजीत घोष ने पावर सेक्टर को सुरक्षित बनाने के तकनीकी समाधान बताए।
ऑनलाइन मॉनिटरिंग और सुरक्षा (Monitoring and Security)
ग्रिड इंडिया के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (CISO) श्री टी. श्रीनिवास ने बताया कि वर्तमान में पावर सप्लाई पूरी तरह Online System पर आधारित है। यदि इसकी निरंतर Monitoring (निगरानी) नहीं की गई, तो सिस्टम हैक होने का खतरा बना रहता है।
बैठक के दौरान WRLDC के सिसो श्री सत्येंद्र रघुवंशी ने Cyber Hygiene का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह हम व्यक्तिगत सफाई रखते हैं, उसी तरह डिजिटल उपकरणों और डेटा के उपयोग में भी स्वच्छता और सावधानी जरूरी है।
सुरक्षा के लिए कड़े कदम
इस दो दिवसीय Workshop (कार्यशाला) में केंद्र सरकार की Guidelines (दिशानिर्देशों) की समीक्षा की गई। छत्तीसगढ़ की तीनों बिजली कंपनियों (जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन) के अधिकारियों ने अपनी बेस्ट प्रैक्टिस साझा की ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के Cyber Attacks (साइबर हमलों) को नाकाम किया जा सके।
चतुर्पोस्ट फैक्ट चेक: पावर ग्रिड पर साइबर हमले वैश्विक स्तर पर एक बड़ी चुनौती बन रहे हैं, यही वजह है कि भारत सरकार अब ‘नेशनल क्रिटिकल इंफॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर’ की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है।
उपस्थिति: बैठक में मुख्य अभियंता शारदा सोनवानी, शेखर गुप्ता, संजय चौधरी और मनोज आटवे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।







