
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा (Solar Energy) के क्षेत्र में काम करने के इच्छुक लोगों और छोटे निवेशकों के लिए बड़ी खबर है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली खरीद की नई दरें निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत छोटे सोलर प्लांट से लेकर बायोगैस और जल विद्युत परियोजनाओं के लिए ‘जेनेरिक टैरिफ’ का ड्राफ्ट जारी किया गया है।
उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) स्रोतों पर आधारित बिजली संयंत्रों के लिए जेनेरिक टैरिफ (Generic Tariff) का निर्धारण करना है।
शामिल तकनीकें: यह आदेश मुख्य रूप से चार प्रकार की तकनीकों के लिए टैरिफ निर्धारित करता है:
- लघु जल विद्युत परियोजनाएं (Small Hydro Projects) ।
- गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित सह-उत्पादन संयंत्र (Non-fossil fuel-based co-generation Plants) ।
- 0.5 मेगावाट से 2 मेगावाट क्षमता की सौर पीवी परियोजनाएं (Solar PV power projects) ।
- बायोगैस आधारित बिजली परियोजनाएं (Biogas based power projects) ।
प्रस्तावित टैरिफ दरें (FY 2026-27):
- सौर पीवी परियोजनाएं (0.5 – 2 MW): ₹3.40 प्रति यूनिट ।
- लघु जल विद्युत (5 MW से कम): ₹7.68 प्रति यूनिट ।
- बायोगैस आधारित परियोजनाएं: ₹4.90 प्रति यूनिट (फिक्स्ड चार्ज) और ₹6.21 प्रति यूनिट (वेरिएबल कॉस्ट) ।
परियोजना जीवनकाल: लघु जल विद्युत संयंत्रों के लिए ‘उपयोगी जीवन’ 40 वर्ष माना गया है, जबकि सौर, बायोगैस और सह-उत्पादन संयंत्रों के लिए यह 25 वर्ष है ।
सोलर प्लांट से 3.40 रुपए प्रति यूनिट की कमाई
आयोग की तरफ से जारी ड्राफ्ट आदेश के अनुसार, 0.5 मेगावाट से 2 मेगावाट तक की क्षमता वाले सोलर फोटोवोल्टिक (Solar PV) प्रोजेक्ट्स के लिए 3.40 रुपये प्रति यूनिट का टैरिफ प्रस्तावित किया गया है। इसका मतलब है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी निजी जमीन पर छोटा सोलर प्लांट लगाता है, तो बिजली कंपनी उससे इसी दर पर बिजली खरीदेगी।
इन क्षेत्रों के लिए भी तय हुई दरें: आयोग ने केवल सौर ऊर्जा ही नहीं, बल्कि अन्य माध्यमों के लिए भी दरें प्रस्तावित की हैं:
- लघु जल विद्युत परियोजनाएं (5 MW से कम): ₹7.68 प्रति यूनिट।
- बायोगैस आधारित बिजली: ₹4.90 (फिक्स्ड) + ₹6.21 (वेरिएबल) प्रति यूनिट।
- नॉन-फॉसिल फ्यूल सह-उत्पादन: विभिन्न श्रेणियों में आकर्षक दरें।
9 जून को होगी सुनवाई, आप भी दे सकते हैं सुझाव
नियामक आयोग ने इस ड्राफ्ट पर आम जनता और हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। यदि आपको इन दरों पर कोई आपत्ति है या आप कोई सुझाव देना चाहते हैं, तो 5 जून 2026 तक आयोग के समक्ष अपनी बात रख सकते हैं। इस मामले की अंतिम सुनवाई 9 जून 2026 को सुबह 11:30 बजे रायपुर स्थित आयोग के कार्यालय में होगी।
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