
chaturpost.com (न्यूज डेस्क)। भारत का Energy Sector इस समय एक बहुत बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। देश की बड़ी सरकारी और प्राइवेट कंपनियों में लगातार बड़े फैसले और नए इन्वेस्टमेंट्स देखने को मिल रहे हैं। Renewable Energy (नवीकरणीय ऊर्जा) से लेकर कोल माइनिंग और सोलर पावर तक, भारतीय बाजार में हर रोज नए रिकॉर्ड बन रहे हैं।
अगर आप भी बिजनेस, शेयर मार्केट या देश के पावर सेक्टर में दिलचस्पी रखते हैं, तो 1 जुलाई और 2 जुलाई 2026 की ये बड़ी खबरें आपके लिए बेहद जरूरी हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि ऊर्जा क्षेत्र में इस समय क्या बड़ा हलचल मचा हुआ है।
1. Adani Green ने रचा इतिहास: 20 GW क्षमता पार करने वाली पहली कंपनी बनी
गुजरात के खावड़ा (Khavda) में कंपनी ने 156 मेगावाट (MW) की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता और 185 MWh की Battery Energy Storage System (BESS) क्षमता को सफलतापूर्वक चालू (Commercially Operational) कर दिया है। इसके साथ ही अदानी ग्रीन की कुल ऑपरेशनल कैपेसिटी बढ़कर 20,141.80 MW हो गई है।
Adani Green के पोर्टफोलियो पर एक नजर:
- Total Capacity: 20,141.80 MW रिन्यूएबल एनर्जी और 3.55 GWh की BESS क्षमता।
- FY26 की ग्रोथ: कंपनी ने अकेले वित्तीय वर्ष 2026 में 5,051 MW क्षमता जोड़ी है।
- वर्तमान ब्रेकअप: वर्तमान में कंपनी के पास 14.2 GW सोलर, 2.7 GW विंड और 3.3 GW विंड-सोलर हाइब्रिड क्षमता चालू है।
- बिजली उत्पादन: यह पोर्टफोलियो सालाना 52 बिलियन यूनिट से ज्यादा बिजली पैदा करता है, जो भारत की कुल बिजली खपत का लगभग 3% है।
- Future Target: कंपनी का प्लान FY27 के दौरान 10 GWh बैटरी स्टोरेज चालू करने और अगले पांच वर्षों में अपने BESS पोर्टफोलियो को 50 GWh तक बढ़ाने का है।
2. IREDA में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: डॉ. बिजय कुमार मोहंती ने संभाला CMD का अतिरिक्त कार्यभार
भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (IREDA) में 1 जुलाई 2026 से बड़ा बदलाव हुआ है। कंपनी के डायरेक्टर (फाइनेंस) और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) डॉ. बिजय कुमार मोहंती को चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
यह नियुक्ति श्री प्रदीप कुमार दास की सेवानिवृत्ति (Superannuation) के बाद हुई है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने 30 जून 2026 के अपने आदेश के जरिए डॉ. मोहंती को तीन महीने की अवधि के लिए या नियमित पदधारी की नियुक्ति होने तक, जो भी पहले हो, यह जिम्मेदारी दी है। डॉ. मोहंती ने 1 जुलाई 2026 से अपना पद संभाल लिया है।
3. Coal India Limited (CIL) का मेगा प्लान: R&D में करेगी ₹1,900 करोड़ का निवेश
सरकारी कोयला कंपनी Coal India Limited (CIL) ने अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) को मजबूत करने के लिए एक बहुत बड़ी योजना तैयार की है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030 (FY2030) के अंत तक आरएंडडी (R&D) में लगभग 1,900 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश करने का है।
Market Trends को देखें तो नेशनल सेंटर फॉर कोल एंड एनर्जी रिसर्च (NaCCER) की स्थापना के बाद, कंपनी का आरएंडडी खर्च वित्त वर्ष 2024-25 में चार गुना बढ़कर 245 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष में मात्र 61 करोड़ रुपये था। इसके अलावा, कोल इंडिया ने आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी मद्रास और आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में तीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) भी स्थापित किए हैं। वर्तमान में 225 करोड़ रुपये की 19 आरएंडडी परियोजनाएं और 13 CoE परियोजनाएं जमीन पर काम कर रही हैं।
4. Vikram Solar को मिली बड़ी राहत: NCLAT ने दिवाला कार्यवाही के आदेश को पलटा
NCLAT ने विक्रम सोलर के खिलाफ शुरू की गई कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। इससे पहले NCLT कोलकाता बेंच ने 12 जून 2026 को इस प्रक्रिया को हरी झंडी दी थी। यह मामला इसित्वा स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड (Isitva Steels) द्वारा दावा किए गए 91,98,556 रुपये के बकाया भुगतान से जुड़ा था।
अपीलीय न्यायाधिकरण ने इस कार्यवाही को तब खारिज कर दिया जब दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हो गए कि यह ऋण इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्ट्सी कोड (IBC) के तहत अनिवार्य ₹1 करोड़ की सीमा से कम है। विक्रम सोलर ने साफ किया है कि कंपनी सामान्य रूप से काम कर रही है और वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी का राजस्व (Revenue) ₹4,802.25 करोड़ रहा है, जिसमें ₹470.42 करोड़ का शुद्ध लाभ (PAT) शामिल है।
5. NTPC ने पूरा किया भिलाई फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट
भारत की सबसे बड़ी पावर जनरेटर कंपनी NTPC Limited ने छत्तीसगढ़ में भिलाई फ्लोटिंग सोलर पावर स्टेशन (Bhilai Floating Solar Power Station) के अंतिम 5 मेगावाट मॉड्यूल के कमर्शियल ऑपरेशन की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही यह पूरा 15 मेगावाट का प्रोजेक्ट अब पूरी तरह चालू हो चुका है।
इस अंतिम मॉड्यूल को 24 जून 2026 को चालू किया गया था, जिसमें आइलैंड-2 के नाम से जाने जाने वाले दो 2.5 मेगावाट के यूनिट्स शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट को एनटीपीसी-सेल पावर कंपनी लिमिटेड (NSPCL) के माध्यम से पूरा किया गया है। इसके चालू होने के बाद, एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित क्षमता (Total Installed Capacity) 90,904 मेगावाट तक पहुंच गई है, जबकि इसकी कमर्शियल कैपेसिटी बढ़कर 89,824 मेगावाट हो गई है।
6. Energy Sector की कुछ अन्य महत्वपूर्ण डील्स और अपडेट्स
मार्केट में इसके अलावा भी कई महत्वपूर्ण ट्रांजेक्शन्स और प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी मिली है, जो भारतीय और वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य को बदल रहे हैं:
- GRE Renew को मिला ₹175 करोड़ का ऑर्डर: जीआरई रिन्यू एनर्जीटेक लिमिटेड को सोलेरियम ग्रीन एनर्जी लिमिटेड से एक बड़े ग्राउंड-माउंटेड सोलर फोटोवोल्टिक प्रोजेक्ट के लिए लेटर ऑफ अवार्ड (LOA) मिला है। ₹175 करोड़ के इस कॉन्ट्रैक्ट में लगभग 50 MW AC / 65 MW DC सोलर प्रोजेक्ट का ईपीसी (EPC) काम और तीन साल का ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) शामिल है।
- PGCIL और H.G. Infra की नई खरीद: पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (PGCIL) और एच.जी. इन्फ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड ने आरईसीपीडीसीएल (RECPDCL) से स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) कंपनियों का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। PGCIL ने ‘WR ER Part A Power Transmission Limited’ को ₹18.62 करोड़ में खरीदा है, वहीं एच.जी. इन्फ्रा ने ‘WR ER Part C Power Transmission Limited’ का अधिग्रहण किया है।
- Ravindra Energy का बड़ा निवेश: रवींद्र एनर्जी लिमिटेड ने अपनी सहयोगी कंपनी ‘एनर्जी इन मोशन लिमिटेड’ (EIM) में राइट्स इश्यू के माध्यम से लगभग 150 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इससे कंपनी की हिस्सेदारी बढ़कर 49.54% हो गई है। EIM कंपनी मुख्य रूप से हैवी-ड्यूटी इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए इंटीग्रेटेड इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सॉल्यूशंस और बैटरी-स्वैपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करती है।
- ACME Solar ने राजस्थान में चालू किया BESS प्रोजेक्ट: एसीएमई सोलर होल्डिंग्स लिमिटेड ने राजस्थान के जैसलमेर जिले की पोखरण तहसील के सांवरा और मेहर नगर गांवों में 240.720 MWh का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट चालू कर दिया है। 2 जुलाई 2026 से इसका कमर्शियल ऑपरेशन शुरू हो गया है। इसके साथ ही कंपनी की कुल चालू BESS क्षमता 285 MW / 842.624 MWh हो गई है।
7. Global Market Trend: चीन ने लॉन्च किया दुनिया का पहला 16 MW फ्लोटिंग विंड प्लेटफॉर्म
वैश्विक स्तर पर देखें तो Green Energy Transition को लेकर चीन ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। चीन ने दुनिया का पहला 16 मेगावाट (MW) क्षमता वाला ‘टेंशन-लेग फ्लोटिंग ऑफशोर विंड प्लेटफॉर्म’ तैनात किया है। यह प्लेटफॉर्म 28 जून 2026 को गुआंगडोंग के झूहाई में गाओलान पोर्ट से रवाना हुआ, जिसे दक्षिण चीन सागर में लुफेंग तेल क्षेत्र के पास स्थापित किया जा रहा है।
यह विशालकाय प्लेटफॉर्म 307 मीटर से अधिक ऊंचा है और इसका वजन लगभग 8,000 टन है। उम्मीद है कि यह सालाना लगभग 54 मिलियन kWh बिजली पैदा करेगा और हर साल कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में लगभग 35,000 टन की कमी लाएगा। यह प्रोजेक्ट समुद्र में तेल और गैस ऑपरेशंस को सीधे तौर पर फ्लोटिंग विंड पावर से जोड़ने का एक अनोखा उदाहरण है।
चतुर विचार (Conclusion)
कुल मिलाकर, जुलाई 2026 की शुरुआत भारतीय ऊर्जा बाजार के लिए ऐतिहासिक साबित हुई है। Adani Green द्वारा 20 GW का आंकड़ा पार करना और Coal India का R&D में ₹1,900 करोड़ का बड़ा निवेश यह दर्शाता है कि भारत आने वाले समय में रिन्यूएबल और सस्टेनेबल एनर्जी का एक ग्लोबल हब बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। आने वाले दिनों में इन फैसलों का असर कंपनियों के शेयरों और देश की बिजली व्यवस्था पर साफ तौर पर दिखाई देगा।







