
न्यूज डेस्क : भारत का ऊर्जा क्षेत्र यानी Energy Sector India इस समय एक ऐतिहासिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। देश की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने, नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) को बढ़ावा देने और पावर ग्रिड को एडवांस बनाने के लिए एक साथ 17 बड़े कदम उठाए गए हैं। असम के ट्रांसमिशन नेटवर्क से लेकर नागालैंड के गांवों तक और टाटा-अडानी जैसी दिग्गज कंपनियों के नए प्रोजेक्ट्स देश की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को एक नई दिशा दे रहे हैं।
आइए विस्तार से समझते हैं कि देश के पावर सेक्टर में कौन से बड़े बदलाव होने जा रहे हैं और इनका आम जनता से लेकर उद्योगों पर क्या असर पड़ेगा।
1. असम के ट्रांसमिशन नेटवर्क का कायाकल्प: 6 नए बड़े प्रोजेक्ट्स
असम इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड कॉर्पोरेशन लिमिटेड (AEGCL) ने राज्य के हाई-वोल्टेज नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 6 बड़े ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की है। इस अपग्रेडेशन वर्क (Network Upgrade) के तहत नए 400 kV और 132 kV के सबस्टेशन बनाए जाएंगे।
इस परियोजना में HTLS (High Temperature Low Sag) Conductors का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो कम बिजली नुकसान के साथ ज्यादा करंट ले जाने में सक्षम हैं। इसके लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए सलाहकारों को आमंत्रित किया गया है, जो 90 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। इस प्रोजेक्ट को पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) और आरईसी लिमिटेड (REC) से वित्तीय मदद मिलेगी।
2. अरुणाचल से ओडिशा तक दौड़ेगी बिजली: NEEPCO और GRIDCO के बीच 40 साल का PPA
उत्तर पूर्वी विद्युत शक्ति निगम लिमिटेड (NEEPCO) और ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ ओडिशा लिमिटेड (GRIDCO) ने एक ऐतिहासिक बिजली खरीद समझौते (PPA – Power Purchase Agreement) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह समझौता पूरे 40 साल के लिए किया गया है, जिसके तहत अरुणाचल प्रदेश के तीन बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट्स से ओडिशा को बिजली मिलेगी:
- Heo Hydro Project: 240 मेगावाट (MW)
- Tato-I Hydro Project: 186 मेगावाट (MW)
- Tato-II Hydro Project: 700 मेगावाट (MW)
कुल 1,126 मेगावाट की इस परियोजना को आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) से मंजूरी मिल चुकी है और इसमें हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।
3. रिन्यूएबल एनर्जी को मिलेगी नई ताकत: NISE और SEPA का बड़ा समझौता
राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE) और सस्टेनेबिलिटी एंड एनर्जी प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन (SEPA) ने भारत के रिन्यूएबल एनर्जी इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह साझेदारी मुख्य रूप से डिस्ट्रीब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी (DRE), सोलर-हाइब्रिड सिस्टम, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और ग्रिड इंटीग्रेशन पर केंद्रित होगी। यह कदम केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के लक्ष्यों के बिल्कुल अनुकूल है।
4. नागालैंड के 550 गांवों में लगेंगे रूफटॉप सोलर सिस्टम
नागालैंड सरकार ने मुख्यमंत्री सामुदायिक सौर भागीदारी पहल (Chief Minister’s Community Solar Partnership Initiative) के तहत एक बड़ा ग्रामीण विकास कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत राज्य के 15 जिलों के 550 विलेज काउंसिल हॉलों में 3 किलोवाट (kW) के रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जाएंगे।
इस मिशन से 1,650 किलोवाट की अतिरिक्त सौर क्षमता जुड़ेगी। सबसे खास बात यह है कि पात्र आवासीय प्रणालियों के लिए सरकार 96% तक की भारी सब्सिडी (Subsidy) दे रही है। इसके लिए निविदाएं (Bids) आमंत्रित की जा चुकी हैं।
5. कोल इंडिया की रिकॉर्ड सप्लाई: जून में 5.9% की बढ़ोतरी
देश में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने जून महीने में बिजली क्षेत्र को 51.44 मिलियन टन (MT) कोयले की आपूर्ति की है, जो पिछले साल के मुकाबले 5.9% अधिक है।
कंपनी ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 815 मिलियन टन उत्पादन (Production Target) और 850 मिलियन टन कोयला आपूर्ति का बड़ा लक्ष्य रखा है। पहली तिमाही में कंपनी ने अपनी फर्स्ट-माइल कनेक्टिविटी (FMC) प्रेषण में भी 23% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की है।
6. क्रॉप्टन ग्रीव्स को मिला 30 करोड़ रुपये का सोलर पंप ऑर्डर
क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड ने महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) से 29.77 करोड़ रुपये का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है।
यह प्रोजेक्ट ‘मुख्यमंत्री सौर कृषि पंप योजना’ (MTSKPY) और ‘पीएम-कुसुम-बी’ (PM-KUSUM) योजना के तहत आवंटित किया गया है। इसके तहत कंपनी 1,397 ऑफ-ग्रिड डीसी सोलर फोटोवोल्टिक वाटर पंपिंग सिस्टम लगाएगी और अगले 5 साल तक इसका रखरखाव भी करेगी।
7. जीके एनर्जी को मिला 48 करोड़ का रूफटॉप सोलर ऑर्डर
जीके एनर्जी लिमिटेड (GK Energy) ने भारत भर में 1,150 स्थानों पर 10 मेगावाट (MW) के रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए 48.02 करोड़ रुपये का घरेलू ऑर्डर हासिल किया है। इस प्रोजेक्ट को अगले 90 दिनों के भीतर पूरा किया जाना है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,532.54 करोड़ रुपये का राजस्व (Revenue) और 201.27 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (PAT) कमाया था।
8. अदार पूनावाला फैमिली ऑफिस का बड़ा दांव: इनॉक्स क्लीन में 700 करोड़ का निवेश
वैश्विक स्तर पर वैक्सीन किंग के नाम से मशहूर अदार पूनावाला के फैमिली ऑफिस ने राइजिंग सन होल्डिंग्स के जरिए Inox Clean Energy Limited में 700 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश किया है।
इस निवेश के बाद इनॉक्स क्लीन की वैल्यूएशन 70,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इससे पहले कंपनी में कैलिफोर्निया पब्लिक एम्प्लॉइज रिटायरमेंट सिस्टम (CalPERS) ने भी 800 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इस फंड का इस्तेमाल नए रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स और कंपनियों के अधिग्रहण (Acquisitions) में किया जाएगा।
9. सेरेंटिका रिन्यूएबल्स ने हासिल किया 3 GW क्षमता का मील का पत्थर
सेरेंटिका रिन्यूएबल्स (Serentica Renewables) ने अपने पहले प्रोजेक्ट के महज 26 महीनों के भीतर 3 गीगावाट (GW) की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता चालू (Commissioned) कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है।
इस पोर्टफोलियो में महाराष्ट्र और कर्नाटक में 500 मेगावाट से अधिक की पवन ऊर्जा (Wind Capacity) शामिल है। इससे हर साल लगभग 6 अरब यूनिट बिजली पैदा होगी, जिससे सालाना 5.6 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन (Carbon Emissions) को कम करने में मदद मिलेगी।
10. इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) पर बिजली का कारोबार 16% बढ़ा
भीषण गर्मी और उद्योगों की तेज मांग के कारण इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) ने चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में 37.5 बिलियन यूनिट (BU) बिजली का व्यापार किया है, जो सालाना आधार पर 15.9% की वृद्धि है। मई 2026 में देश की पीक पावर डिमांड (Peak Power Demand) 270.8 GW के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। सबसे ज्यादा ग्रोथ रियल-टाइम मार्केट (RTM) में देखी गई, जो 23.5% बढ़कर 16,019 एमयू हो गई।
11. भारत से जापान को निर्यात होगा ग्रीन अमोनिया: ACME का ऐतिहासिक समझौता
एक्मे क्लीनटेक सॉल्यूशंस (ACME) ने भारत के राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (NGHM) के तहत जापान की दो दिग्गज कंपनियों के साथ बड़े निर्यात समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं:
- IHI Corporation (जापान): हर साल 4,05,000 टन ग्रीन अमोनिया की आपूर्ति।
- Mitsubishi Gas Chemical Company (MGC): हर साल 100,000 टन ग्रीन मेथनॉल की आपूर्ति।
यह समझौता जापान की ‘कॉन्ट्रैक्ट फॉर डिफरेंस’ (CfD) योजना द्वारा समर्थित है, जो भारत के ग्रीन हाइड्रोजन सेक्टर के लिए वैश्विक स्तर पर एक बड़ा बूस्ट है।
12. स्टीग एनर्जी को वेदांता से मिला 1,437 करोड़ रुपये का O&M कॉन्ट्रैक्ट
स्टीग एनर्जी सर्विसेज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड ने वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड से 1,437.17 करोड़ रुपये का पांच साल का ऑपरेशन्स एंड मेंटेनेंस (O&M) कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। यह अनुबंध 1 अगस्त, 2026 से प्रभावी होगा और इसके तहत कंपनी वेदांता के 1,215 मेगावाट के कैप्टिव पावर प्लांट (9 यूनिट्स × 135 MW) का संचालन संभालेगी।
13. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ थर्मल पावर प्लांट पर अडानी पावर का बड़ा बयान
अडानी पावर लिमिटेड के छत्तीसगढ़ स्थित 600 मेगावाट के रायगढ़ थर्मल पावर प्लांट को लेकर पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (EAC) ने एक बड़ी सिफारिश की है।
अडानी पावर ने समिति को सूचित किया था कि भारत में रेडियोधर्मिता (Radioactivity) और भारी धातुओं की निरंतर ऑनलाइन निगरानी (Continuous Monitoring) के लिए व्यावसायिक उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद ईएसी ने निरंतर ऑनलाइन निगरानी की शर्त को हटाकर NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं के माध्यम से वार्षिक तीसरे पक्ष के परीक्षण (Annual Third-Party Testing) की अनुमति दे दी है।
14. ग्रिड गड़बड़ी मामले में अडानी, एज़्योर और एक्मे के प्लांट दोषी पाए गए
उत्तरी क्षेत्रीय लोड डिस्पैच केंद्र (NRLDC) ने अप्रैल और मई 2026 में ग्रिड में आई खराबी के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले कई रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट्स की पहचान की है।
जांच में पाया गया कि अडानी, एज़्योर पावर, एक्मे, एनटीपीसी, रिन्यू, एसबी एनर्जी और अवाडा जैसी कंपनियों के प्लांट LVRT (Low Voltage Ride Through) और HVRT आवश्यकताओं का पालन करने में विफल रहे। इसके अलावा 30 से अधिक प्लांटों का फेजर मेजरमेंट यूनिट (PMU) डेटा भी गायब पाया गया, जिसके बाद उत्तरी क्षेत्रीय विद्युत समिति (NRPC) ने सख्त अनुपालन के निर्देश दिए हैं।
15. टाटा पावर ने महाराष्ट्र में शुरू किया 100.8 मेगावाट का जेवाली विंड प्रोजेक्ट
टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (TPREL) ने महाराष्ट्र में 100.8 मेगावाट के जेवाली विंड प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। इस प्रोजेक्ट में 28 एडवांस विंड टरबाइन जनरेटर लगाए गए हैं, जो टाटा पावर के मुंबई वितरण नेटवर्क को बिजली सप्लाई करेंगे। इससे सालाना 299 मिलियन यूनिट बिजली पैदा होगी और 245 मिलियन किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन रुकेगा। इसके साथ ही टाटा पावर की कुल यूटिलिटी क्षमता 11.6 गीगावाट (GW) पार कर गई है।
16. क्वालिटी पावर की सहयोगी कंपनी को जापान से मिला ‘FACTS’ ऑर्डर
क्वालिटी पावर इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट्स लिमिटेड की सहायक कंपनी ENDOKS ENERJI ने जापान में एक बड़े प्रोजेक्ट के लिए FACTS (Flexible AC Transmission Systems) उपकरण की आपूर्ति का ठेका हासिल किया है। इस कॉन्ट्रैक्ट की कुल कीमत लगभग 40.9 करोड़ रुपये (बिना टैक्स) है, जिसे दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाना है। नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट के कारण अभी ग्राहक के नाम का खुलासा नहीं किया गया है।
17. एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी और पीटीसी इंडिया के बीच 1,200 मेगावाट का सोलर PPA
एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी NTPC REL ने पीटीसी इंडिया लिमिटेड (PTC India) के साथ एक द्विपक्षीय व्यवस्था (Bilateral Arrangement) के तहत 1,200 मेगावाट सौर ऊर्जा की बिक्री के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता देश में स्वच्छ ऊर्जा की उपलब्धता को बढ़ाने में एक मील का पत्थर साबित होगा।







