
बिजनेस डेस्क, chaturpost.com भारत इस समय Green Energy India (हरित ऊर्जा) के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व क्रांति का गवाह बन रहा है। देश की दिग्गज कंपनियों जैसे अडानी ग्रुप, सुजलॉन एनर्जी और एनटीपीसी ने रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इसी बीच केंद्र सरकार के एक बड़े फैसले ने सोलर इंडस्ट्री में हलचल पैदा कर दी है। आइए जानते हैं देश के पावर सेक्टर से जुड़ी इन सभी बड़ी खबरों को विस्तार से।
1. चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट; अडानी का गुजरात में महा-ब्लास्ट
कंपनी ने इस प्रोजेक्ट के आखिरी चरण में 26 मई 2026 को 1.99 GWh क्षमता को ग्रिड से जोड़ा, जबकि 1.37 GWh की क्षमता मार्च 2026 में ही शुरू कर दी गई थी। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस Mega Project का निर्माण ऑन-साइट काम शुरू होने के मात्र 10 महीनों के भीतर पूरा कर लिया गया। अडानी ग्रुप की योजना अगले पांच वर्षों में अपनी बैटरी स्टोरेज क्षमता को 50 GWh तक ले जाने की है।
आंध्र प्रदेश में भी अडानी का जलवा
इसके साथ ही, आंध्र प्रदेश सरकार ने कडप्पा जिले में 2,250 MW गंडिकोटा-2 पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट (PSP) को अडानी हाइड्रो एनर्जी इलेवन लिमिटेड को सौंपने की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में स्टेट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (SIPB) ने इसे क्लियरेंस दी। यह प्रोजेक्ट ‘आंध्र प्रदेश इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी पॉलिसी 2024’ के तहत 72 महीनों में बनकर तैयार होगा।
2. सुजलॉन एनर्जी और हिताची का मुनाफा आसमान पर, कमाई देख निवेशक गदगद
विंड एनर्जी (पवन ऊर्जा) क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Suzlon Energy Limited ने वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) के शानदार नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 54% की भारी उछाल के साथ 16,679 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, वहीं नेट प्रॉफिट बढ़कर 3,163 करोड़ रुपये हो गया है। सुजलॉन का विंड टर्बाइन जनरेटर (WTG) बिजनेस इस Growth का मुख्य कारण रहा। फिलहाल कंपनी के पास 5.9 GW का मजबूत ऑर्डर बुक मौजूद है।
| कंपनी का नाम (Company) | कुल राजस्व (Revenue) | शुद्ध लाभ (Net Profit) |
|---|---|---|
| सुजलॉन एनर्जी (Suzlon) | ₹16,679 करोड़ (↑ 54%) | ₹3,163 करोड़ |
| एनटीपीसी (NTPC) | मजबूत पाइपलाइन | ₹23,162.22 करोड़ (Full Year) |
| हिताची एनर्जी (Hitachi) | ₹2,754.1 करोड़ (Q4) | ₹330.5 करोड़ (↑ 80% Q4) |
| इंसोलेशन एनर्जी (Insolation) | ₹2,163.52 करोड़ (↑ 61%) | ₹200.63 crore (↑ 59.7%) |
| पेस डिजिटेक (Pace Digitek) | ₹2,641 करोड़ (↑ 8.3%) | ₹307.3 करोड़ (↑ 10.1%) |
हिताची और एनटीपीसी की बंपर कमाई
- Hitachi Energy India: कंपनी के चौथी तिमाही (Q4) के शुद्ध लाभ में 80% का उछाल आया है। कंपनी ने गुजरात के करजन में एक नए बड़े ट्रांसफार्मर प्लांट सहित विस्तार के लिए 2,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त Capital Expenditure (Capex) को मंजूरी दी है।
- NTPC Limited: देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी का चौथी तिमाही का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ 51.4% बढ़कर 8,747.27 करोड़ रुपये हो गया है। एनटीपीसी वर्तमान में अपनी मौजूदा थर्मल साइट्स पर 5 GWh बैटरी स्टोरेज और करीब 18 GW पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।
3. MNRE का सख्त रुख: नहीं बढ़ेगी ALMM की डेडलाइन, रूफटॉप सोलर पर संकट!
केंद्रीय नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने साफ कर दिया है कि सोलर सेल्स के लिए 1 जून 2026 से लागू होने वाले ALMM-II (Approved List of Models and Manufacturers) नियमों की समयसीमा को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। सरकार ने Blanket Extension देने से साफ़ इनकार कर दिया है।
हालाँकि, सरकार ने उन डेवलपर्स को थोड़ी राहत दी है जो पहले ही निवेश कर चुके हैं। ऐसे प्रोजेक्ट्स के लिए Case-by-Case Exemption (मामले-दर-मामले छूट) का रास्ता खोला गया है। इसके लिए डेवलपर्स को 30 जून 2026 तक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी (NISE) के पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
4. उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश बने सोलर मैन्युफैक्चरिंग के नए हब
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में 5,000 करोड़ रुपये के सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि आवंटन पत्र सौंप दिए हैं।
- CESC Green Power: ₹3,805 करोड़ के निवेश से 3 GW का सोलर सेल और मॉड्यूल प्लांट लगाएगी।
- Integrated Batteries India: ₹1,146 करोड़ के निवेश से 4 GW का सोलर PV सेल प्लांट स्थापित करेगी। इस प्रोजेक्ट से राज्य में 12,000 लोगों को रोजगार मिलेगा।
उधर मध्य प्रदेश के रतलाम में Fujiyama Power Systems ने 350 करोड़ रुपये के निवेश से 1.2 GW का एडवांस TopCon सोलर सेल प्लांट लगाने की घोषणा की है। यह प्लांट FY2028 की पहली तिमाही से चालू हो जाएगा। इसके अलावा, Insolation Energy भी मध्य प्रदेश में 4.5 GW का टॉपकॉन सोलर सेल प्लांट विकसित कर रही है।
5. न्यूक्लियर पावर और ग्रीन मेथनॉल के क्षेत्र में ऐतिहासिक समझौते (MoUs)
भारत को कार्बन-मुक्त बनाने के लिए इस हफ्ते कई बड़े समझौतों (Memorandum of Understanding) पर हस्ताक्षर किए गए:
- परमाणु ऊर्जा के लिए हाथ मिले: NLC India Limited और न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCIL) ने एक जॉइंट वेंचर बनाने के लिए हाथ मिलाया है। यह वेंचर 700 MW के Pressurised Heavy Water Reactor (PHWR) प्रोजेक्ट्स पर काम करेगा, जो भारत के 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगा।
- JSW Steel का ग्रीन मेथनॉल प्रोजेक्ट: जेएसडब्ल्यू स्टील ने ‘कार्बन आइसलैंड इंटरनेशनल’ के साथ मिलकर रायगढ़ प्लांट से निकलने वाले कार्बन डाइऑक्साइड और ग्रीन हाइड्रोजन की मदद से 300 KTPA क्षमता का ग्रीन मेथनॉल प्लांट लगाने के लिए समझौता किया है।
6. अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी और ढांचागत विकास
- बिहार में ग्रिड का आधुनिकीकरण: RECPDCL और बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी (BSPTCL) ने राज्य के भीतर बिजली पारेषण (Transmission) को मजबूत करने के लिए समझौता किया है। इसके तहत Tariff-Based Competitive Bidding (TBCB) के जरिये नए प्रोजेक्ट्स लाए जाएंगे।
- UPERC ने दी बड़ी राहत: उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने ग्रीन एनर्जी ओपन एक्सेस (GEOA) प्रोजेक्ट्स के लिए नियमों को सरल कर दिया है। अब 650 वोल्ट तक के प्रोजेक्ट्स के लिए अनिवार्य चेक मीटर लगाने की जरूरत नहीं होगी।
- ACME Solar का SECI के साथ करार: एक्मे सोलर ने भारतीय सौर ऊर्जा निगम (SECI) के साथ 300 MW के Firm and Dispatchable Renewable Energy (FDRE) प्रोजेक्ट के लिए 25 साल का पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) साइन किया है, जिसकी दर ₹6.28 प्रति यूनिट तय हुई है।
- ARCI की नई तकनीक: इंटरनेशनल एडवांस रिसर्च सेंटर (ARCI) के वैज्ञानिकों ने थर्मल एनर्जी स्टोरेज के लिए एक नया नैनो-कंपोजिट मटेरियल विकसित किया है, जो पारंपरिक पीसीएम की तुलना में हीट कैपेसिटी को 45% तक बढ़ा देता है।
ग्लोबल मार्केट अपडेट: यूरोप ने लॉन्च किया ‘Capacitypedia’
वैश्विक स्तर पर, यूरोपीय देशों (ENTSO-E) ने मिलकर Capacitypedia नामक एक सिंगल डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया है। यह पोर्टल 27 यूरोपीय देशों के बिजली ग्रिड की क्षमता का डेटा रियल-टाइम में साझा करेगा, जिससे रिन्यूएबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स को ग्रिड कनेक्टिविटी समझने में आसानी होगी।
chatur विचार (Editor’s View)
भारत में Green Energy India अभियान अब केवल कागजों पर नहीं बल्कि जमीन पर उतर चुका है। अडानी का विश्व रिकॉर्ड और सुजलॉन-एनटीपीसी के वित्तीय नतीजे यह साबित करते हैं कि भारत बहुत जल्द दुनिया का सबसे बड़ा क्लीन एनर्जी पावरहाउस बनने जा रहा है। हालांकि, सरकार की ALMM नीति और डिस्कॉम की सुस्ती जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं, जिनसे निपटना बेहद जरूरी है।







