
Vishnu Deo रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्य कर्मचारी संघ के आठवें वार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए। राजधानी रायपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जहां महंगाई भत्ता तीन प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा की। वहीं कर्मचारियों के पेंशन, गे्रच्युटी और सेवानिवृत्ति लाभों को लेकर भी बयान दिया है।
कर्मचारियों को बताया प्रशासन की रीढ़
संघ के अधिवेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को शासन-प्रशासन की रीढ़ बताया, कहा कि कर्मचारियों की ईमानदारी, कर्मठता और संवेदनशीलता से ही सरकार की योजनाएं, नीतियां और निर्णय वास्तविक रूप में धरातल पर उतरते हैं।
प्रतिबद्ध है सरकार
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के शासकीय सेवकों का महंगाई भत्ता 55 से बढ़ाकर 58 प्रतिश्ता करने की घोषणा करते हुए कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच यह निर्णय कर्मचारियों को वास्तविक राहत प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार की कर्मचारी-हितैषी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
ऐसे प्रशस्त होता है विकास का मांर्ग
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिवेशन का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठनात्मक विचार-विमर्श के साथ ही सुशासन के संकल्प को सुदृढ़ करने का एक सशक्त अवसर है। उन्होंने कहा कि जब सरकार और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं, तभी विकास का मार्ग प्रशस्त होता है और शासन व्यवस्था अधिक सशक्त बनती है।
Vishnu Deo दो वर्षों में कर्मचारियों के हित में लिए गए निणर्य
अपने दो वर्ष के शासनकाल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दो वर्षों में सरकार ने कर्मचारियों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। स्थानांतरण नीति, पदोन्नति प्रक्रिया और कार्यस्थल संबंधी व्यवस्थाओं में सुधार कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सुचारु और कर्मचारी-अनुकूल बनाया गया है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के गठन से जन-विश्वास आधारित शासन तंत्र को और मजबूती मिली है।
समयबद्ध भुगतान पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के समयबद्ध भुगतान पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
पेंशन फंड की स्थापना
विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ पेंशन फंड की स्थापना कर तथा पेंशन फंड विधेयक को विधानसभा से पारित कर राज्य ने इस दिशा में एक मजबूत विधायी आधार भी प्रदान किया है। ई-ऑफिस, ऑनलाइन सेवाओं और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से कर्मचारियों की कार्यक्षमता को सशक्त बनाया गया है, वहीं प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रमों के जरिए उन्हें बदलते समय के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।



