कर्मचारी हलचल

मध्‍य प्रदेश के समय से प्र‍चलित नियम में बदलाव

छत्‍तीसगढ़ सरकार ने राज्‍य के कर्मचारी संगठनों के हित में बड़ा  बदलाव किया है

CG News रायपुर। छत्‍तीसगढ़ सरकार ने राज्‍य के कर्मचारी संगठनों के हित में बड़ा  बदलाव किया है। सरकार ने मध्‍य प्रदेश के समय से चले आ रहे नियम को बदल दिया है। इससे अब कर्मचारी संगठनों को हर साल मान्‍तया लेने की जरुरत नहीं पड़ेगी।

क्‍या है मान्‍यता प्राप्‍त कर्मचारी संगठन

जानकारों के अनुसार प्रदेश में शासकीय सेवकों के कई संगठन सक्रिय हैं, लेकिन इनमें से कुछ ही संगठनों को सरकार से मान्‍यता प्राप्‍त रहता है। शासकीय सेवकों से जुड़े विषयों पर वार्ता केवल मान्‍यता प्राप्‍त संगठनों से ही सरकार करती है। ऐसे संगठनों की तरफ से किए जाने वाले पत्र व्‍यवाहार में सरकार की तरफ से अनिवार्य रुप से उत्‍तर दिया जाता है।  

जानिए- कर्मचारी संगठनों की मान्‍यता का क्‍या है नियम

कर्मचारी संगठनों की मान्‍यता का फैसला हर वर्ष होता है। सरकार ने मान्‍यता प्राप्‍त करने के लिए कर्मचरी संगठनों को आवेदन करना पड़ता है। इस आवेदन में चार बिंदुओं पर जानकारी देनी पड़ती है। इसके आधार पर सरकार मान्‍यता प्रदान करती है। मौजूदा नियमों में मान्‍यता किसी भी साल में 31 दिसंबर तक के लिए दी जाती है। वर्ष खत्‍म होने के साथ ही मान्‍यता समाप्‍त हो जाती है फिर नए सिरे से आवेदन की प्रक्रिया करनी पड़ती है।

CG News यह हो रही है समस्‍या

मान्‍यता के इस नियम में कई बार कर्मचरी संगठनों को महज तीन- चार महीने के लिए मान्‍यता मिल पाती है। दरअसल, आवेदन करने के बाद उसके परीक्षण आदि में समय लग जाता है। इसके बाद मान्‍तया का आदेश जारी किया जाता है।

कर्मचारी संगठनों के मान्‍यता नियम में बदलाव

कर्मचरी- अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि सरकार ने कर्मचारी संगठनों की मान्‍यता को लेकर मध्‍य प्रदेश के समय से प्र‍चलित नियम में बदलाव किया है। अब कर्मचारी संगठनों की मान्‍यता संगठन की निर्वाचित बॉडी के कार्यकाल तक के लिए दी जाएगी। मसल, किसी संगठन का चुनाव तीन वर्ष में एक बार होता है तो उस संगठन की मान्‍यता तीन वर्ष के लिए होगी।

CG News  फेडरेशन ने जताया सरकार का आभार

प्रदेश के कर्मचारियों और अधिकारियों के संगठनों का प्रतिनिधित्‍व करने वाले सबसे बड़े संगठन कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन ने सरकार के इस फैसले का स्‍वागत किया है। फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा, प्रवक्‍ता जीआर चंद्रा और चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि मान्‍तया के नियमों में बदलाव को लेकर फेडरेशन की तरफ से लंबे समय से मांग की जा रही थी, फेडरेशन ने इसको लेकर आंदोलन भी किया था।

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संयोजक कमल वर्मा ने सरकार के इस फैसले का स्‍वागत करते हुए फेडरेशन के नेतृत्‍व में कर्मचारी संगठनों की बड़ी जीत बताया है। उन्‍होंने बताया कि फेडरेशन की तरफ से इस विषय को निहारिका बारिक कमेटी के सामने  भी रखा था। जीएडी सचिव अविनाश चंपावत और उप सचिव शैलभ साहू फेडरेशन के संपर्क में रहते हुए यह ऐतिहासिक बदलाव को अंतिम रुप दिया।  

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